Monday, August 31, 2020

निजी अस्पताल बिना वेंटीलेटर के रखते हैं कोरोना पॉजिटिव मरीज हालत बिगड़ने पर कर देते हैं मेडिकल अस्पताल के लिए रवाना

यूपी के एक प्रभावशाली व्यक्ति रविवार को अपने कोविड ग्रस्त परिजन के लिए देर रात मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोरोना वार्ड में वेन्टीलेटर वाला बेड तलाश रहे थे। उन्हें थोड़े से प्रयासों के बाद वांछित सुविधाएँ मिल गईं, लेकिन जब दैनिक भास्कर ने इस प्रकरण की जाँच-पड़ताल की तो पता चला कि बिना वेन्टीलेटर सुविधा वाले एक निजी अस्पताल ने इस मरीज को भर्ती कर रखा था। जब मरीज की हालत बिगड़ी तो उसे एक अन्य निजी अस्पताल बिना यह जानकारी लिए रिफर कर दिया कि वहाँ बेड है या नहीं? जब वहाँ बेड नहीं मिला तो उनके परिजनों ने अपने संपर्कों का उपयोग कर मध्य रात्रि के बाद मेडिकल में वेन्टीलेटर वाला बेड तो जुगाड़ कर लिया लेकिन यह प्रकरण जबलपुर जिले की मेडिकल सुविधाओं की दुर्दशा बता रहा है।

मेडिकल में अव्यवस्था से मरीज क्षुब्ध
आँकड़े बताते हैं कि अब तक जबलपुर में जो 82 मौतें हुईं हैं, उनमें से केवल 9 ही निजी अस्पतालों के खातों में आईं हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जिम्मेदार सूत्रों का कहना है कि कम से कम 3 दर्जन ऐसे मरीजों को हालत बिगड़ने पर निजी अस्पतालों ने मेडिकल रिफर किया है, जिनकी बाद में मौत हो गई। हालाँकि बहुत से गंभीर मरीजों को मेडिकल में बचाया भी गया है। यह बात और है कि मेडिकल में भर्ती मरीज वहाँ की अव्यवस्थाओं से बेहद क्षुब्ध हैं। वो खुद या उनके परिजन कहते हैं कि जिन मरीजों के पास प्राइवेट हॉस्पिटल्स का भारी-भरकम बिल देने का इंतजाम नहीं है, क्या मेडिकल उन्हें शुरूआत जैसी बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध नहीं करा सकता?

हाथ खड़े कर देते हैं निजी अस्पताल
बहरहाल मेडिकल में जिन मरीजों को निजी अस्पतालों से भेजा जा रहा है, वो या उनके परिजन बताते हैं कि हालत बिगड़ते ही कुछ निजी अस्पताल हाथ खड़े कर देते हैं। इस दौरान उनका बिल भी अच्छा खासा हो जाता है, ऐसी स्थिति में कोई दूसरा चारा नहीं बचता। परिजनों का कहना है कि अगर उन्हें पहले से पता रहे कि गंभीर होने पर कुछ निजी अस्पताल इलाज नहीं करेंगे तो वो सीधे ही मेडिकल चले जाएँगे।
सीधे मेडिकल आएँ
जिन मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक समस्या है या वो बेहतर इलाज चाहते हैं तो समय पर मेडिकल आ जाएँ। अभी यह देखा जा रहा है कि बड़ी संख्या में मरीज निजी अस्पतालों में हालत बिगड़ने पर मेडिकल भेज दिए जाते हैं तब यहाँ के चिकित्सकों के पास बहुत कम अवसर बचते हैं। मेडिकल में इलाज के पर्याप्त इंतजाम और अनुभवी चिकित्सक हैं।
-डॉ. प्रदीप कसार डीन मेडिकल कॉलेज अस्पताल
टीम नजर रख रही
निजी अस्पतालों को कहा गया है कि वे भर्ती कोविड मरीज को गम्भीर होने पर मेडिकल न भेजें बल्कि वहीं इलाज करें। प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हमारे साथ ही मेडिकल कॉलेज के 6 डॉक्टर्स की टीम मॉनीटरिंग कर रही है।
- डॉ. रत्नेश कुररिया

कलेक्टर ने कहा-निजी अस्पतालों ने 20 प्रतिशत तक दरें कम करने की पेशकश की है, शासन से मार्गदर्शन माँगा

निजी अस्पतालों ने कोरोना इलाज में दरों में 10 से 20 प्रतिशत की कमी करने की पेशकश कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से की है। इन दरों में एकरूपता न होने की शिकायत पर कलेक्टर ने रविवार को निजी अस्पतालों के मालिकों और मध्यप्रदेश नर्सिंग होम्स एसोसिएशन से बातचीत की थी। उसी तारतम्य में सोमवार को एसोसिएशन की बैठक हुई। कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि रेट में जो कमी करने की पेशकश आई है, उस पर विचार किया जा रहा है, शासन से मार्गदर्शन भी लिया जाएगा। दरों में और कमी कैसे हो सकती है, इस पर विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है। दूसरी ओर एसोसिएशन ने अपने प्रेस नोट में कहा है कि बैठक में यह तय किया गया है कि बेड उपलब्ध होने पर जनरल वार्ड के लिए 8000 रुपए, सेमी प्राइवेट के लिए 11000, प्राइवेट के लिए 15000 और आईसीयू के लिए 20000 रुपए लिए जाएँगे। इसके अतिरिक्त जो सुविधा ली जाएगी, उसका चार्ज अलग होगा। बैठक में अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र जामदार, डॉ. राजेश धीरावाणी, डॉ. विवेक दीवान, डॉ. संजय नागराज, सौरभ बड़ेरिया, सरबजीत सिंह मोखा और केके साहू उपस्थित थे।

मेडिकल में डॉक्टर बढ़ाएँगे
कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा है कि आम मरीजों को बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए मेडिकल में चिकित्सक बढ़ाए जाएँगे, साथ ही निजी अस्पतालों को आईसीयू वार्ड बढ़ाने को कहा है। प्रशासन ने मेडिकल में भर्ती के लिए एक हैल्पलाइन नंबर 8103707025 भी जारी किया है।



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Private hospitals keep the corona positive patients without ventilator, if the condition worsens, they leave for the medical hospital


source https://www.bhaskar.com/local/mp/jabalpur/news/private-hospitals-keep-the-corona-positive-patients-without-ventilator-if-the-condition-worsens-they-leave-for-the-medical-hospital-127673529.html

बाढ़-बारिश से 51 मकान क्षतिग्रस्त, दो ढहे, सड़क-पुलिया क्षतिग्रस्त, फसलें हो गईं चौपट


शनिवार रातभर व रविवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद सोमवार को जब मौसम खुला और नदी-नालों का पानी उतरा तो इससे हुई नुकसानी का मंजर नजर आया। नगर व ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर 51 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से दो पूरी तरह ढह गए जबकि नदी-नालों किनारे खेतों में फसलों पर कीचड़ फैलने से नुकसान हुआ।

कई पुलियाओं की एप्रोच रोड कट गई।
नगर में पीलियाखाल के पानी के साथ सड़कों पर कीचड़ फैल गया था। भीमाखेड़ी अंडरब्रिज में निकासी नहीं होने से पानी भरा है। सोमवार को यहां रिक्शा व अन्य वाहन फंसे।

हाथीखाना पुरानी पुलिया पूरी तरह जर्जर हो गई। फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं।

जावरा में पॉलिटेक्निक रोड किनारे निकासी के लिए जेसीबी से खुदाई की थी, इससे यहां गड्‌ढा बन गया। हादसे का अंदेशा है।

मंडावल में नाला उफान पर होने से पुलिया की एप्रोच रोड ही कट गई। जावरा-सीतामऊ रोड पर असावती खाल में डायवर्शन पुलिया के बीच गड्‌ढा हो गया। चंबल, मलेनी, कमला, पंगला, रोजड़ व निनोरी नदी किनारे कई खेतों में बाढ़ के पानी से फसलें खराब हुई, जिसका सर्वे किया जा रहा है।

तहसीलदार नित्यानंद पांडेय ने बताया जिनका नुकसान हुआ, उनकी प्रारंभिक जानकारी जिले में भेजी है। बाकी विस्तृत सर्वे करवाकर नुकसानी की नियमानुसार क्षतिपूर्ति करवाने का प्रयास करेंगे।

बारिश से अनाज भीगा, खाद का नुकसान

खारवाकलां में बारिश से सोमवार को दुकानों में पानी भरा रहा। कहीं अनाज भीगा तो कई खाद की बोरियां गीली हाे गईं। किराना सामान भी खराब हो गया।

मंडावल चौराहा स्थित प्राथमिक कृषि साख समिति व खाद्य भंडार में भी पानी भर गया। इससे खाद, चावल, नमक भीग गया। लोगों ने निजी खर्च से जेसीबी मंगवाकर पानी निकासी की व्यवस्था की।

सुखेड़ा में दर्जनों दुकानें उजड़ीं
बस स्टैंड स्थित दर्जनों दुकानें बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। समीप ही ईदगाह की दीवार और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की दीवार भी डैमेज हो गई।


स्कूल का रिकाॅर्ड खराब- रियावन |

ठिकरिया में प्रावि ठिकरिया में पानी भर गया। किताबें सहित खेल सामग्री खराब हो गई।



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51 houses damaged due to flood, rain, two collapsed, road-culvert damaged, crops damaged


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/jaora/news/51-houses-damaged-due-to-flood-rain-two-collapsed-road-culvert-damaged-crops-damaged-127673518.html

चौपाटी टंकी भरने वाली पाइप लाइन फूटी, आज भी नहीं मिलेगा पानी


फिल्टर प्लांट से चौपाटी की टंकी तक जाने वाली मुख्य पाइप लाइन शांतिवन के पास फूट गई। इस कारण सोमवार सुबह टंकी नहीं भरी जा सकी और पानी सप्लाई नहीं हुआ। मंगलवार को भी टंकी नहीं भरने से चौपाटी क्षेत्र में पानी सप्लाई नहीं होगा। इससे 5 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित होंगे।
नगरपालिका ने फिल्टर प्लांट से चौपाटी टंकी भरने रविवार रातभर मोटर चालू की लेकिन सोमवार सुबह पता चला कि टंकी खाली है।

इसके बाद कर्मचारी लाइन वाली जगह से जांच करने निकले तो मालूम हुआ कि चौपाटी शांतिवन मुक्तिधाम की दीवार के पास पानी लीकेज हो रहा है। इसके बाद जेसीबी से यहां खुदाई की।

पहले तो पानी को मोटर लगाकर निकाला और फिर मजदूरों से कीचड़ साफ करवाया। इसके बाद जेसीबी से खुदाई की गई लेकिन खोदने पर मालूम हुआ कि जहां पाइप लाइन निकल रही है, वहीं पर मुक्तिधाम परिसर की बाउंड्रीवाॅल बनी है।

इसे तोड़कर लाइन दुरुस्त करने के लिए शांतिवन समिति को जानकारी देना होगी। फिर इसे तोड़कर दुरुस्त करने में एक दिन और लगेगा। मंगलवार को भी चौपाटी टंकी से सप्लाई मुश्किल है। सोमवार शाम 6 बजे सीएमओ डॉ. केएस सगर, एई अरविंद गंगराड़े मौके पर पहुंचे और पानी सप्लाई इंचार्ज रशीद खान एवं सुपरवाइजर फतेहलाल माली से वस्तुस्थिति की जानकारी ली।

वहीं शांतिवन समिति पदाधिकारियों से बात करके पाइप लाइन दुरुस्त करने का रास्ता निकाला। हालांकि शांतिवन समिति सचिव प्रकाश छाजेड़ का कहना है कि पाइप लाइन बाउंड्रीवाॅल के सहारे बाहर तरफ है। बिना तोड़े भी इसे दुरुस्त किया जा सकता है।

सीएमओ का कहना है कि हम भी प्रयास करेंगे कि बिना तोड़े काम हो जाए। बहुत जरूरी होने पर ही तोड़ेंगे अन्यथा नहीं।

एक दिन चौपाटी व सर्किट हाउस एरिया व दूसरे दिन फाटक एरिया में होता है जलप्रदाय

चौपाटी पर जनपद परिसर में स्थित टंकी से एक दिन सर्किट हाउस एरिया और दूसरे दिन फाटक एरिया में पानी सप्लाई किया जाता है।

