Tuesday, March 31, 2020

राजपूत समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन निरस्त


क्षेत्रीय राजपूत समाज का आठवां सामूहिक विवाह सम्मेलन 26 अप्रैल 2020 को ग्राम सुपरली तहसील डोलरिया में आयोजित हाेना था जिसे कोरोना संक्रमण के कारण निरस्त कर दिया गया है। राजपूत समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेश सिंह राजपूत एवं महामंत्री गजेन्द्र सिंह राजपूत ने बताया वर्तमान में कोरोना संक्रमण के कारण समूचे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित है। जिले में धारा 144 प्रभावशील है। ऐसी विषम परिस्थितियों में अक्षय तृतीया 26 अप्रैल 2020 को ग्राम सुपरली में आयोजित राजपूत समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियां प्रभावित होंगी इसलिए समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों से टेलीफोनिक चर्चा कर विचार विमर्श करने के उपरांत सामूहिक विवाह सम्मेलन निरस्त कर दिया गया।

अांगनबाड़ी कार्यकर्ता घर जाकर देंगी पाेषण अाहार

होशंगाबाद | काेराेना के संकट में भी कुपाेषित बच्चाें पर प्रशासन का पूरा ध्यान है। कलेक्टर धनंजय सिंह ने कुपोषित बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने अाैर टेक होम राशन घराें में देने का आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर काे अादेश दिए हैं। इसके अलावा जरूरतमंदाें काे भाेजन देने काे कहा है। कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस कर एसडीएम काे अादेश दिया कि काेई भी मकानमालिक किराएदाराें काे लाॅकडाउन में घर से बेघर न करें। इस दौरान एडीएम जीपी माली सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इज्तिमाई शादियां हाे सकती हैं स्थगित

हाेशंगाबाद| 11 अप्रैल काे नमन नर्मदा गार्डन हाेशंगाबाद में इज्तिमाई शादियाें का अायाेजन प्रशासन अाैर अंजुमन कमेटी के सहयाेग से किया जाना था जाे लाॅकडाउन के चलते स्थगित कर तारीख अागे बढ़ाने की संभावना बताई जा रही है।



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कोरोना से ज्यादा फसल की चिंता, गांव के घर छोड़ खेतों में रह रहे लोग

गांवों में भी पूरी तरह लॉकडाउन है। इक्का दुक्का दुकानें खुली हैं। जिले से संपर्क भी पूरी तरह कटा है। गांवों में होम डिलीवरी जैसी सुविधा भी नहीं है। केसला के आदिवासी गांवाें के ग्रामीणों के सामने कोरोना से खतरे से ज्यादा रोज के खाने की चिंता है। प्रशासन शहरी क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित करने में जुटा है, ऐसे में गांव के लोग अपने स्तर पर ही हालात का सामना कर रहे हैं।

पथाैड़ी : गांवों में नहीं आ रहे हार्वेस्टर, गेहूं कटाई की बढ़ी चिंता, कुछ किसानों ने हाथ से काट ली फसल

रामभरोस मीणा } होशंगाबाद| कुलामड़ी पंचायत के गांव पथाैड़ी में कोरोना वायरस से ज्यादा किसानाें काे खेती-किसानी की चिंता है। संभाग मुख्यालय से 5 किमी दूर गांव पथाैड़ी में 96 घर है। अाबादी 650 है। गांव में किसी के पास मास्क अाैर सेनेटाइजर नहीं है। गांव में लाेग इस समय काेराेना से ज्यादा अपनी फसल की कटाई काे लेकर चिंतित है। कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे अाैर ना गांव में हार्वेस्टर मशीन अा रही है। छोटे किसानों ने तो मजदूरों से फसल कटा ली लेकिन बड़े किसान परेशान हैं। कई किसान खेतों में रहकर फसल की

चौकीपुरा : लॉकडाउन में हर घर पर ताला, सभी लोग फसल की रखवाली और महुआ बीनने के काम में लगे

