मंडीदीप/भोपाल (सुनील यादव ) .इस पुल की हालत देखिए क्योंकि तीन माह से यह ऐसी ही स्थिति में है...भोपाल से मंडीदीप के बीच स्थित इस बेतवा पुल से रोजाना करीब 35 हजार वाहन गुजरते हैं, लेकिन इस गंभीर लापरवाही से जिम्मेदार बेखबर हैं। 35 साल पुराना यह पुल पहले से ही जर्जर है। इसके ठीक बगल में ही नए पुल का निर्माण मप्र रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन(एमपीआरडीसी) कर रहा है। नया पुल बनाने के लिए पुराने पुल के नीचे की मिट्टी खोद दी गई है। ऐसे में यहां हादसा हो सकता है। लेकिन जिम्मेदार तर्क दे रहे हैं कि स्टापर लगाकर पुल को वन-वे कर ट्रैफिक को गुजारा जा रहा है। एमपीआरडीसी द्वारा भोपाल-जबलपुर फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत मिसरोद कॉरिडोर से बिनेका गौहरगंज तक 49 किलोमीटर के दायरे का कांट्रेक्ट दिल्ली की सीडीएस कंपनी को दिया गया है।
दरअसल, नेशनल हाईवे क्रमांक 12 पर बेतवा नदी पर पुराने पुल के पास नया पुल बनाया जा रहा हैं। नए पुल के लिए पुराने पुल के नीचे की मिट्टी खोद दी गई है। यहां ट्रैफिक चलता रहता है, ऐसे में यह कभी भी धंस सकता है।
- 25 किमीदूर है भोपाल से यह पुल
- 03 माह से ऐसी ही स्थिति में है बेतवा पुल
- 35 साल पुराना है यह पुल, अब पूरी तरह जर्जर
49 किमी में.... तीन बड़े पुलों का निर्माण, लेकिन रफ्तार धीमी
एमपीआरडीसी द्वारा भोपाल-जबलपुर फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत मिसरोद कॉरिडोर से बिनेका गौहरगंज तक 49 किलोमीटर के दायरे का कांट्रेक्ट दिल्ली की सीडीएस कंपनी को दिया गया है। जो 49 किमी में 3 बड़े पुल कलियासोत, बेतवा एवं बारना का निर्माण कर रही है। इसके अलावा 26 मध्यम समेत कुल 80 छोटी-बड़ी पुल-पुलिया बना रही हैं। कंपनी द्वारा लगातार यहां लेटलतीफी की जा रही है। लेकिन यहां कार्य काफी धीमी रफ्तार से चल रहा है।
2010 में बनी योजना अब तक अधूरी... लेकिन लापरवाही पूरी
एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल का कहना है कि एमपीआरडीसी का टेनलेन प्रोजेक्ट बेहद सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। इसी के तहत नए पुल का निर्माण होना है। 2010 में बनाई गई यह योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
हमने मिट्टी भरवा दी है
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/betwa-bridge-between-bhopal-and-mandideep-crumbling-35-thousand-vehicles-pass-through-it-every-day-126873044.html
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