सोमवार को मंशापूर्ण मंदिर रोड क्षेत्र, खारीवाल कॉलोनी, तिलकनगर, विवेकानंद कॉलोनी, मित्रनगर में पानी सप्लाई होना था जो नहीं हुआ। वहीं मंगलवार को चौपाटी, गांधी कॉलोनी, शास्त्री नगर, सर्किट हाउस एरिया, बटालियन क्षेत्र में पानी मिलना था जो नहीं मिलेगा।

नपा एई गंगराड़े का कहना है कि जैसे ही लाइन दुरुस्त होगी, प्रयास करेंगे कि दोनों एरिया में पानी सप्लाई कर सकें।



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Chowpatty tank filling pipeline broken, water will not be available even today


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/jaora/news/chowpatty-tank-filling-pipeline-broken-water-will-not-be-available-even-today-127673508.html

युवती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, परिजन बोले : फांसी लगाई


शबनम टॉकीज गली में सोमवार को किराये के मकान में एक युवती की संदिग्ध मौत हो गई। सिटी थाने के सब इंस्पेक्टर रघुवीर जोशी एवं मौके पर पहले पहुंचे एएसआई आरके बघेल ने बताया साेमवार शाम 4 बजे सूचना मिली। महक बानो पिता असलम अली (18) का शव घर के तीसरे माले पर कमरे में फर्श पर पड़ा था। परिजन ने बताया दोपहर करीब 1 बजे महक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


पुलिस को सूचना लेट मिली।
बताया जा रहा है कि महक की मां व पिता का सालों पहले तलाक हो गया था। इसके बाद मां का निधन हो गया और पिता भी साथ
नहीं रहते थे। महक लंबे समय से मामा इमरान व नानी हसीना बी के पास रहती है।

उसने आत्महत्या क्यों की यह स्पष्ट नहीं है। परिजन के मुताबिक उसने दो दुपट्‌टे जोड़कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस मामले में स्पष्ट कुछ नहीं बता रही है। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

खीमाखेड़ी में नवविवाहिता ने लगाई फांसी, जांच शुरू

आईए थाना क्षेत्र के गांव खीमाखेड़ी में रविवार को अनिता उर्फ नीनू पति ईश्वरलाल (20) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सब इंस्पेक्टर राकेश मेहरा ने बताया अनिता का मायका नागदा के पास गांव रूपेटा है। इनकी शादी दो-ढाई साल पहले हुई थी।

रविवार को अनीता ने ससुराल में ही पेटदर्द की बात कही और पति को गांव में दवाई लेने भेज दिया। खुद कच्चे घर में कमरे में गई और पाट से स्कार्फ का फंदा बनाकर झूल गई। सास-ससुर नए घर में थे। मौत का कारण स्पष्ट नहीं लेकिन शव पीएम के बाद रूपेटा मायके वाले ले गए।

वहीं अंतिम संस्कार हुआ। चूंकि मृतक नवविवाहिता है इसलिए सीएसपी प्रदीपसिंह राणावत ने इसकी जांच शुरू कर दी है।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/jaora/news/girl-dies-in-suspicious-circumstances-family-members-say-hanged-127673503.html

कल खुलेगी मंडी, फिर अनिश्चितकाल तक बंद, कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे

शुक्रवार से बंद दोनों कृषि उपज मंडी 1 सितंबर यानी बुधवार को केवल एक दिन के लिए खुलेगी। इसके बाद फिर बंद रहेगी। मॉडल मंडी एक्ट के विरोध में 3 से 5 सितंबर तक व्यापारी हड़ताल पर हैं।

व्यापारी संगठन अध्यक्ष पवन पाटनी का कहना है कि मॉडल मंडी एक्ट में प्राइवेट मंडियां खुलेंगी और वे टैक्स फ्री हो जाएंगी तो सरकारी मंडियों का औचित्य नहीं रहेगा। हमारा भी टैक्स आधा करें। लाइसेंस आजीवन करें। वहीं 3 सितंबर से ही मंडी कर्मचारी संगठन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।

इन्होंने सोमवार को एसडीएम एवं भारसाधक अधिकारी को ज्ञापन दिया। इनका कहना है हमें राज्य सरकार के कर्मचारी बनाएं तथा नौकरी की सुरक्षा दें क्योंकि प्राइवेट मंडी यानी मॉडल एक्ट लागू होने के बाद हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। मांगें पूरी होने तक हम अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर रहेगे।

अब यदि कर्मचारियों में समन्वय बैठ जाता है तब तो 7 सितंबर यानी सोमवार को मंडी खुल जाएगी अन्यथा नहीं खुलेगी। वहीं बुधवार को एक दिन के लिए मंडी खुलेगी तो लहसुन मंडी में तो पहले से खड़े वाहनों में रखी लहसुन ही नीलाम हो पाएगी इसलिए किसान रविवार तक लहसुन लेकर नहीं आएं।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/jaora/news/market-will-open-tomorrow-then-closed-indefinitely-workers-will-go-on-strike-127673495.html

मेजर की याद में साइकिल रैली निकली

आशुतोष क्रिकेट क्लब व जिला खेल संघ ने राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया। मेजर ध्यानचंद की याद में मनाए जाने वाले इस दिन पर एक साइकिल रैली वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान रखते हुए निकाली गई। इसमें सीमित संख्या में खिलाड़ी व नागरिक शामिल हए।
रैली में शामिल डॉ. लेखराज पाटीदार, डॉ.अमित सिंह कुशवाह, डॉ. देवेन्द्र शाह ने बताया खेल दिवस से शहर में बच्चों व बुजुर्गों को वर्तमान परिस्थितियों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अभियान की शुरुआत की तथा इसे निरंतर जारी रखेंगे क्योंकि अब हमें इन्हीं परिस्थितियों में जीना है। रैली का प्रारंभ जिला खेल संघ के संयोजक प्रदीप उपाध्याय ने किया। रैली नेहरू स्टेडियम से दो बत्ती, न्यू रोड, लोकेन्द्र टॉकीज, प्रताप सर्कल, राम मंदिर, रतनपुरी होते हुए हनुमान ताल पहुंची। यहां सभी खेल संगठनों, सामाजिक संस्थाओं ने मेजर ध्यानचंद की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। साथ ही देश के खेल मंत्री से मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए अपील की। जिला टेबल टेनिस संघ के अध्यक्ष अखिलेश गुप्ता, आशुतोष क्लब के अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, जूलियस चाको, चीकू चानोदिया, मनीष सोनी, राकेश मोदी, देवराज यादव, डॉ. मनीष जोशी, क्रीड़ा भारती सचिव अनुज शर्मा, निखिल मिश्रा आदि मौजूद थे।

आजाद होते ही मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न मिलना था, सभी ने की मांग

भारतीय खेल इतिहास के भीष्म पितामह खेल सम्राट हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद हॉकी के सिर्फ खिलाड़ी नहीं थे अब एक अद्भुत किंवदंती के रूप में पूरी दुनिया में जाने जाते थे। उन्होंने अपने खेल कौशल से भारत को हॉकी का सिरमौर बनाया था अपितु विश्व खेल जगत में अपनी ईमानदारी निष्ठा और परिश्रम से अपने व्यक्तित्व को स्थापित किया था ।
हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले भारत को तीन-तीन ओलिम्पिक स्वर्ण पदक दिलवाने में अपना योगदान देने वाले मेजर ध्यानचंद का जन्म दिवस राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शिक्षक सांस्कृतिक संगठन ने उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने की मांग की। खेल व शिक्षा जगत के महानुभावों की परिचर्चा में अधिकांश वक्ताओं ने उन्हें शीघ्र अति शीघ्र भारत रत्न दिए जाने की मांग की। संस्था अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए भारतीय खेल इतिहास के अद्भुत पुरोधा निरूपित किया।
क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष वरिष्ठ क्रीडा प्रशिक्षक डॉ. गोपाल मजावदिया, आशुतोष क्रिकेट क्लब के संस्थापक ललित मोयल, क्रीड़ा भारती के सचिव अनुज शर्मा, साहित्यकार चिंतक डॉ. मुरलीधर चांदनी वाला, खेल चेतना मेले के सचिव मुकेश जैन, जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के चेयरपर्सन निमिष व्यास, खेल चेतना मेला रेल संयोजक सुनील जैन, सेवानिवृत्त शिक्षक चंद्रकांत वायगावकर, खेल अनुदेशक चंद्रशेखर लश्करी, पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम तोगड़े, सचिव दिलीप वर्मा, देवेंद्र वाघेला, भारती उपाध्याय सहित अन्य ने अपनी बात रखी।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/cycle-rally-turns-out-in-memory-of-major-127673480.html

4392 अति कम वजन के बच्चे, स्वास्थ्य सुधार के लिए अभियान चलाएं

जिले में 4392 अति कम वजन के बच्चे हैं। इनके स्वास्थ्य सुधार के लिए महिला बाल विकास अभियान चलाएं। अच्छे नतीजे आना चाहिए।
यह बात अटल बाल मिशन समिति की बैठक कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने दिए। उन्होंने कम वजन वाले बच्चों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने, आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट खिलवाने के लिए कहा। आयुर्वेद के पौष्टिक चूर्ण तथा मालिश तेल भी करने को कहा। कलेक्टर ने बताया कुपोषण उन्मूलन के लिए जिले में चार नवाचार किए जा रहे हैं। इसकी जानकारी सरकार को भेज दी है। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा संचालित कुपोषण मुक्त रतलाम अभियान भी पहले की तरह चलता रहेगा।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/4392-extremely-underweight-children-campaign-for-health-improvement-127673478.html

आज से हड़ताल, ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं होगी, स्कूलों में न तो एडमिशन होगा और नहीं विद्यार्थियों को टीसी देंगे

निजी स्कूलों में मंगलवार से हड़ताल रहेगी। स्कूलों में ना तो एडमिशन होगा और ना ही बच्चों को टीसी दी जाएगी। ऑनलाइन क्लास भी बंद रहेगी। दरअसल माध्यमिक शिक्षा मंडल एप और स्कूल शुरू नहीं करने से निजी स्कूल संचालक नाराज हैं और उन्होंने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। इससे शहर के सभी स्कूल बंद रहेंगे। हड़ताल 10 सितंबर तक चलेगी।

मप्र प्रांतीय अशासकीय शिक्षण संस्था संघ के आह्वान पर सोमवार को होटल पलाश में बैठक रखी गई व बंद की रूपरेखा बनाई गई। वहीं काली पट्टी बांधकर विरोध भी किया। स्कूल संचालकों ने विचार रखे। संचालकों का कहना है कि सरकार द्वारा हर व्यवसाय को खोलने की इजाजत दे दी है तो फिर विद्यालयों को क्यों नहीं खोला जा रहा है। विद्यालय भी खोले जाएं। सम विषम संख्याओं के आधार पर खोलें। माध्यमिक शिक्षा मंडल के 9 से 12 के एप को तत्काल वापस लिया जाए। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का बहिष्कार किया जाएगा। सभी संचालक काला दिवस मनाएंगे। फिर भी अगर सरकार नहीं सुनती है तो विधायकों सांसदों और मंत्रियों को काले झंडे दिखाकर पुतले जलाए जाएंगे। प्रांतीय सचिव दीपेश ओझा, प्रांतीय उपाध्यक्ष रेखा दवे, संभागीय उपाध्यक्ष आनंद जैन, जिला कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश पुरोहित, प्रदेश मीडिया प्रभारी नरेंद्र सिंह राठौर, सोशल मीडिया प्रभारी विशाल चावड़ा, दिनेश मेहता, स्वतंत्र पाल सिंह देवड़ा, विनोद मूणत, रेखा त्रिवेदी आदि संचालक साथीगण उपस्थित रहे।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/from-today-onwards-there-will-be-no-strike-online-education-neither-admission-in-schools-nor-tc-will-be-given-to-students-127673476.html

सीएम हेल्पलाइन में बिजली संबंधी शिकायतों में कमी

मैदानी अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई एवं आपूर्ति की सघन माॅनिटरिंग से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन 181 पर बिजली संबंधित शिकायतों में व्यापक कमी आई है। यह कमी न केवल अन्य बिजली कंपनियों की तुलना में है, बल्कि अगस्त प्रथम कार्य दिवस की तुलना में अगस्त अंतिम कार्यदिवस में भी शिकायतों में कमी आई हैं।
मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक संतोष टैगोर ने बताया कि प्रबंध निदेशक अमित तोमर के निर्देशानुसार सभी 15 जिलों के अधीक्षण यंत्री आपूर्ति एवं उपभोक्ता सेवाओं पर पैनी निगाह रख रहे हैं। इससे शिकायतों में कमी की स्थिति बनी है। कंपनी स्तर पर इसकी रोज समीक्षा की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं में संतुष्टि बरकरार रहे। 31 अगस्त की स्थिति में मप्र में सबसे कम बिजली संबंधी शिकायतें पश्चिम क्षेत्र कंपनी के पंद्रह जिलों की 2219 है।
अगस्त प्रथम कार्य दिवस को शिकायतों की संख्या 2265 थी। वर्षा के बाद भी अब 31 अगस्त की स्थिति में सीएम हेल्पलाइन पर बिजली संबंधी शिकायतों में कमी आई है।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/reduction-in-complaints-related-to-electricity-in-cm-helpline-127673472.html