मोहम्मद साजिद खान }सुखतवा | इटारसी से 30 किमी दूर सुखतवा के पास चौकीपुरा गांव। 365 परिवारों इस गांव में हर घर पर ताला है। लोग घर बंद कर फसल की रखवाली और महुआ बीनने का काम करने जा रहे हैं। गांव के लोग मुख्य रूप से मजदूरी, कृषि और पोल्ट्री पर आश्रित हैं। गांव के पप्पू मर्सकोले ने बताया कि मजदूरी और मुर्गी पालन से ही घर चलता है। दोनों ही काम बीमारी कारण बंद हैं। अब पेट भरने के लिए भी पैसा नहीं है। नंदकिशोर भलावी मजदूरी करते हैं। उनकी पीड़ा है - पूरे परिवार सहित घर पर बैठे हैं। अब तक तो जैसे-तैसे पेट भर रहे थे। आगे क्या होगा, पता नहीं। चौकीपुरा ग्राम की सरपंच सीमा मर्सकोले अपने घर पर ताला लगाकर खेत में रह रही हैं। पूरे गांव की यही हालत है। इसका एक फायदा तो यह हो रहा है कि लॉकडाउन का पालन सही तरीके से हो रहा है और खेतों में फसलों की रखवाली भी हो रही है।

गुनौरा : मंदिर, दुकानों के सामने बनाए गोले, गांव के वरिष्ठ दुष्यंत गौर समझा रहे लॉकडाउन का महत्व

सुरभि नामदेव } होशंगाबाद | जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव गुनाैरा में ग्रामीण जागरुक हैं। चाैक पर बने हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए और दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के लिए चूने के निशान बनाए हैं। गांव के वरिष्ठ सदस्य दुष्यंत गाैर ने लाॅकडाउन के अगले ही दिन गांव में साेशल डिस्टेंस का पालन करने के साथ दुकाने खाेलने बंद करने के समय अाैर घर में रहने की समझाइश घर- घर जाकर दे रहे हैं। यशवंत गाैर ने बताया गांव में कोरोना से सावधानी रखने और स्वस्थ रहने पर्चे भी बंटवाए हैं। गांव के नवीन गाैर बताते हैं 300 परिवार वाले इस गांव में 1200 सदस्य हैं। करीब 150 बच्चे शहराें में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। अधिकांश कृषक परिवार हैं। 25 अाैर 26 मार्च काे जब इंदाैर, भाेपाल में रहकर पढ़ाई कर रहे बच्चे गांव लाैटे ताे सबकाे अाश्चर्य हुअा। बच्चे परीक्षा के समय घर कैसे अाए। तब बच्चाें ने गांव की भाषा में बीमारी अाैर प्रधानमंत्री की बात समझाई।

रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीणाें के मुताबिक काेई अधिकारी समस्या जानने नहीं अाया। हालांकि ग्राम पंचायत ने भी अब अपने स्तर से पथाैड़ी की दुकान पर एक पाेस्टर बंद का लगा दिया है।



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Hoshangabad News - mp news worries of crop more than corona people living in fields leaving village home
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किराना लेने से पहले सोशल डिस्टेंस का दिया उदाहरण


होशंगाबाद| सांगाखेड़ा कला गांव से एक व्यक्ति लक्ष्मण चाैरे ने बताया किराना दुकान पर सामान लेने अाए। सुबह दुकान खुली भीड़ थी उन्हें जाना भी था, लेकिन वे गाेले में ही खड़े रहे। चाैरे के अनुसार गांव में उतना सामान दुकानाें पर नहीं बचा है, इसलिए इसे लेने शहर अाना पड़ रहा है। दुकान संचालक अरुणेंद्र तिवारी ने पहले ही दुकान के पास गाेल बना दिए थे। लक्ष्मण चाैरे के अलावा अन्य लाेग जाे यहां अाए थे, वे गाेले में ही खड़े हाेकर साेशल डिस्डेंस बनाते नजर अाए।



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Hoshangabad News - mp news an example of social distance before taking a grocery


