सुसनेर के पास स्थित गो-अभ्यारण्य सालरिया में देखरेख के अभाव में गायों की लगातार मौत हो रही है। करीब 3 दिन पहले राजस्थान से आए गो रक्षकों ने मृत गायों को लापरवाही पूर्वक जंगल में फेंकने का वीडियो जारी किया था। गो-अभ्यारण्य के अधिकारी वीडियो को पुराना व गलत बता रहे हैं। बुधवार को राजस्थान व मप्र के करीब 300 युवक अभ्यारण्य पहुंचे। उन्होंने गायों की स्थिति देखने के बाद नारेबाजी भी की। इन युवकों का कहना है कि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इधर तीन दिन पहले जारी हुए इस वीडियो में गो-अभ्यारण्य के मजदूरों द्वारा कुछ मृत गायों को ट्राली में भरने के साथ ही एक मृत गाय को खींचकर ले जाने के बाद अभयारण्य क्षेत्र में ही जेसीबी से खोदी गई चौड़ी नालियों में पटकते दिखाया जा रहा है।
अधिकारी बोले- पुराना है वीडियो : उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग आगर मालवा डाॅ. एसवी कौसर वाल का दावा है कि जो वीडियो वायरल हुआ है वह पुराना है। अभयारण्य में पर्याप्त भूसा है तथा ठीक प्रकार से गायों की देखभाल हो रही है। उन्होंने बुधवार को युवकों के पहुंचने तथा नारेबाजी करने की घटना से भी इनकार किया।
पशुपालन मंत्री ने कहा- दफनाने का तरीका गलत
मामले में जब पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव का कहना है कि वायरल हुआ वीडियो उन्होंने देखा है। मृत गायों को दफनाने की प्रक्रिया गलत है। पहली विजिट के दौरान मुझे गायों की संख्या अलग-अलग अधिकारियों ने अलग-अलग बताई थी। इसके बाद प्राथमिक रूप से जांच कराई तो 2400 गाय अभयारण्य में पाई गई। अभी कुछ और गायों को लाकर रखा गया है। अभयारण्य में चल रही अनियमितता की जांच कराई गई है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मृत गायों को दफनाने के लिए ले जाते मजदूर। नाली में फेंकी गई मृत गायें।
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source https://www.bhaskar.com/mp/shajapur/news/mp-news-dead-cows-being-thrown-into-the-open-instead-of-burying-the-cow-sanctuary-in-salaria-063010-6730033.html
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