निजी मंडी के विरोध में 3 से 5 तक रहेगी हड़ताल

माॅडल एक्ट को लेकर मंडी व्यापारी 3 से 5 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल मध्यप्रदेश अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ के आह्वान पर की जा रही है।
रतलाम मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष विनोद जैन लाला एवं सचिव राकेश राठी ने बताया कि केंद्र सरकार के मॉडल एक्ट को मंडियों में लागू नहीं किया जा रहा है जबकि मंडी के बाहर इसे लागू कर दिया गया है। यानी कोई व्यापारी मंडी परिसर में खरीदी करे तो उसे मंडी टैक्स चुकाना होता है। वहीं अनुज्ञा के आधार पर ही मंडी से बाहर माल ले जाया जा सकता है। जबकि यहीं खरीदी कोई व्यापारी मंडी के बाहर करता है तो उसे ना तो लाइसेंस की जरूरत है और ना ही मंडी टैक्स चुकाना पड़ता है। अनुज्ञा भी लेने की जरूरत नहीं। वह बगैर अनुज्ञा के ही कहीं भी माल भेज सकता है। प्रदेश सरकार को मॉडल एक्ट मंडियों के अंदर भी लागू करना चाहिए। प्रदेश सरकार दोहरा रवैया अपनाना बंद करें। इसको लेकर मंडी में सभी व्यापारी 3 से 5 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। इसकी जानकारी हमने मंडी प्रशासन को दे दी है।

हड़ताल के बाद 7 सितंबर से खुलेगी मंडी
3 से 5 सितंबर तक व्यापारी हड़ताल पर रहेंगे, वहीं 6 सितंबर को रविवार है। इससे मंडी में लगातार चार दिन की छुट्टी रहेगी। मंडी दोबारा 7 सितंबर से खुलेगी। इधर मोहर्रम के चलते मंडी सोमवार को बंद रही। वहीं मंगलवार को अनंत चतुर्दशी के चलते बंद रहेगी। यानी इस सप्ताह मंडी सिर्फ बुधवार को ही खुलेगी।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/strike-will-be-from-3-to-5-in-protest-against-private-market-127673470.html

समस्या सुनने नहीं आए तो धरने पर बैठे, कलेक्टर ने बात की तब माने

फसलों को नुकसान का सर्वे करने, फसल बीमा का लाभ देने व बिजली बिल ज्यादा राशि देने सहित किसानों की समस्याओं को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता धारा 144 तोड़कर पुराने कलेक्टोरेट जा पहुंचे। उद्देश्य कलेक्टर को ज्ञापन देने का था। पहले से सूचना देकर समय भी ले लिया था, बावजूद इसके कलेक्टर गोपालचंद्र डाड किसी जरूरी काम से निकल गए।
पूर्व गृहमंत्री भारत सिंह, झाबुआ विधायक व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया और सैलाना विधायक हर्ष विजय गेहलोत, जिलाध्यक्ष राजेश भरावा को जब पता चला तो वे भड़क गए और धरने पर बैठ गए। इतना ही नहीं भूरिया ने ज्ञापन लेने आई एसडीएम शिराली जैन को खरी खोटी सुनाई। लगभग आधे घंटे बाद कलेक्टर डाड ने बात की, तो भूरिया ने उन्हें भी दो टूक कह दिया जब फोन पर बात हुई थी तो यहां रहना चाहिए था। कलेक्टर ने फोन पर ही समझाया, जिससे कांग्रेसी शांत हुए और एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद लौट गए।

सैलाना बस स्टैंड से निकाली रैली

इसके पहले किसान और कांग्रेस नेता सैलाना बस स्टैंड चौराहे पर इकट्ठा हुए। यहां से रैली के रूप में पुराने कलेक्टोरेट के लिए रवाना हुए। बाल चिकित्सालय, कॉलेज रोड, आंबेडकर सर्कल, कोर्ट चौराहों पर होते हुए रैली नारे लगाते हुए पुराने कलेक्टोरेट पहुंचीं। शहर अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, यास्मीन शेरानी, दिनेश शर्मा, वीरेंद्र सिंह सोलंकी, सुशील नागर, राजेश पुरोहित, मंसूर अली पटौदी, अदिति दवेसर, तूफानसिंह सोनगरा, जगदीश पाटीदार, राधेश्याम चौहान भगवती पाटीदार, गौरव पोरवाल आदि उपस्थित रहे।



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युवती की मौत, परिजन बोले-फांसी लगाई, पीएम रिपोर्ट का इंतजार

शबनम टॉकीज गली में सोमवार को किराये के मकान में एक युवती की संदिग्ध मौत हो गई। सिटी थाने के सब इंस्पेक्टर रघुवीर जोशी एवं मौके पर पहले पहुंचे एएसआई आरके बघेल ने बताया साेमवार शाम 4 बजे सूचना मिली।
महक बानो पिता असलम अली (18) का शव घर के तीसरे माले पर कमरे में फर्श पर पड़ा था। परिजन ने बताया दोपहर करीब 1 बजे महक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को सूचना लेट मिली। बताया जा रहा है कि महक की मां व पिता का सालों पहले तलाक हो गया था। इसके बाद मां का निधन हो गया और पिता भी साथ नहीं रहते थे। महक लंबे समय से मामा इमरान व नानी हसीना बी के पास रहती है। उसने आत्महत्या क्यों की यह स्पष्ट नहीं है। परिजन के मुताबिक उसने दो दुपट्‌टे जोड़कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस मामले में स्पष्ट कुछ नहीं बता रही है। बहरहाल, मामले में मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

खीमाखेड़ी में नवविवाहिता ने लगाई फांसी, सीएसपी ने शुरू की जांच
आईए थाना क्षेत्र के गांव खीमाखेड़ी में रविवार को अनिता उर्फ नीनू पति ईश्वरलाल (20) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सब इंस्पेक्टर राकेश मेहरा ने बताया अनिता का मायका नागदा के पास गांव रूपेटा है। इनकी शादी दो-ढाई साल पहले हुई थी। रविवार को अनीता ने ससुराल में ही पेटदर्द की बात कही और पति को गांव में दवाई लेने भेज दिया। खुद कच्चे घर में कमरे में गई और पाट से स्कार्फ का फंदा बनाकर झूल गई। सास-ससुर नए घर में थे। मौत का कारण स्पष्ट नहीं लेकिन शव पीएम के बाद रूपेटा मायके वाले ले गए। वहीं अंतिम संस्कार हुआ। चूंकि मृतक नवविवाहिता है इसलिए सीएसपी प्रदीपसिंह राणावत ने इसकी जांच शुरू कर दी है।



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शिकायतों पर नहीं दिया ध्यान, बिजली कंपनी और कृषि अफसरों को नोटिस

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने नोटिस जारी किए हैं। इतना ही नहीं उप संचालक कृषि को हर दिन विकासखंड के अधिकारियों से बात के लिए कहा है। वे विभागों में लेवल-वन स्तर पर शिकायतें अटेंड किए जाने से नाराज थे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए वेतनवृद्धि रोकी जाएगी। जिला अधिकारी कार्रवाई नहीं करेंगे तो उन पर कलेक्टर कार्रवाई करेंगे। सीईओ जिला पंचायत संदीप केरकेट्टा, अपर कलेक्टर जमुना भिड़े तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यूं चली बैठक : पात्रता पर्ची के जवाब पर फटकार, हमें परिणाम दो, स्टोरी नहीं चाहिए

  • सीएम हेल्पलाइन - सभी विभाग शिकायतों, आवेदनों का निराकरण ठीक से करें। शिकायत अटेंड नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
  • नीट व जेइई परीक्षा - विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने तथा वापस लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था करने के लिए जिला परिवहन अधिकारी को जिम्मेदारी दी। इस पूरे काम के लिए डिप्टी कलेक्टर अभिषेक गहलोत सहित चार अधिकारियों की टीम भी बनाई।
  • बीपीएल को पात्रता पर्ची - हितग्राहियों को 3 सितंबर को कार्यक्रम कर पात्रता पर्ची का वितरण किया जाएगा। नगर निगम तथा अन्य अधिकारियों ने पर्ची में देरी को लेकर विभिन्न कारण बताए तो कलेक्टर ने लगभग फटकारते हुए कहा हमें परिणाम चाहिए, स्टोरी मत सुनाओ।
  • बारिश - तेज बारिश से नुकसान की जानकारी अपर कलेक्टर को नोट कराएं। अतिक्रमण के कारण जल का प्राकृतिक बहाव अवरुद्ध हुआ है, ऐसे अतिक्रमण स्थानों की जानकारी राजस्व अधिकारी उपलब्ध कराएं। सारे अतिक्रमण हटाए जाएंगे। राजस्व अधिकारी नुकसान की प्रतिपूर्ति के लिए आरबीसी 6-4 में प्रकरण तैयार करें।
  • वनाधिकार अधिनियम - सैलाना क्षेत्र में प्रगति नहीं दिखाई देने पर अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों सचिवों द्वारा काम नहीं करने की जानकारी दी। कलेक्टर ने ऐसे सचिवों को निलंबित करने के निर्देश दे दिए।
  • फसल बीमा - उपसंचालक कृषि, उपायुक्त सहकारिता तथा जीएम जिला सहकारी बैंक अपने अधिकतम स्टाफ को लगाकर समय सीमा में काम पूरा करें।


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दस महीने से फरार घोटालेबाज सीएमओ अरुण ओझा गिरफ्तार

हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद नामली के घोटालेबाज सीएमओ अरुण ओझा को पुलिस ने सोमवार को रतलाम में उसके जवाहर नगर स्थित मकान से गिरफ्तार कर लिया। घोटालों के दो मामलों में वह 10 महीने से फरार था। गिरफ्तारी नहीं होने के कारण पुलिस की लापरवाही को लेकर पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष तूफान सिंह सोनगरा और कांग्रेस नेता दिलीप जाट ने 13 अगस्त को याचिका दाखिल की थी। जिस पर हाईकोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा था। फरार साथी तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष नरेंद्र सोनावा और ठेकेदार सैयद अख्तर अभी फरार हैं।
नामली के बहुचर्चित प्रधानमंत्री आवास व कोचा तालाब घोटाले में तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष नरेंद्र सोनावा, मुख्य नपा अधिकारी अरुण ओझा तथा तालाब के ठेकेदार सैयद अख्तर के खिलाफ नामली थाने में प्रकरण दर्ज हुआ है तभी से आरोपी फरार थे। 10 महीने तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो 13 अगस्त को पूर्व नप उपाध्यक्ष तूफान सिंह सोनगरा व कांग्रेस नेता दिलीप जाट ने हाईकोर्ट इंदौर में याचिका दायर की।

पहला घोटाला- कोचा तालाब
कांग्रेस नेता दिलीप जाट ने 20 मई 2019 को नामली के कोचा तालाब निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। कलेक्टर ने जांच के लिए टीम गठित की। जांच में स्पष्ट हुआ कि नगर परिषद अध्यक्ष नरेंद्र सोनकर सुनावा सीएमओ अरुण ओझा तथा ठेकेदार सैयद अख्तर ने तालाब निर्माण में भ्रष्टाचार कर राशि का गबन किया है। माप पुस्तिका में जवाबदार अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने के बावजूद राशि का भुगतान किया गया है। शासन से प्राप्त 140.29 लाख रुपए के उपयोग में लापरवाही बरती गई है। 1 करोड़ 81 लाख रुपयों का गबन करने के आरोप में 5 जनवरी 2020 को नप अध्यक्ष नरेन्द्र सोनावा, सीएमओ अरुण ओझा तथा ठेकेदार सैयद अख्तर पर प्रकरण दर्ज किया गया।
दूसरा घोटाला- पीएम आवास
नप अध्यक्ष तूफान सिंह सोनगरा व पार्षद प्रकाश कुमावत ने 1 जुलाई 2019 को तत्कालीन कलेक्टर रुचिका चौहान को शिकायत की थी। 10 जुलाई 2019 को जांच अधिकारी पीहू कुरील के नेतृत्व में 10 सदस्यीय दल गठित किया गया था। जांच में स्पष्ट हुआ कि अध्यक्ष नरेंद्र सोनावा व सीएमओ अरुण ओझा द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर कलेक्टर द्वारा अनुमोदित सूची छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से पहली सूची में 22 नाम व दूसरी सूची में 66 नाम जोड़ दिए। वहीं आवास के पैसों को अन्य खातों में ट्रांसफर कर राशि में हेराफेरी की गई। 5 अक्टूबर 2019 को तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल के आवेदन पर अध्यक्ष सोनावा व ओझा पर 409, 420, 467, 471 व भ्रष्टाचार अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया गया था।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/arrested-scam-cmo-arun-ojha-arrested-for-ten-months-127673452.html