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अवाम की अमानत है ‘प्रेम-हंसी-दर्द-विरह’ से भरी रफी साहब की आवाज **


पहले ही दे दिया मौत का संकेत

अपनी मौत से कुछ समय पहले रफी ने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जोड़ी की एक रिकॉर्डिंग में हिस्सा लिया था। इसका एक किस्सा लक्ष्मीकांत ने बयां किया था कि उस दौरान उनका बिहेवियर थोड़ा अजीब था। जाते समय बोले कि-भाइयो, अब जा रहा हूं। लक्ष्मीकांत को आश्चर्य हुआ, क्योंकि वे कभी आने जाने का जिक्र नहीं करते थे। कुछ समय बाद ही रफी को दिल का दौरा पड़ा और वे चल बसे। 31 जुलाई 1980 को जब रफी साहब का निधन हुआ तो उस दिन मुंबई में तेज बारिश हुई। उसके बावजूद करीब 10 हजार लोग अंतिम यात्रा में शरीक हुए थे।

रफी साहब ने बाकायदा संगीत की औपचारिक शिक्षा ली थी। उस्ताद अब्दुल वाहिद खान, पंडित जीवन लाल और फिरोज निजामी से शास्त्रीय संगीत के गुर सीखे थे। बचपन में उनका घर का नाम ‘फीको’ था। वह अपने गांव के एक फकीर के गाने भी ध्यान से सुनते थे और उन्हें दोहराते थे। यही उनका रियाज होता था। यही उनकी आवाज की विविधता और बड़े स्केल की शुरुआत थी। बाद में यही उनकी गायकी की पहचान बनी।

अमिताभ ने एक किस्सा सुनाया था। एक बार किसी टूर में प्रस्तुति देकर रफ़ी साहब लौट रहे थे। वे वापसी प्लेन में बैठने तैयार थे। तभी पता चला कि अगले दिन के लिए तयशुदा गायक कलाकार का आना कैंसल हो गया। अब कार्यक्रम खतरे में पड़ गया। ऐसे में अमिताभ ने वापसी के लिए विमान में जोन को तैयार रफ़ी साहब से रिक्वेस्ट की कि एक दिन और रुक जाएं। रफ़ी साहब ने रत्ती भर नानुकुर नहीं की और फटाफट फ्लाइट छोड़कर वापस आ गए। ऐसे सहज थे मो. रफी।

जब गाने के पैसे लिए हैं तो रॉयल्टी क्यों लू?

रफी ने यूं तो लता मंगेशकर के साथ कई गाने गए, लेकिन एक बार इन दोनों के बीच मतभेद भी पैदा हुए थे। लता गानों की रॉयल्टी दिए जाने की समर्थक थीं वहीं रफी ने रॉयल्टी के विरोधी। वे मानते थे कि एक बार जब गाने के पैसे िमल गए तो फिर रॉयल्टी किस बात की। दोनों के बीच मतभेद इतना बढ़ा कि बातचीत भी बंद हो गई। चार साल बाद वे एक मंच पर आए जब नरगिस ने दोनों को कार्यक्रम में बुलाया। वहां उन्होंने साथ में ‘दिल पुकारे..’ गीत गाया।

शम्मी के कहने पर गाने में डाला मस्ती वाला लहजा

रफी एक बार ‘कश्मीर की कली’ फिल्म के लिए ‘सुभान अल्लाह हाय, हसीं चेहरा...’ की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। शम्मी कपूर ने उनके आगे जिद पकड़ ली कि, यह गाना वह उछल–कूद करके पेश करना चाहते हैं। आप अपनी गायकी में उछल–कूद का लहजा भर दीजिए। आखिरकार रफी साहब को उनकी बात माननी पड़ी और फिर आगे ऐसे मस्ती भरे गाने भी उनकी पहचान बने। बाद में उन्होंने शम्मी के लिए ‘चाहे मुझे कोई जंगली कहे’ भी गाया।

