Friday, February 28, 2020

फसल का गलत रिकॉर्ड और आधार लिंक नहीं इसलिए किसानों के पंजीयन पिछले साल से आधे


जहां पंजीयन के लिए बनाए हैं केन्द्र, उनकी बजाय दूसरे स्थानों पर बैठकर कर रहे हैं पंजीयन

इस बार गेहूं का रकबा पिछले साल से 18 हजार हेक्टेयर बढ़ाया। इसके बाद भी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन पिछले साल की तुलना में आधे ही हुए हैं। कम पंजीयन को देखकर शासन ने फिर तीन दिन की तारीख बढ़ाई है। लेकिन राजस्व के रिकॉर्ड में किसानों की फसलें गलत दर्ज हैं, यह भी कम पंजीयन की एक प्रमुख वजह सामने आई है।

इस बार समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन पिछले साल की तुलना में आधे भी नहीं हो सके हैं। किसानों के कम पंजीयन को देखते हुए दूसरी बार शुक्रवार को पंजीयन की तारीख तीन दिन और बढ़ा दी गई है। जब इस वर्ष कम हो रहे पंजीयनों की हमने ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंचे तो कई किसान चाहने के बाद भी तकनीकी खामियों की वजह से अपना पंजीयन नहीं करवा पा रहे हैं। भास्कर ने पंजीयन केन्द्रों पर पहुंचकर जब ग्राउंड रिपोर्ट की तो इसके पीछे सिस्टम की कई गलतियां नजर आईं। इस वजह से किसानों को भी पंजीयन के लिए खासा परेशान होना पड़ रहा है।

देखिए... विसंगतियों की ग्राउंड रिपोर्ट जो पंजीयन में बन रही बाधा

1.आधार कार्ड नहीं है जमीन की किताब से लिंक- कई किसानों के जमीन की ऋण पुस्तिका आधार कार्ड से लिंक नहीं है। ग्राम ढेकन के किसान पवन कुमार ने बताया कि पंजीयन कराने पहुंचे तो आधार लिंक किताब से नहीं मिला। पटवारी के पास पहुंचे लिंक कराया इसके बाद भी पंजीयन नहीं हो सका।

2.गेहूं बोया रिकॉर्ड में दर्ज चना- ग्राम डंगौरा के किसान रामकृष्ण रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने गेहूं की बोवनी की है और इस बार बंपर आवक की उम्मीद है। जब वे समर्थन मूल्य पर पंजीयन कराने पहुंचे तो रिकॉर्ड में चना दिखा रहा है। इस तरह की समस्या सबसे अधिक किसानों के सामने आ रही है। ऐसे में खाद्य विभाग रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने के लिए एनआईसी में भेज रहे हैं।

आधार कार्ड लिंक, सर्वर स्लो होने के साथ ही अन्य समस्याएं आ रही हैं सामने

33 केन्द्रों की तुलना में इंटरनेट से पंजीयनों की संख्या अधिक

इस वर्ष समर्थन मूल्य पर पंजीयन के लिए कुल 33 केन्द्र बनाए गए। इन सभी केन्द्रों पर हुए पंजीयनों की तुलना में इस वर्ष इंटरनेट के माध्यम से कियोस्क पर हुए पंजीयनों की संख्या अधिक है। अभी तक 5158 किसानों ने कियोस्क या इंटरनेट के माध्यम से अपने पंजीयन कराए हैं।

समर्थन मूल्य खरीदी के लिए पंजीयन केंद्रों पर पंजीयन कराते किसान।

केन्द्र हुए कम: पिछले साल खरीदी के लिए जिले में कुल 49 केन्द्र बनाए गए थे लेकिन इस वर्ष मात्र 38 केन्द्र ही स्वीकृत हुए हैं। इसकी वजह से भी कई किसान पंजीयन कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

3.तारीख बढ़ाई लेकिन सर्वर दे रहा दिक्कत- शुक्रवार को जब हम अशोकनगर खरीदी केन्द्र पर पहुंचे तो वहां सुबह से दोपहर 3 बजे तक मात्र 10 की पंजीयन हो सके थे। कम्प्यूटर ऑपरेटर रघुनंदन सेन ने बताया कि सर्वर स्लो होने की वजह से पंजीयन में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को भी 12 पंजीयन दिनभर में सर्वर की वजह से हो सके थे।

4. शहर में कर रहे गांव के पंजीयन- कई खरीदी केन्द्र संचालक गांव की बजाय शहर में पंजीयन कर रहे हैं। इससे भी किसानों को परेशानी हो रही है। ऐसे में अगर कहीं किसान कोई दस्तावेज नहीं ला पाता है तो उसको दस्तावेज लेने फिर गांव भागना पड़ रहा है। यह भी पंजीयन में एक बड़ी बाधा बन रही है।

जिले में कुल पंजीयनों पर एक नजर

कुल पंजीयन- 16890

कुल रकबा- 80687 हेक्टेयर

गेहूं- 15847

चना- 7612

मसूर- 1507

सरसों- 1813

पिछले साल कुल पंजीयन- 32365

गेहूं के – 28520

चना- 17851

मसूर- 3271

सरसों- 2753

पिछले वर्ष का रकबा-

चना- 113610 हेक्टेयर

गेहूं- 155000 हेक्टेयर

इस वर्ष चना का कुल रकबा- 98733

इस वर्ष गेहूं का कुल रकबा- 173000

तारीख बढ़ाने का आग्रह किया है


डाॅ. मंजू शर्मा, कलेक्टर अशोकनगर।



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Ashoknagar News - mp news incorrect crop record and aadhaar link is not available so farmers registration


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