हरदा-हाेशंगाबाद जिले में बाढ़ में 8 सब स्टेशन डूबे, 300 खंभे टूटे, 285 ट्रांसफार्मर हुए खराब

नर्मदा नदी में आई बाढ़ से बिजली कंपनी के सर्किल (हाेशंगाबाद और हरदा) जिले में भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ से दाेनाें जिले में 11/33 केवी के 8 सब स्टेशन पानी में डूब गए।

बाढ़ में डूबे सब स्टेशनों के कारण बाढ़ ग्रस्त क्षेत्राें में बिजली की तीन दिनाें से सप्लाई बंद है। हाेशंगाबाद जिले में 6 सब स्टेशन और हरदा में 2 सब स्टेशन से जुड़ी 11 केवी लाइन के 285 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं व 300 खंभे क्षतिग्रस्त हाे गए हैं।

बाढ़ के कारण कर्ई गांवाें और शहर के निचले हिस्सों में शुक्रवार की रात से पानी भराव के कारण बिजली कंपनी ने सप्लाई बंद कर दी थी।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्राें में रविवार से नर्मदा नदी और तवा नदी सहित अन्य नदियों का पानी उतरने के बाद से बिजली कंपनी ने ऐसे स्थानाें पर जहां पर ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं उन्हें बदलने का काम शुरू कर दिया है।

बिजली कंपनी के जीएम वीवीएस परिहार ने बताया कि बाढ़ से हरदा और हाेशंगाबाद जिले में काफी नुकसान हुआ है। ट्रांसफार्मर डूबने के कारण बिजली सप्लाई बंद है।

सुधार कार्य शुरू
बिजली कंपनी ने प्राथमिक ताैर पर घराें में बिजली की सप्लाई देने के लिए दाेनाें जिलाें जितने बाढ़ प्रभावित क्षेत्राें में पानी उतरने के बाद काम शुरू कर दिया है।

घरेलू बिजली कनेक्शन के 66 फीडर में से 14 फीडर काे चालू कर दिया है। वहीं कृषि के 88 फीडर में से 20 चालू कर दिए 68 फीडर काे सुधारना शेष है।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/8-sub-stations-submerged-in-floods-in-harda-heshangabad-district-300-poles-broken-285-transformers-damaged-127673440.html

अब तेज बारिश की उम्मीद नहीं, 10 सितंबर तक साफ रहेगा मौसम

सिर्फ 24 घंटे तेज बारिश के बाद हमारे जिले में सिस्टम कमजोर हो गया। सोमवार को कभी तेज धूप तो कभी बादल की स्थिति बनी रही। इधर, मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अब तेज बारिश के आसार भी नहीं हैं।
मौसम वैज्ञानिक डीपी दुबे ने बताया मौजूदा सिस्टम मजबूत होने से अच्छी बारिश हुई है। हालांकि, अब यह सिस्टम कमजोर होकर राजस्थान में पाकिस्तान बार्डर की तरफ चला गया है। इससे तेज बारिश के आसार नहीं हैं। हालांकि, दक्षिणी हवा है, इसकी नमी के कारण बारिश हो सकती है। आगामी दिनों में मजबूत सिस्टम भी नहीं बन रहा है, ऐसे में अब मौसम साफ ही रहेगा। ऐसा 10 सितंबर तक रहने के आसार हैं। इसके बाद मानसून कमजोर हो जाता है। बहुत तेज बारिश की उम्मीद कम है।

अब तक जिले में करीब 35 इंच बारिश
जिले में अब तक करीब 35 इंच बारिश हो गई है। जिले की कुल औसत वर्षा 36.14 इंच है। हालांकि, कुल औसत वर्षा सालभर की रहती है। इससे अब छिटपुट बारिश में हमारे जिले का कोटा पूरा होने की उम्मीद बनी हुई है। अगस्त के इस आखिरी सिस्टम ने बड़ी चिंता दूर कर दी है।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/no-rain-is-expected-now-weather-will-be-clear-till-september-10-127673439.html

31 दिन में मिले 555 सितंबर में कम बारिश हुई तो राहत मिलेगी

अगस्त के आखिरी दिन भी कोरोना पॉजिटिव मिलने का सिलसिला नहीं थमा। कुल पॉजिटिव का आंकड़ा 955 पर पहुंच गया। सिर्फ 31 दिन में 555 नए मामले सामने आ गए। संक्रमण की यह रफ्तार चौंकाने वाली है... इससे सबक लेना होगा। आज सितंबर का पहला दिन है... इस महीने मौसम तो आपका साथ दे देगा लेकिन, सावधानी रखना होगी। दो से तीन दिन में हमारा शहर प्रदेश के 1 हजार से ज्यादा मामले वाले शहरों में शामिल हो जाएगा। बचाव का सबसे बेहतर तरीका है... बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
अगस्त में कोरोना पॉजिटिव मरीज 139% की दर से बढ़े हैं। इस महीने रोज औसत 18 नए मरीज सामने आए हैं। 31 जुलाई तक जिले में कुल 399 पॉजिटिव मरीज थे, जिनकी अब संख्या 954 पर पहुंच गई है... यानी दो गुना से ज्यादा। हालांकि, अगस्त में बारिश का मौसम होने से ज्यादा मरीज मिलने के कयास पहले ही लगाए जा रहे थे। लेकिन, अब सितंबर में मौसम साथ देगा। मौसम वैज्ञानिक भी ज्यादा बारिश नहीं होने की बात कह रहे हैं। धूप रहेगी, नमी कम होगी। ऐसे में सतर्कता हमें कोरोना पॉजिटिव बनने से बचा सकती है।

पहली बार... 200 से ज्यादा कंटेनमेंट 28 हजार से ज्यादा का सर्वे किया
जिले में 30 जुलाई तक 237 कंटेनमेंट एक्टिव थे। यह पहला माैका है, जब इतने कंटेनमेंट बने हैं। हालांकि, अब कंटेनमेंट एक घर का ही बनाया जा रहा है। 31 जुलाई तक जिले में सिर्फ 97 कंटेनमेंट ही एक्टिव थे। कंटेनमेंट एरिया व आसपास अभी 28 हजार से ज्यादा लोगों का सर्वे किया जा चुका है।
राहत... 700 से ज्यादा मरीज ठीक होकर घर पहुंचे
जिले में अब तक 700 से ज्यादा मरीज ठीक होकर घर पहुंच चुके हैं। 31 दिन में 380 से ज्यादा लोगों की सेहत अच्छी हो चुकी है। अभी जिले में ज्यादातर मामलों में लक्षण नहीं हैं। हालांकि, चिंता इस बात की है कि अब तक 19 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

इन बातों का रखें ख्याल... क्योंकि, अचानक केस कम होने के आसार कम

  • घरों से बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही बाहर निकलें, वह भी सिर्फ एक व्यक्ति।
  • यदि संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें।
  • बुजुर्गों की सेहत बिगड़ती है तो घरेलू इलाज के चक्कर में ना पड़ें। तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
  • यदि आप एसी का प्रयोग करते हैं तो तापमान 24 डिग्री से कम ना हो।
  • मेहमान बनकर किसी के घर जाने से बचें।
  • बच्चों की सेहत का विशेष ख्याल रखें।
  • बाहर से कोई सामान लेकर आए तो सैनिटाइज करना ना भूलें।


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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/555-met-in-31-days-there-will-be-relief-if-there-is-less-rain-in-september-127673435.html

कोरोना संक्रमण के बीच आखिरी दिन फसल बीमा कराने के लिए लगी किसानों की कतार, बैंक प्रबंधन-सोशल डिस्टेंसिंग नहीं करवा सका

मित्र निवास रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य ब्रांच के बाहर कतार में लगे यह किसान फसल बीमा कराने के लिए आए हैं।
दरअसल सोमवार को फसल बीमा कराने की आखिरी तारीख थी। ऐसे में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सोसायटी और राष्ट्रीयकृत बैंकों में बीमा कराने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही। बैंकों में इतनी भीड़ उमड़ी की सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी नहीं हुआ। कई किसानों ने तो मास्क भी नहीं लगा रखे थे। जबकि जिले में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। बैंकों ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी नहीं करवाया। इसके पहले किसानों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए बैंक रविवार को भी खुली थी। इससे रविवार के दिन भी बैंकों में किसानों की कतारे लगी थी। अब तक जिले में 60 से ज्यादा किसान फसल बीमा करा चुके हैं। हालांकि आंकड़े अभी फाइनल नहीं है। मंगलवार को ही पता चल पाएगा कि कितने किसानों ने बीमा करवाया है।

सोसायटी से आंकड़े जुटा रहे हैं
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के महाप्रबंधक आलोक जैन ने बताया अभी हम सोसायटी से आंकड़े जुटा रहे हैं। मंगलवार तक फाइनल आंकड़े हमारे पास आ जाएंगे। इसके बाद ही हम बता पाएंगे कि कितने किसानों ने फसल बीमा लिया है।
किसानों को समझाइश दी गई
लीड बैंक मैनेजर राकेश गर्ग ने बताया ऐसा नहीं है कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं हुआ। बैंक के सुरक्षाकर्मियों सहित अन्य कर्मचारियों ने किसानों को सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के निर्देश दिए। वहीं नियमों का पालन भी करवाया।



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Farmers queuing up to get crop insurance on last day amid Corona infection, bank management-social distancing could not be done


source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/farmers-queuing-up-to-get-crop-insurance-on-last-day-amid-corona-infection-bank-management-social-distancing-could-not-be-done-127673434.html

तवा जलाशय लबालब हुआ, इस बार गेहूं और मूंग काे आसानी से मिलेगा पानी


जिले के सबसे बड़े तवा बांध में पर्याप्त पानी जमा हो गया है। इस सीजन में दो बार गेट भी खुल चुके हैं। बांध में पानी इतना हाे चुका है कि गेहूं, चना और फसल काे पानी हर साल की तरह दिया जाएगा।

वहीं मूंग की फसल काे भी जल उपयाेगिता समिति की बैठक में तय रकबा के अनुसार सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। अब पानी की कमी नहीं रहेगी।

हालांकि अभी तवा बांध का जलस्तर 1163.30 फीट है। अभी 2.70 फीट पानी अाना बाकी है। बांध 1166 फीट तक भरा जाता है।

इस संबंध में तवा बांध परियाेजना के कार्यपालन यंत्री आईडी कुमरे के अनुसार में पानी पर्याप्त है। अाने वाले समय में सिंचाई के लिए जरूरत के मुताबिक किसानाें काे पानी दिया जाएगा। अभी बारिश का सीजन बाकी है। इससे जलस्तर में अभी बढ़ाेतरी हाेने का भी अनुमान है।


जिले में खेती का रकबा
जिले में सिंचाई का रकबा 3.30 लाख हेक्टेयर है। कृषि उप संचालक जितेंद्र सिंह ने बताया कि तवा बांध से होशंगाबाद में एक लाख 5 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हाेती है।

अब यहां पानी मिलने में सहुलियत हाेगी। वहीं हरदा में करीब 60 हजार हेक्टेयर में तवा बांध के पानी से सिंचाई हाेती है।

पिपरिया : डोकरी खेड़ा डैम से इस बार किसानों को मिलेगा भरपूर पानी

बारिश शहर के पचमढ़ी रोड क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी है। डोकरीखेड़ा डैम 91% भर चुका है और किसानों को पलेवा के साथ दो पानी मिल पाएगा।