नौशाद के निवेदन पर गायकी में लौटे

हज करने के बाद रफी साहब ने इंडस्ट्री को छोड़ने का इरादा कर लिया था। वह नए गायकों को मौका देना चाहते थे, पर कुछ लोगों ने यह दुष्प्रचार फैला दिया कि रफी की मार्केट वैल्यू खत्म हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए नौशाद साहब ने उनके निर्णय में दखल देते हुए कहा- ‘तुम्हारी आवाज अवाम की अमानत है और तुम्हें अमानत में खयानत करने का कोई हक नहीं।’ उनके इन शब्दों को सुनने के बाद रफी सिंगिंग में वापस लौट आए।

तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे/ जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे/ संग-संग तुम भी गुन गुनाओगे।

आ ज बात सुरों की दुनिया के एक ऐसे फनकार की जिसकी आवाज को अवाम की अमानत माना गया। जिनके गीतों में प्रेम, हंसी, शोक, दर्द, आह, खामोशी, मिलन, विरह जैसी मानव जीवन की सारी भावनाओं हमें देखने को मिलती हैं। 40 साल के फिल्मी गायन के सफर में उन्होंने 25 हज़ार से अधिक गाने रिकॉर्ड करवाए और उनकी आवाज का जादू उनके जाने के चालीस साल बाद भी कम नहीं हुआ है। ये गायक थे माे. रफी साहब। आज बात उन्हीं मो. रफी की-

13 साल की उम्र में अकेले संभाला स्टेज

रफी साहब की गायकी की शुरुआत का एक किस्सा है। जब एक स्टेज शो के दौरान बिजली चली गई तो उस जमाने के जाने-माने गायक केएल सहगल ने स्टेज पर गाना गाने से मना कर दिया। रफी भी उस वक्त वहां मौजूद थे। उनकी उम्र 13 साल थी। तब रफी ने स्टेज संभाला तो सिंगिंग का ऐसा कमाल दिखाया कि सभी दंग रह गए। यहीं से उनकी किस्मत खुली।

इतना रियाज किया कि गले से खून आ गया

‘बैजू बावरा’ के सॉन्ग ‘ऐ दुनिया के रखवाले’ के लिए रफी कई दिन इतना ऊंचा सुर लगाया कि जब इसकी रिकॉर्डिंग की तो उनके गले से खून तक आने लगा था। उनकी आवाज कुछ ऐसी प्रभावित हो गई कि लोगों ने कहना शुरू कर दिया था कि रफी साहब अब शायद ही कभी गा पाएं, लेकिन इसके बाद भी रफी ने हार नही मानी और कई हिट गाने गाए।

Á साल 1948 में रफी ने राजेन्द्र कृष्णन द्वारा लिखा हुआ गीत ‘सुनो-सुनो... ऐ दुनिया वालों बापू की यह अमर कहानी’ गाया था। यह इतना बड़ा हिट हो गया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें अपने घर पर यह गाना गाने के लिए निमंत्रण दिया था।

Á रफी ने न केवल सिंगिंग में ही बल्कि एक्टिंग में भी हाथ आजमाया था। उन्होंने ‘लैला मजनू’ और ‘जुगनू’ फिल्म में बतौर एक्टर काम किया था।

Áरफी साहब ने ज्यादातर गाने संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जोड़ी के लिए गाए। उन्होंने उनकी फिल्मों के लिए करीब 369 गाने गाए थे जिसमें से 186 सोलो सॉन्ग्स शामिल हैं।

Á वे किसी भी संगीतकार से कभी यह नहीं पूछते थे कि उन्हें गाना गाने के एवज में कितना पैसा मिलेगा। कभी-कभी सिर्फ 1 रुपए में भी उन्होंने फिल्मों में गाना गाया है। कई बार तो वे गीतकार से फीस लेकर उन्हीं के बच्चों की जेब में पैसा डाल देते थे।

Á रफी साहब को बचपन में पढ़ने-लिखने से ज्यादा उन्हें नदी किनारे या पेड़ों के झुरमुट में बैठकर सीटी बजाना और गीत गाना पसंद था। ऐसा करने के लिए उनकी एक बार जमकर पिटाई भी हुई थी।

