ग्वालियर| गलत तथ्यों के साथ हाईकोर्ट में याचिका पेश करने के आरोपी विजय शाक्य का पता भी गलत निकला। जुर्माने की राशि की वसूली के लिए जब प्रशासन की टीम याचिका द्वारा लिखाए गए पते पर पहुंची तो वह गलत निकला। मंगलवार को इस मामले की कोर्ट में सुनवाई हुई।एसडीएम प्रदीप तोमर ने बताया कि आरोपी विजय शाक्य का पता गलत है। इस पर कोर्ट ने आरोपी को जमानती वारंट से तलब किया है।
दरअसल, विजय शाक्य ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। इसमें बताया था कि उसके भाई जितेंद्र शाक्य को अकारण जेल में बंद कर रखा है। शासन ने जवाब पेश करते हुए आरोप का खंडन करते हुए दस्तावेज प्रस्तुत किए। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए विजय शाक्य पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जब विजय ने जुर्माना नहीं भरा तो कोर्ट के आदेश पर कलेक्टर ने आरआरसी (रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की। इसके क्रियान्वयन के लिए जब तहसीलदार याचिका में बताए गए पते पर पहुंचे तो पता ही गलत निकला। इसकी जानकारी मंगलवार को कोर्ट को दी गई। इस पर कोर्ट ने आरोपी विजय शाक्य को जमानती वारंट से तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी।
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source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-the-petitioner39s-address-turned-out-to-be-wrong-the-court-summoned-the-bailable-warrant-to-recover-the-fine-072617-6713193.html
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