पचमढ़ी रोड क्षेत्र के 2500 किसान फसल के लिए इसी डैम पर निर्भर है। तवा परियोजना के एसडीओ एसके रामावत ने बताया कि डोकरीखेड़ा बांध से 16 गांव के 2500 के आसपास किसान खेती के लिए पानी लेते हैं। इस क्षेत्र में ट्यूबवेल सक्सेस नहीं होने के कारण किसान मुख्य रूप से बांध के पानी पर ही निर्भर हैं। रामावत ने बताया कि डोकरीखेड़ा डैम की जलग्रहण क्षमता 12.64 एमसीएम है जिसे 27 फीट भी कहा जाता है।

30 अगस्त तक डैम 26 फीट यानी 11.53 एमसीएम भर चुका है। यह डैम की जल ग्रहण क्षमता का 91% हिस्सा है। उन्होंने बताया डैम 34 वर्ग किलोमीटर में फैला है जिससे 2672 हेक्टेयर जमीन में फसलों की सिंचाई होती है। डैम पूरी तरह से बरसाती पानी पर निर्भर है। इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते डैम 91% भर चुका है।



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Tava reservoir becomes full, this time wheat and moong will get water easily


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/tava-reservoir-becomes-full-this-time-wheat-and-moong-will-get-water-easily-127673431.html

वार्ड 33 के जलमग्न घराें से उतरा पानी, लाेगाें ने घराें और सड़काें की सफाई की


शहर में साेमवार काे आदमगढ़, संजय नगर, ग्वालटोली ,भीलपुरा में बाढ़ का पानी उतरने के बाद लाेगाें ने अपने घराें की सफाई की। लाेगाें के घराें में रखा अनाज, कपड़े, इलेक्ट्रानिक सामान फ्रिज, टीवी, कूलर खराब हाे गए। ग्वालटोली स्थित वार्ड नंबर 33 के सभी घर बाढ़ के कारण जलमग्न हाे गए थे।

यहां घराें में 10 से 22 फीट तक पानी था। वार्ड मेंं एक दर्जन कच्चे मकान बाढ़ के कारण ढह गए हैं। इन सभी वार्डों में चार दिनाें से बिजली सप्लाई बंद है। यही हाल वार्ड नंबर 20 आदमगढ़ में भी है। यहां भी 17 से 22 फीट तक पानी वार्ड की गलियों में घुसा था। साेमवार काे पानी उतरने के बाद लाेगाें ने अपने घराें की सफाई की और सामान बाहर निकाला।
बाढ़ का पानी उतरा ताे लाेगाें ने अपने घराें का सामान बाहर निकाला और सफाई की। लेकिन सफाई के लिए लाेगाें काे टैंकरों से पानी भरना पड़ा। लाेगाें ने ठेलाें पर रखकर कुप्पों से पानी ढोया और अपने घराें की सफाई की। वार्ड 33 के पूर्व पार्षद लाेकेश गाेगले ने बताया कि वे शुक्रवार रात से ही रेस्क्यू में लगे रहे हैं। इस बीच उन्होंने वार्ड के लाेगाें काे बाहर निकलवाया और अब वार्ड में सफाई में जुटे हैं।

उन्होंने बताया कि वार्ड के सभी घर डूब गए थे। बिजली कनेक्शन कटने के कारण परेशानी हाे रही है। वार्ड में कच्चे मकान भी ढह गए हैं, इन्होंने पीएम आवास के लिए आवेदन किए थे।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/water-descended-from-submerged-pitches-of-ward-33-will-bring-cleaning-of-the-pitches-and-roads-127673427.html

फेसबुक पर फोटो अपलोड करने पर होता था विवाद इसलिए जला दिया

चरित्र शंका को लेकर पत्नी पर केरोसिन डालकर जलाने वाले आरोपी को वसीम शाह निवासी खानशाहवली कॉलोनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया। आरोपी को पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर लिया है।
वहीं जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही मुस्कान शाह उर्फ अर्पिता जैन ने बताया कि वसीम से उसका प्रेम विवाह हुआ है। इससे पहले जैन समाज के एक युवक से प्रेम विवाह किया था। तलाक हो जाने के बाद वसीम से शादी की। मुस्कान आदिवासी समाज से है। मूलत: छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। पुलिस ने मरणासन्न बयान भी दर्ज किए हैं। जिसमें उसने बताया है कि उसके पति वसीम ने केरोसिन डालकर जलाया। फेसबुक पर फोटो अपलोड करने की बात पर वह अकसर विवाद करता था।
चरित्र को लेकर भी शंका करता था। नगर पुलिस अधीक्षक ललित गठरे ने बताया आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर उसके बारे में जानकारी निकाल रहे हैं। आरोपी ने पत्नी को क्यों और कैसे जलाया कारणों का पता लगा रहे हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/news/there-was-a-dispute-over-uploading-photo-on-facebook-because-it-burned-127673425.html

प्रमाण पत्र के लिए परेशान हुए किसान, पावती, आधार कार्ड की फोटो कॉपी और बैंक पासबुक लाए तभी हो पाया फसल बीमा

पीला मोजेक सहित अन्य कारणों से प्रभावित हुई फसलों का बीमा कराने के लिए सहकारी समितियों, को-ऑपरेटिव बैंक की शाखाओं व राष्ट्रीयकृत बैंकों में किसानों की भीड़ रही। देर रात तक अधिकारी-कर्मचारी दस्तावेज लेकर बीमा राशि जमा करते रहे। जिनके पास दस्तावेज थे उनका बीमा तो आसानी से हो गया, लेकिन कई किसान पटवारी प्रमाण पत्र, जमीन की पावती, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी जैसे दस्तावेजों के अभाव में बीमा कराने से चूक गए।
जिले में को-ऑपरेटिव बैंक की 16 शाखाओं, 105 सहकारी समितियांे के 18 हजार व राष्ट्रीयकृत बैंकों की 104 शाखाओं में दर्ज 14 हजार किसान ऐसे हैं, जो डिफाल्टर व अऋणी की श्रेणी में आते हैं। शासन ने ऐसे किसानों को भी प्राकृतिक आपदा व अन्य कारणों से खराब हुई फसलों का बीमा कराने का मौका दिया। सोमवार को बीमा कराने का अंतिम दिन था। राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी समिति व कोआपरेटिव बैंक की शाखाओं में सुबह से देर शाम तक किसानों की भीड़ रही। किसानों ने जमीन की पावती, आधार कार्ड की फोटो कॉपी, पटवारी का फसल संबंधी प्रमाण पत्र, को-ऑपरेटिव व राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक संबंधी दस्तावेज व जमा कराकर फसलों का बीमा कराया।
दस्तावेज नहीं थे, कई छूटेंगे : लॉकडाउन में बैंक व समितियों के खुले होने की जानकारी नहीं होने पर रविवार को नाम के किसान बीमा कराने पहुंचे थे। सोमवार को इनकी संख्या अधिक रही। कुछ किसान ऐसे थे जिनके दस्तावेज अधूरे थे। अधिकतर किसानों के पास पटवारी का फसल संबंधी प्रमाण पत्र ही नहीं था। ऐसे कुछ लोग सोसायटियों में पहुंचे थे, उन्होंने बताया कि हमारे पास पटवारी का प्रमाण पत्र नहीं है। कुछ दौड़भाग कर प्रमाण पत्र बनवा लाए लेकिन कुछ किसान ऐसा नहीं कर सके।

1.75 करोड़ रुपए बीमा अब तक नहीं मिला किसानों को
भारतीय किसान संघ के जिला संयोजक सुभाष पटेल ने बताया साल 2019 में जिले के करीब 1 लाख किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया था जिसका करीब 1.75 करोड़ रु. बीमा था। यह बीमा राशि अब तक किसानों को नहीं मिली। सुभाष ने बताया कि इस साल भी अधिक किसान प्रभावित हुए हैं इतनी या इससे अधिक राशि किसानों को बीमा के रूप में मिले तो थोड़ी राहत मिलेगी।



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कोरोना पॉजिटिव की इंदौर में इलाज के दौरान मौत, जिले में अब तक 22 मरीजों ने तोड़ा दम

कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए 26 अगस्त से इंदौर के अस्पताल में भर्ती मरीज की मौत हो गई। इसके साथ ही जिले में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 22 पर पहुंच गई। अगस्त के 30 दिन में यह तीसरी मौत है। जिसमें से दो मरीजों का इलाज के दौरान इंदौर में निधन हुआ।
जानकारी के मुताबिक घंटाघर निवासी राजेंद्र गंगराडे (62) को 26 अगस्त को बुखार व सांस लेने में समस्या होने पर परिजन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से उन्हें जांच के बाद डॉक्टरों ने इंदौर रैफर कर दिया था। मरीज की पॉजिटिव रिपोर्ट 27 अगस्त को आई थी। इंदौर में इलाज के दौरान गंगराडे की 30 अगस्त को मौत हो गई। इलाज करने वालों डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में गंगराडे को हाइपर टेंशन और डायबिटीज होने का भी जिक्र किया है।

जिले में 95 मरीज एक्टिव
जिले में अब तक कोरोना के 935 मरीज मिल चुके हैं। फिलहाल 95 मरीज एक्टिव है। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 82, होम आइसोलेट 10, इंदौर में दो तथा भोपाल में 1 मरीज का इलाज चल रहा है। वहीं सोमवार को तीन मरीजों को जिला अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। अबतक 818 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।



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Sunday, August 30, 2020

सोने-चांदी के जेवर भी हड़पे, बेटी ने मां से चेन मांगी तो हुआ खुलासा, गृह शांति के लिए गई थीं इंजीनियर बेटी की मां, तोता वाले ज्योतिषी ने परिवार खत्म होने का डर बता 21 लाख ठग लिए

शिक्षित तलाकशुदा महिला गृह शांति की तलाश में गोपुर चौराहे पर बैठने वाले तोता वाले ज्योतिषी के पास पहुंच गईं। ज्योतिषी और उसकी पत्नी ने महिला को पूजा के नाम पर ऐसे जाल में फंसाया कि 5 साल में 21 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवर हड़प लिए। महिला की इंजीनियर बेटी ने जब मां को दी अपनी सोने की चेन मांगी तो पूरी कहानी सामने आई। बेटी ने अन्नपूर्णा थाने में शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने आरोपी ज्योतिषी रणजीत जोशी और उसकी पत्नी शीतल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से पुलिस को 50 हजार रुपए, सोने की तीन चेन, तीन टॉप्स, पांच अंगूठी, दो मंगलसूत्र और बाइक के कागज मिले हैं। उन्होंने 2017 में पांच लाख में एक प्लॉट खरीदकर मकान भी बना लिया था। उसे भी जब्त किया जाएगा।

ज्योतिषी 5 साल तक लेता रहा पैसे और जेवर
टीआई सतीश द्विवेदी ने बताया कि बृजविहार कॉलोनी निवासी 56 वर्षीय उषा शर्मा ने शिकायत में बताया कि वह तलाकशुदा हैं। अपने रिटायर्ड माता-पिता के साथ रहती हैं। उनकी 28 वर्षीय एक बेटी है। भाई नौकरी के कारण बाहर रहता है। वह कुछ समय से परेशान थीं। गोपुर चौराहे पर ज्योतिषी रणजीत को जनवरी 2015 में भाग्य दिखाया। उसे घर की पूरी जानकारी दे दी। बोला गृह शांति की पूजा कराना होगी। उसने सम्मोहित कर लिया। सिर के बाल काट लिए। बोला काला जादू भी करना होगा। पहली बार 10 हजार रुपए लिए। एक ताबीज, प्रसाद और अंगूठी दी। दूसरी बार में टॉप्स ले लिए। वह किसी न किसी पूजा के नाम पर पैसे और जेवर लेता रहा। बाद में बोला कि गृह शांति की पूजा नहीं करवाई तो परिवार में एक भी आदमी नहीं बचेगा। बेटी भी मर जाएगी। इस डर के कारण उन्होंने इस बारे में किसी को नहीं बताया।

चेन मांगी तो मां सिर फोड़ने लगीं, बाद में सब बताया

उषा के पति भी सरकारी नौकरी करते थे। तलाक के बाद वह माता-पिता के साथ रहने लगी। पिता आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में अफसर थे। बेटी शिवांगी इंजीनियर है। बेटी भी मां को अपनी सैलरी अकाउंट में डालने के लिए देती थी। उसके जेवर भी उषा के पास थे। पिछले हफ्ते शिवांगी ने अपनी चेन मां से मांगी तो उन्होंने बहाना बनाया। जोर डाला तो मां सिर फोड़ने लगी। आखिर में उन्होंने पूरी कहानी बताई।



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तोता वाले ज्योतिष दंपती।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/gold-silver-jewelery-was-also-grabbed-daughter-disclosed-to-her-mother-she-went-for-peace-engineer-daughters-mother-parrot-astrologer-stole-21-lakhs-by-fear-of-ending-family-127669848.html

7 लाख को पीछे छोड़ चयनित, एक दिन ज्यादा उम्र के कारण पायलट बनने से चूके, फ्लाइंग ऑफिसर बनेंगे

अनुराग शर्मा, शहर में रहकर इंजीनियरिंग करने वाले युवा राहुल सिंह परमार ने एयरफोर्स काॅमन एडमिशन टेस्ट (एएफसीएटी) में सफलता हासिल की है। प्रदेश से चयनित तीन प्रतिभागियों में वे एक हैं। ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद रवाना होने से पहले राहुल ने बताया डेढ़ साल की ट्रेनिंग होगी। इसके बाद वायुसेना में तकनीकी विभाग में फ्लाइंग आॅफिसर के रूप में पदस्थ होंगे। उनके पास विमानों के रखरखाव का जिम्मा होगा, जिसमें राफेल सहित अन्य महत्वपूर्ण विमान भी शामिल होंगे।
मूल रूप से राजगढ़ (ब्यावरा) जिले के रामगंज गांव में रहने वाले राहुल बताते हैं, गांव की आबादी साढ़े चार सौ है। गांव में वे अकेले युवा हैं, जिसकी इस उम्र में भी शादी नहीं हुई। रामगंज मूलरूप से खेतीहरों का इलाका है इसलिए कम पढ़ाई और जल्दी शादी आम बात है। छठी से सपना था कि पायलट बनना है। चयन हो भी जाता लेकिन पायलट के लिए तय उम्र से एक दिन बड़े निकले। इसलिए चयन एयरोनाॅटिकल इंजीनियरिंग की मैकेनिकल स्ट्रीम में हुआ। हैदराबाद के अलावा बेंगलुरू में भी ट्रेनिंग होगी।

चार साल की उम्र में सगाई, एयरफोर्स में जाने के लिए अविवाहित जरूरी, शादी नहीं की

राहुल की चार साल की उम्र में सगाई हो गई थी। एयरफोर्स में चयन के लिए अविवाहित होना जरूरी है, इसलिए राहुल ने शादी नहीं की। दो बार सीडीएस और तीन बार एएफकेट के माध्यम से पांच बार एसएसबी इंटरव्यू तक पहुंचे। छठी बार में सफलता मिली। पांच दिन तक चले इंटरव्यू में सायकोलाॅजिकल, ग्राउंड टास्क और साक्षात्कार के बाद अंतिम चयन हुआ।

सात लाख प्रतिभागियों में 200 का होता है चयन
राहुल को ट्रेनिंग देने वाले रिटायर्ड कर्नल निखिल दीवानीजी ने कहा एएफकेट के माध्मय से वायुसेना अपने पायलट, मेंटेनेंस और एडमिनिस्ट्रेशन के अफसरों को चुनती है। राहुल मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं, इसलिए उन्हें विमानों के रखरखाव की जिम्मेदारी मिलेगी। मेरिट में आने के कारण उम्मीद है राफेल का मेंटेनेंस दिया जाएगा।



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राहुल सिंह परमार


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/selected-to-leave-7-lakh-behind-missed-due-to-pilot-one-day-due-to-old-age-will-become-flying-officer-127669894.html

रतलाम में 28 नए संक्रमित, अब जिले में कुल कोरोना पॉजिटिव 900 पार, सिर्फ 30 दिन में मिले 528 केस

जिले में कोरेाना संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को 28 नए पॉजिटिव सामने आए हैं। इसी के साथ अब जिले में कुल कोरोना पॉजिटिव 927 हो गए हैं। जिले में सिर्फ 30 दिन में ही 528 केस सामने आ चुके हैं।
प्रदेश में 11वें नंबर पर रतलाम- इधर, प्रदेश में 12 ऐसे शहर हैं, जहां 900 से ज्यादा प्रकरण अब तक सामने आ चुके हैं। इनमें रतलाम का नंबर 11वां है। वहीं, पहले नंबर पर इंदौर है, वहां अब तक 12 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसी के साथ दूसरे नंबर पर भोपाल है, वहां 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। रतलाम से पहले 10वें नंबर पर बड़वानी है, वहां 1 हजार से ज्यादा कुल केस मिले हैं।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ratlam/news/28-new-infected-in-ratlam-now-900-crosses-corona-positive-in-the-district-528-cases-found-in-just-30-days-127670534.html

नर्मदा अब भी खतरे के निशान से 11 फीट ऊपर

नर्मदा में बाढ़ का पानी तीसरे दिन भी कम नहीं हुआ है। शहर के चारों ओर पानी होने के कारण लोगों ने अपनी गृहस्थी का सामान भोपाल रोड पर हाईवे किनारे रखकर पन्नी और टीन लगाकर तंबू बना लिए हैं। इस कारण रविवार काे हाईवे पर दिनभर जाम लगता रहा। वहीं नर्मदा ब्रिज पर भी यातायात हाेने के कारण ट्रैफिक जाम लगा रहा। वहीं लोग रविवार और लॉकडाउन होने के बावजूद भी बाढ़ देखने निकले इस कारण भी जाम लगा। सीजन में यह पहला मौका जब नर्मदा लगातार 24 घंटे से चारों ब्रिज से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार देर रात तक नर्मदा खतरे के निशान से 11 फीट ऊपर थी। हालांकि चारों ब्रिज से इसका लेवल 15 फीट नीचे रहा।


ऐसा शहर जहां पांच पुल हो जाएंगे: सबसे पुराना रेलवे ब्रिज 1884 में बना था। दूसरा सड़क मार्ग का 1968 में बनकर तैयार हुआ था। रेलवे का दूसरा और नर्मदा पर तीसरा ब्रिज 1993 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद चाैथा ब्रिज रेलवे का ब्रिज 2018 में बनकर तैयार हुआ। यहीं पास में अब एक और रोड पुल बनने जा रहा है जिसके बाद एक ही स्थान पर पांच पुल वाला पहला क्षेत्र हो जाएगा। इसका काम भी चालू हो चुका है। 1968 में सड़क मार्ग के लिए ब्रिज बनाया गया।

रेल ब्रिज से एक दिन में करीब 150 ट्रेनें निकलती हैं। वहीं सड़क ब्रिज से हाेकर 35 हजार से अधिक वाहन निकलते हैं। नर्मदा पर बने चारों ब्रिज 50 फीट से ऊंचे हैं।



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Narmada still 11 feet above danger mark


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/narmada-still-11-feet-above-danger-mark-127670452.html

हाेशंगाबाद में बारिश थमी, बाढ़ कम हुई, 38 गांवों में राहत, तवा और बारना के सभी गेट बंद, बरगी के 11 गेट खुले; आज भोपाल में बूंदाबांदी, उज्जैन, धार, झाबुआ में भारी बारिश संभव

नर्मदा नदी का रौद्र रूप रविवार को कुछ शांत हुआ। होशंगाबाद में बारिश थमने और तवा व बारना बांधों के सभी गेट बंद कर दिए जाने से बाढ़ की स्थिति थम गई। नर्मदा का पानी 7 फीट तक कम होकर 973 फीट पर पहुंच गया, हालांकि यह आंकड़ा भी खतरे के निशान से अभी 9 फीट ऊपर है।

सेना और एनडीआरएफ के जवानों ने जिस मुस्तैदी से शनिवार-रविवार की दरमियानी रात राहत ऑपरेशन चलाया, उससे कई जिंदगियां बच गईं। जिले के 38 गांव खाली करा लिए गए। बाबई ब्लॉक में नर्मदा किनारे के कुछ निचली बस्तियों में अभी भी 20 फीट तक पानी भरा है। अभी सिर्फ बरगी डैम के 11 गेट खुले हैं, जिनसे 36 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है, क्योंकि अगले चार से पांच दिन तेज बारिश की संभावना कम है।

  • सीहोर, रायसेन, नेमावर में नर्मदा का पानी कई गांवों में घुसा हुआ है।
  • उज्जैन में शिप्रा उफान पर है, क्योंकि बारिश का सिस्टम अब पश्चिमी मध्यप्रदेश में सक्रिय हो गया है।

बारिश में बह गया भ्रष्टाचार: 9 करोड़ के 2 पुल ढहे, इनमें से एक का उद्घाटन भी नहीं हुआ था

भारी बारिश के चलते सिवनी जिले में बड़ा नुकसान हुआ है। यहां शुक्रवार शाम को लखनादौन क्षेत्र में बना एक निस्तानी बांध बह गया, जबकि रविवार को भीमगढ़ से सुनवारा के बीच 3.7 करोड़ रु. की लागत से बना पुल बहाव में गिर गया। इस पुल का अभी उद्घाटन होना था। इसका निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन 30 अगस्त 2020 थी, लेकिन इसी दिन यह ढह गया। इसे भोपाल के ठेकेदार एसव्ही कंस्ट्रक्शन ने बनाया है। इसका निर्माण मप्र ग्राम सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई-2 के तहत किया गया था। इसी तरह आठ साल पहले 5.75 करोड़ रु. की लागत से भीमगढ़ और खापा के बीच बना एक और पुल भी गिर गया। दूसरा पुल वैनगंगा नदी पर बना था। नदी में पानी बढ़ने से पुल के पिलर बहाव सहन नहीं कर सके और गिर गए। फिलहाल कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने दोनों ही मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

9 जिलों में 50% सोयाबीन चौपट

बारिश ने 9 जिलों में करीब 5 लाख हेक्टेयर में खड़ी सोयाबीन की 50% फसल नष्ट कर दी है। दलहन और मक्का की फसलें भी बर्बादी की कगार पर हैं। केवल धान ही सही सलामत है। भोपाल संभाग के अधिकांश जिलों में 70-80% तक का रकबा सोयाबीन का, 10-15% धान का था। जबकि होशंगाबाद जिले में 70% रकबा धान का था। यहां 2 लाख हेक्टेयर में केवल धान खड़ी है। सोयाबीन का रकबा 70 हजार हेक्टेयर ही है। सोयाबीन प्रोसेसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया मप्र के ईडी डीएन पाठक के मुताबिक 12% सोयाबीन की फसल बीमारियों और बीच में काफी दिन तक बारिश न होने के कारण खराब हो गई थी। रही-सही कसर इस बारिश ने पूरी कर दी। फिर भी उम्मीद बाकी है। यदि अगले दो से तीन दिनों में खेतों में पानी निकल जाए और धूप भी निकल आए तो नुकसान कुछ कम हो सकता है, फसल बच जाएगी।

अगस्त में ही प्रदेश की सामान्य बारिश का कोटा पूरा, सितंबर सूखा रहा तो भी चलेगा

पिछले दाे-तीन दिन की मूसलाधार बारिश ने प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश की जरूरत पूरी कर दी है। यहां सीजन की सामान्य बारिश का कोटा 37.62 इंच है। जबकि रविवार सुबह तक 34.31 इंच बारिश हाे चुकी है। जो 8% कम का आंकड़ा है, उसे मौसम विज्ञान सामान्य कैटेगिरी ही मानता है। इस हिसाब से यदि सितंबर में बारिश न भी हो, तो भी यह सामान्य बारिश ही कही जाएगी। मौसम विज्ञान में बारिश के प्रतिशत का फार्मूला अलग है। अब तक हुई बारिश में सीजन की सामान्य काे बारिश के अांकड़े काे घटाएंगे। इसके बाद उसे सीजन की सामान्य बारिश से विभाजित कर उसका प्रतिशत निकालेंगे ताे यह -8% हाे रहा है। यह माइनस 19 और प्लस 19 के दायरे में अाता है। तय मापदंड के मुताबिक 19 फीसदी कम या ज्यादा काे सामान्य बारिश की श्रेणी में ही रखा जाता है। इसीलिए प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश हाे चुकी है। अब तक प्रदेश के 22 जिलाें में सामान्य से ज्यादा बारिश हाे चुकी है।

जिस सिस्टम ने अभी बारिश कराई, वो अब आगे बढ़ा, आज से राहत रहेगी

  • अभी की बारिश बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के स्ट्रांग होने से हुई। यह क्षेत्र जहां केंद्रित रहता है, उसके दक्षिण पश्चिमी हिस्से में बारिश हाेती है।
  • अब यह सिस्टम राजस्थान की ओर चला गया है। रविवार काे भी ज्यादातर इलाकाें में भारी बारिश नहीं हुई। अगले 24 घंटे में भारी बारिश से राहत मिलेगी।

(डीपी दुबे, पूर्व डायरेक्टर, मौसम केन्द्र)



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शुक्रवार शाम को लखनादौन क्षेत्र में बना एक निस्तानी बांध बह गया, जबकि रविवार को भीमगढ़ से सुनवारा के बीच 3.7 करोड़ रु. की लागत से बना पुल बहाव में गिर गया।


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मालवा में अच्छी बारिश से गांधी सागर में पानी बढ़ा, 14 गेट खोलकर 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, पगारा 64 % खाली

मालवा अंचल के जंगल क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के कारण रविवार को गांधी सागर डैम के 19 में से 14 गेट खोल दिए हैं। इस पानी से राणा प्रताप सागर को भरा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के अफसरों का कहना है कि अक्टूबर में रबी सीजन की फसलों के लिए कोटा बैराज से समय पर पानी देने की स्थिति बनेगी। इधर, मुरैना जिले के कोतवाल व पिलुआ डैम भी लबालब चल रहे हैं लेकिन पगारा डैम के 64 फीसदी खाली होने के कारण गेहूं व सरसों की बोवनी के समय भिंड जिले के लिए सिंचाई के लिए पानी की किल्लत हो सकती है। बीते तीन दिनों में मालवा के इंदौर, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम के कैचमेंट एरिया में झमाझम बारिश होने के कारण गांधी सागर डैम का वाटर लेवल रविवार को 1305 फीट तक जा पहुंचा।

इसके चलते दोपहर 12 बजे गांधी सागर डैम के 5 गेट खोलने पड़े और शाम 4.30 बजे दो और गेट खोलकर पानी राणा प्रताप सागर डैम के लिए पानी का डिस्चार्ज 95 हजार क्यूसेक से बढ़ाकर 2 लाख 80 हजार क्यूसेक करना पड़ा है। गांधी सागर डैम में रविवार को 4 लाख 52 हजार क्यूसेक पानी की आवक होने के कारण 50 फीसदी से ज्यादा पानी छोड़ने की स्थिति बन गई। गांधी सागर डैम से बड़ी तादाद में पानी छाेड़ने से अभी तक 4 मीटर खाली चल रहे राणा प्रताप सागर को भरने में मदद मिलेगी। राणा प्रताप सागर डैम के भरने से जवाहर सागर व कोटा बैराज फुल लेवल पर आ पाएंगे। तभी चंबल नहर में कोटा बैराज से पानी दिया जा सकेगा।

पगारा डैम अभी 64 % खाली
जौरा का पगारा डैम अभी तक 64 फीसदी खाली है। रविवार को पगारा डैम में 634.40 फीट पानी भरा था। जबकि फुल लेवल के लिए 654 फीट पानी की आवश्यकता है। अभी पगारा 35 फीसदी से कुछ अधिक भरा है। 20 फीट पानी और आने पर पगारा फुल हो पाएगा। यहां बता दें कि पगारा डैम के पानी का उपयोग कोतवाल व पिलुआ डैम को भरने के काम आता है। अक्टूबर महीने में जब रबी सीजन की फसलों का पलेवा व बोवनी होती है उस समय पगारा डैम के पानी से मुरैना व भिंड जिले की नहर को पानी दिए जाने का प्रबंधन किया जाता है।

आसन नदी से फुल किए कोतवाल-पिलुआ डैम
आसन नदी में सहसराम व घाटीगांव के कैचमेंट एरिया का पानी आने से जल संसाधन विभाग ने मुरैना के कोतवाल व पिलुआ डैम काे लबालव कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी जीके गुप्ता ने बताया कि रविवार को कोतवाल का लेवल 552.30 फीट व पिलुआ डैम का लेवल 552.30 फीट मापा गया है। दोनों डैम इस समय फुल लेवल चल रहे हैं। पानी ओवरफ्लो नहीं हो इसके लिए बुधवार व गुरुवार को पिलुआ डैम से भिंड मैन कैनाल में कुछ पानी डिस्चार्ज किया गया है।

चंबल में झालावाड़ से 1.69 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा
चंबल नदी का लेवल रविवार को 123.10 मीटर तक पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अफसरों का कहना है कि झालावाड़ से चंबल में 1.69 लाख क्यूसेक पानी आने के कारण आगामी 72 घंटों में नदी का जलस्तर बढ़ेगा। कोटा बैराज से भी रविवार की दोपहर में 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया क्योंकि कोटा बैराज में जवाहर सागर से पानी आने की स्थिति बन रही है। उल्लेखनीय है कि 25 अगस्त को काली सिंध का पानी चंबल में आ जाने से नदी का जलस्तर 131.90 मीटर तक जा पहुंचा था। चंबल के लेवल को लेकर प्रशासन ने सबलगढ़ से लेकर अटेर तक 60 गांव के लोगों को अलर्ट जारी कर दिया है।



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जाैरा का पगारा बांध अभी 64 फीसदी खाली है


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/good-rains-in-malwa-increased-water-in-gandhi-sagar-opened-14-gates-and-released-280-lakh-cusecs-of-water-pagara-64-empty-127668476.html

जिले के आमाखाल, इमलीढाना और जामन्या डैम हुए फुल


पर्याप्त बारिश हाेने से जिले के डैम भर गए हैं। इसका फायदा किसानाें काे रबी सीजन में गेहूं व चना फसल की सिंचाई के लिए मिलेगा। सांवलखेड़ा गांव के पास इमलीढाना डैम का निर्माण साल 2010 में किया गया। यह डैम 650 एकड़ में फैला हुआ है। इसकी जलभराव क्षमता 8.471 एमसीएम है।
बारिश के चलते जलाशय में 8.471 एमसीएम जलभराव हो चुका है। इस जलाशय से 14 गांवों की 1990 हेक्टेयर खेती में सिंचाई हाेती है। इनमें सांवलखेड़ा, भीमपुरा, कोथमी, हसनपुरा, मुहाल सर्कुलर, चौकी, सोमगांव चौकी, कड़ौलाराघौ, सारसूद, सांगवामाला, सांगवा सर्कुलर, जटपुरा सर्कुलर, जटपुरा रैयत, सोनपुरा, महलपुरा, अंजरूदरैयत, अंजरूदमाल के किसानों को खेतों में सिंचाई करने पूरे साल पानी मिलता है। इसी तरह जामन्यागांव के पास साल 2011 में जामन्या डैम बनाया था। यह 45 एकड़ में फैला हुआ है। जलाशय में जलभराव क्षमता 0.91 एमसीएम है। अभी जलाशय में 0.82 एमसीएम पानी है। जलाशय से 3 गांवों में 194 हेक्टेयर खेती की जमीन में सिंचाई हाेती है। इनमें छुरीखाल, रुनझुन और जामन्या शामिल हैं।

आमाखाल से भी ओवरफ्लाे हाे रहा पानी
जल संसाधन विभाग ने सिराली तहसील के आमाखाल में साढ़े 15 करोड़ की लागत से अटल सरोवर डैम बनाया है। 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश से डैम पूरा भर गया है। डैम का लेबल 329.80 है, जाे पूरी तरह भर गया है। रबी सीजन में किसानाें काे सिंचाई का पर्याप्त पानी उपलब्ध हाे सकेगा।

ओवरफ्लो हाे रहे पानी काे देखने लाेग पहुंच रहे हैं। आमाखाल का अटल सरोवर एक दर्शनीय स्थल के रूप में उभर रहा है। मालूम हाे, डैम से आमाखाल, गोमगांव, महेंद्रगांव, रामपुरी, काशीपुरा की लगभग 830 हेक्टे. जमीन में सिंचाई हाेती है।



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Amakhal, Imlidhana and Jamanya Dam are full


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/khirkiya/news/amakhal-imlidhana-and-jamanya-dam-are-full-127670412.html

शहर में निकली धूप, अजनाल का गिरा जलस्तर, निचली बस्ती के लोग घर लौटे


शुक्रवार और शनिवार को हुई तेज बारिश से अजनाल में बाढ़ आ गई थी। इससे शहर की अजनाल नदी किनारे बसी निचली बस्तियां प्रभावित हुईं। मानपुरा, इमलीपुरा, जत्रा पड़ाव, बंगाली कॉलोनी आदि क्षेत्रों के 816 लोगों को जिला प्रशासन ने 9 जगहों पर बनाए गए अस्थाई राहत शिविरों में ठहराया था। रविवार को बारिश का दौर थमा, धूप खिली, अजनाल का जल स्तर गिरा, इसके बाद लोग धीरे-धीरे अपने घरों को लौटे।
लगातार तेज बारिश से अजनाल नदी उफान पर आ गई थी।

अजनाल किनारे स्थित शनि मंदिर के आसपास का क्षेत्र और हाजी चौक, बंगाली कॉलोनी भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुई। इमलीपुरा क्षेत्र के लोग भी बाढ़ से प्रभावित हुए थे। कई लोगों के घरों में पानी भर गया था। निचली बस्ती के इन लोगों को जरूरी सामान के साथ प्रशासन ने अस्थाई राहत शिविरों में ठहराया था। रविवार को बारिश दिनभर थमी रही। धूप खिलने से लोगों ने राहत महसूस की। अजनाल मे आई बाढ़ भी धीरे-धीरे उतर गई। 9 जगह पर अस्थाई शिविरों में ठहरे सभी 816 लोग अपने परिजनों के साथ सामान लेकर घर पहुंचे।

बाढ़ के कारण लोगों के कच्चे और पक्के घरों की दीवार पर पानी के निशान और गंदगी नजर आई। जिसे लोगों ने साफ कर नए सिरे से घर को सजाना, संवारना फिर शुरू किया। जतरा पड़ाव निवासी रमेश, सुनील, दिनेश ने बताया उनके घर की दीवार कच्ची है। ऐसे में अभी कुछ दिनों तक तेज धूप नहीं खिली तो सीलन बनी रहेगी। जिससे परिजनों के बीमार होने की आशंका रहेगी। सीएमओ जीके यादव ने बताया शिविरों में ठहराए सभी 816 लोग वापस घर जा चुके हैं।

इधर नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है
नर्मदा किनारे और आसपास के गांव के बाढ़ प्रभावित करीब 600 लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है। राहत शिविरों तक पहुंच मार्ग भी पानी में डूबे हुए हैं। रविवार को इन लोगों से मिलने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कृषि मंत्री कमल पटेल, कलेक्टर संजय गुप्ता, सीईओ दिलीप यादव ट्रैक्टर ट्राॅली से लोगों के बीच पहुंचे।

मंत्री पटेल ने हर संभव मदद का विश्वास दिलाया। शिविर में ठहरे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, भोजन के इंतजाम के संबंधितों को निर्देश दिए।



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The sun rose in the city, the water level of Ajnal fell, people from the lower settlement returned home


source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/harda/news/the-sun-rose-in-the-city-the-water-level-of-ajnal-fell-people-from-the-lower-settlement-returned-home-127670401.html

आवासीय क्वार्टर तोड़कर बनाया जाएगा 100 बिस्तरीय अस्पताल भवन, कर्मचारियों को नोटिस

60 बिस्तर के सिविल अस्पताल को 100 बिस्तर का बनाए जाने की कवायद अब शुरू हो गई है। परिसर में बनाई जाने वाली नवीन इमारत के लिए स्टाफ के लिए बनाए गए क्वार्टरों को तोड़ने के उन्हें खाली कराया जा रहा है। जो कर्मचारी क्वार्टर खाली नहीं कर रहे हैं उनके बिजली कनेक्शन काटने के लिए बिजली कंपनी सेे कहा गया है। सात दिन में जमीन को समतल कर काम भी शुरू करा दिया जाएगा।

उपचुनाव के चलते लगने वाली आचार संहिता लगने से पहलीे इसका काम शुरु कराया जाना है। एसडीएम राघवेंद्र पांडेय के अनुसार दस सितंबर के करीब इसका शिलान्यास हो सकता है, जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह शामिल हो सकते हैं, हालांकि अभी इस बात का लेकर किसी आधिकारिक आदेश न आने की बात कही जा रही है।

दरअसल शहर में स्थित सिविल अस्पताल में शहर के ही नहीं आसपास के करीब डेढ़ सौ से ज्यादा गांव के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। जिसके चलते लंबे समय से इसे सौ बिस्तर का बनाए जाने की कवायद चल रही थी। जिसके चलते सरकार द्वारा 6 करोड़ की लागत से इसकी नवीन इमारत बनवाई जा रही है। इसका ले आउट और डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। आचार संहिता से पहले इसका काम शुरू कराने की अधिकारियों द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अस्पताल परिसर में बने स्टाफ के सरकारी क्वार्टरों को खाली कराया जा रहा है। इसके लिए नोटिस भी दिए जा चुके हैं।

इमारत बनने के बाद बढ़ाई जाएगी स्टाफ की संख्या
सिविल अस्पताल के 100 बिस्तर के लिए पहले इमारत का निर्माण कराया जाएगा। इसके बाद इसमें स्टाफ को बढ़ाया जाएगा। हालांकि अभी जो स्टाफ मौजूद है वह साठ बिस्तर के अस्पताल के हिसाब से काफी कम है। वर्तमान में यहां अभी केवल सात डॉक्टर ही पदस्थ है। जबकि करीब चौदह डॉक्टर पदस्थ होना चाहिए। जिसमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी होना चाहिए। इसके अलावा आईसीयू वार्ड को शुरु कराया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन के पास पहले से ही मशीनें उपलब्ध है। लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। आईसीयू वार्ड चालू होने से गंभीर मरीजों को काफी राहत मिलेगी।

पहले टंचिंग ग्राउंड की जमीन को किया गया था चिह्नित
अस्पताल की नवीन इमारत के लिए पहले झांसी रोड पर टंचिंग ग्राउंड की जमीन को चिह्नित किया गया था। लेकिन यहां पर जगह कम होने के चलते इसे निरस्त कर अब अस्पताल परिसर में पीछे बने सरकारी क्वार्टरों को तोड़कर उसकी जगह पर तीन मंजिला इमारत बनवाई जाएगी। छह महीने में इमारत का काम पूरा किया जाना है।

कर्मचारियों के क्वार्टरों के काटे जाएंगे बिजली के कनेक्शन
अस्पताल परिसर में रह रहे कर्मचारियों को क्वार्टर खाली कराने के लिए दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं । लेकिन अभी भी कुछ कर्मचारी क्वार्टर खाली नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते अब बिजली कंपनी के अधिकारियों को इन क्वार्टरों के बिजली कनेक्शन काटने के लिए कहा गया है। सात दिन के भीतर परिसर के समतल कर काम भी शुरु कराया जाना है। संभावित 10 सितंबर को इसका भूमिपूजन किया जाना जाना है।

शिलान्यास हो सकता है
सिविल अस्पताल परिसर में बनाए जाने वाले 100 बिस्तरीय अस्पताल के लिए सितंबर में आचार संहिता लगने से पहले शिलान्यास हो सकता है। शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आने की संभावना है।हांलाकि अभी आदेश नहीं आया है। राघवेंद्र पांडेय,एसडीएम,डबरा

नोटिस जारी किए जा चुके हैं
सिविल अस्पताल परिसर में जहां क्वार्टर बने हुए हैं वहां 100 बिस्तर के अस्पताल का निर्माण किया जाना है। क्वार्टर खाली कराने के लिए नोटिस दिए जा चुके हैं, साथ ही बिजली कनेक्शन काटे जान के लिए बिजली कंपनी को भी पत्र लिखा जा चुका है। डॉ. सुरेंद्र सिंह सोलंकी, बीएमओ, सिविल अस्पताल डबरा



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सिविल अस्पताल परिसर में इन सरकारी क्वार्टरों को तोड़कर बनेगा भवन।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/dabra/news/100-bed-hospital-building-to-be-built-by-breaking-residential-quarters-notice-to-employees-127668254.html

केन्द्रीय मंत्री तोमर की कार के आगे लेटी युवतियां, हटाने के लिए पुलिस करती रही झूमाझटकी

शिक्षक वर्ग-1 व 2 की परीक्षा पास कर चुके बेरोजगार युवक-युवतियों ने रविवार को केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की कार को घेर लिया। केंद्रीय मंत्री कुछ समझ पाते कि इससे पहले बेरोजगार युवतियां उनकी कार के आगे लेट गईं। यह देख मंत्री के काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने इन युवतियों को हटाने के लिए झूमाझटकी की। इसके बाद भी युवतियां वहां से हटी नहीं।

हालांकि बाद में मंत्री ने विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी। मालूम हो कि इससे पहले बेरोजगारों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व विधायक रघुराज कंसाना से अपनी मांग रखी थी लेकिन जब उन्होंने इस पर गौर नहीं किया तो बेरोजगारों ने केंद्रीय मंत्री के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर रविवार की दोपहर 11.45 बजे सर्किट हाउस से जीवाजीगंज के लिए रवाना हुए तो गेट पर पहुंचने से पहले ही सड़क किनारे खड़े युवक-युवतियों के बीच से 7 से 8 युवतियां मंत्री की कार के आगे बैठ गईं। यह देखते ही मंत्री की सुरक्षा में चल रहे पुलिस अफसर मौके पर जा पहुंचे और उन्होंने युवक-युवतियों को मंत्री की कार के सामने से हटाने का प्रयास किया।

पुलिस को सक्रिय होते देख युवतियां विफर गईं और बोलीं जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी तब तक मंत्री को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। इस दौरान मौके पर पांच से सात मिनट तक पुलिस की युवतियाें से झूमा-झटकी हुई तो अन्य युवतियां सड़क पर समूह बनाकर बैठ गईं। उधर दूसरी ओर ज्ञापन लेकर युवक, जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। मंत्री तोमर को जब यह पता लगा कि युवक-युवतियां का डेलीगेशन उन्हें ज्ञापन देना चाहता हैं तो मंत्री ने युवक-युवतियों को कार के गेट पर बुला लिया।

फरवरी 2019 में रिजल्ट, नियुक्ति कब मिलेगी
व्यापमं द्वारा फरवरी 2019 में ली गई शिक्षक वर्ग-1 व 2 की परीक्षा पास कर चुके युवक-युवतियों ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से कहा कि 28 फरवरी 2019 को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद से अब शिक्षा विभाग ने उन्हें शिक्षक पद पर नियुक्ति नहीं दी है। शिक्षक वर्ग 1 के 19200 पद व शिक्षक वर्ग 2 के 11000 पदों के लिए व्यापम ने 2018 में विज्ञप्ति प्रकाशित कराई थी। परीक्षा पास कर चुके युवक-युवतियों में से 50 फीसदी के योग्यता संबंधी प्रमाण-पत्रों का सत्यापन 1,2 व 3 जुलाई को हो चुका है।

सत्यापन का काम पूरा हाेने से पहले ही सरकार ने उस पर रोक लगा दी। इसलिए परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके सभी आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कराया जाए। साथ ही 2 साल से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे आवेदकों को स्कूलों में नियुक्ति प्रदान की जाए। मंत्री तोमर ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा करेंगे। चर्चा करने वाले आवेदकों में रश्मि गर्ग, सरला तोमर, मेघा शर्मा, रामसेवक सिरोठिया, अतुल कुमार आर्य, विवेक सिंह राजपूत, लक्की दंडौतिया, परिमाल सेमिल व कमल सिंह कुशवाह आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।



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केन्द्रीय मंत्री तोमर की कार के सामने प्रदर्शन करती युवती को हटाते पुलिसकर्मी।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/morena/news/women-lying-in-front-of-union-minister-tomars-car-police-kept-on-chaining-to-remove-127668488.html

नाले पर कब्जा होने से मनियर बस्ती के घरों में पानी भरा, सिंध नदी पर बना पचावली पुल धंसकने से देहरदा-ईसागढ़ मार्ग बंद

शिवपुरी शहर की मनियर बस्ती के 50 से ज्यादा घरों में लगातार बारिश के कारण पानी भर गया। ऐसी स्थिति इसलिए बनी क्योंकि यहां के पुराने नाले को खत्म कर कॉलोनाइजर ने मकान बनवा दिए हैं। इससे बस्ती का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। 250 से ज्यादा परिवार परेशान हैं। वहीं सिंध नदी में उफान के चलते पचावली पर बना 132 साल पुराना पुल बीच में से धंसक गया है। इससे देहरदा-ईसागढ़ मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। वहीं जिले में रविवार तक कुल 700.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश की 85.8 फीसदी है।

मनियर बस्ती में मनियर तालाब से निकली पुरानी नहर को खत्म कर दिया गया है। नहर को पाटकर मकान बना दिए हैं। इससे ऊपरी हिस्से में पानी जमा हो गया है जो लोगों के घरों में भर गया है। बारिश का पानी घरों में भरा रहने से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। तीन साल से यह समस्या उत्पन्न हो रही है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका से लेकर कलेक्टोरेट में कई शिकायतें करने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है। बारिश का सिलसिला जारी है। जमा पानी को निकालने के लिए नगर पालिका ने अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की है।

नपा ने सुनवाई नहीं की तो चंदा करके 11 हजार की नई मोटर लाए लोग
मनियर बस्ती में जल भराव की समस्या को देखते हुए बीते साल नगर पालिका ने मोटर पंप रखकर पानी निकाला था। लेकिन इस बार कोई व्यवस्था नहीं की है। सुनवाई नहीं होने से लोग खुद ही चंदा करके 11 हजार रुपए की नई मोटर ले आए हैं। अब मोटर डालकर पानी निकालने की कोशिश करेंगे। लेकिन इससे समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाएगा।

बीते साल से 79.8 मिमी ज्यादा बारिश, दो तहसीलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
जिले में 30 अगस्त तक कुल औसत 700.6 मिमी बारिश हो चुकी है। बीते साल की तुलना में इस बार 79.8 मिमी ज्यादा बारिश हो चुकी है। 30 अगस्त 2019 को औसत बारिश 620.8 मिमी थी। वहीं जिले की दो तहसील कोलारस में 940 मिमी व नरवर में 871 मिमी बारिश हो चुकी है। यहां सामान्य से ज्यादा बारिश हो गई है। जबकि बदरवास में 755 मिमी, शिवपुरी में 721.6 मिमी हुई है। जिले में सबसे कम पिछोर तहसील में 545.3 मिमी बारिश हुई है।

मड़ीखेड़ा के छह गेटों से 31 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
अटल सागर मड़ीखेड़ा बांध के शनिवार की दोपहर से गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। रविवार को भी सुबह 8 बजे से छह गेटों से 31 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा। सिंध नदी में लगातार पानी आने से गेट खोलकर रखे हैं। रविवार शाम तक बांध का स्तर 345.75 मीटर था। इधर, पिछोर तहसील में महुअर नदी पर बना नावली डैम भी भर गया है। रविवार की सुबह 11 बजे सायरन बजाकर बांध के दो गेट खोल दिए। सिरसौद से 7 किमी दूर स्थित नावली डैम खुलने पर काफी संख्या में लोग देखने पहुंचे।

पचावली पुल दरका, रोका ट्रैफिक
पचावली पुल दरकने की सूचना पर दोपहर करीब 2.30 बजे कोलारस एसडीएम मौके पर पहुंचे। दोनों तरफ से मार्ग को पूरी तरह बंद करा दिया है। पचावली की तरफ रन्नौद थाना पुलिस और अनंदपुर गांव की तरफ लुकवासा चौकी पुलिस को तैनात कर दिया। वाहन पूरी तरह से बंद हैं। लेकिन अधूरे पुल के ऊपर से लोग पैदल आ-जा रहे हैं। नशेनी की मदद से लोगों का आना जाना जारी है।

बस्ती बालों ने ही नाली बंद कर दी, इसी से पानी भरा
मनियर बस्ती में नगर पालिका ने पक्की नाली बनाई है। जो लोग शिकायत कर रहे हैं, उन्हीं लोगों ने नाली को बंद कर रखा है। इसी कारण बस्ती में जल भराव की समस्या बनी हुई है। यह लोग उल्टा मुझे ही परेशान कर रहे हैं। संबंधितों पर मकानों की रजिस्ट्री तक नहीं है। दिलीप मुदगल, कॉलोनाइजर शिवपुरी

पहले नाला था या नहीं, इसकी जांच कराएंगे
मनियर बस्ती में जल भराव हो गया है। मोटर लगवाकर पानी निकलवा रहे हैं। अवैध कॉलोनी बस जाने की वजह से समस्या है। अभी फंड की व्यवस्था भी हमारे पास नहीं है। पहले नाला था या नहीं, इसकी जांच कराएंगे। जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे। केके पटेरिया, सीएमओ, नपा, शिवपुरी



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शिवपुरी। 250 परिवार घरों में कैद


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/shivpuri/news/due-to-the-capture-of-the-drain-the-houses-of-maniyar-basti-were-flooded-dehrada-isagarh-road-closed-due-to-the-blasting-of-the-pachhavali-bridge-on-the-sindh-river-127668767.html