कुछ अन्य खास बातें**

लॉकडाउन के दौर में सभी यादों के गलियारे में सफर कर रहे हैं। ऐसे में हमारे कॉलम ‘क्या आप जानते हैं’ में हम आपको हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों और हस्तियों से रू-ब-रू करा रहे हैं जो इस सफर में मील के पत्थर हैं और आज भी मिसाल हैं।

क्या आप जानते हैं **



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Gwalior News - mp news awami39s blessings are rafi sahab39s voice filled with 39love laugh pain virah39
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लॉकडाउन में ओटीटी का सहारा, मूवीज केमुकाबले 40% ज्यादा लोगों को भा रहे वेब शोज


किरण जैन। मुंबई

को रोना के कारण देश में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। सभी लोग घर पर हैं। ऐसे में एंटरटेनमेंट उनकी जरूरत है। लोगों के इसी रुझान को जानने पॉपुलर मीडिया कंसल्टिंग फर्म ऑरमैक्स मीडिया ने एक ऑनलाइन सर्वे करवाया। इसके मुताबिक़ सोशल डिस्टेंसिंग के इस समय में केवल ओटीटी प्लेटफॉर्म ही मनोरंजन का माध्यम बनकर उभरा है। उस पर भी मूवीज और वीडियोज की तुलना में वेब सीरीज ज्यादा पॉपुलर पाई गई हैं। सर्वे के लिए 92 शहरों में ऑनलाइन मतदान द्वारा 15 और उससे अधिक उम्र के कुल 1,500 लोगों से राय मांगी गई थी। इनमें से 61 प्रतिशत ने वेब शोज को ही अपना मनोरंजन का सहारा बताया, जबकि सिर्फ 21 प्रतिशत ही मूवीज देख रहे हैं, यानि फिल्मों से 40% ज्यादा लोग वेब शोज देख रहे हैं। (साथ में दिया गया पाई ग्राफ देखें।)

ये है सर्वे रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक़- लोगों से इस हफ्ते घर पर समय बिताने के दौरान उनकेे मुख्य मनोरंजन माध्यमों के बारे में प्रश्न पूछे तो ऐसे उत्तर आए।

ओटीटी कंटेंट- 57 % ने इसी का सहारा लिया।

सोशल मीडिया- 46% को इसी का आसरा।

टेलिविजन- 44% ने इस पर निर्भरता की बात स्वीकारी।

रीडिंग- 14% ने किताबों से पाया मनोंरजन।

रेडियो- 13% मात्र लोगों ने लिया इस माध्यम का सहारा।

(पूरे सर्वे में शामिल 100% लोगों के आगे ये प्रश्न एक साथ नहीं रखे गए। हर प्रश्न 100% लोगों के आगे हर बार अलग-अलग रखे गए। जिसमें से इन्होंने च्वॉइस बताई। इनमें कई लोगों की काॅमन पसंद भी शामिल हो सकती है।)

आेटीटी पर कहां दे रहे कितना वक्त

एंटरटेनमेंट कंटेंट की पसंद में बदलाव का दौर**

सर्वे के बारे में औरमैक्स मीडिया के हेड शैलेष कपूर बताते हैं, लॉकडाउन की वजह से इस बार हमने ऑनलाइन रिसर्च किया। यह रिपोर्ट पूरी तरह से इसी कंटेंट पर बेस्ड है कि लॉकडाउन के इस समय में लोगों के एंटरटेनमेंट बिहेवियर कंजप्शन में कितना बदलाव आया हैं। जैसे की हमने उम्मीद किया था की लोग ज्यादातर घर पर रहेंगे तो मोबाइल पर ही अपना अधिक वक्त बिताएंगे पर उसमें भी हमें यह जानना था कि वे मोबाइल पर सोशल मीडिया में बिजी हैं या फिर वेब सीरीज में।’

ये हैं टॉप 3 आेटीटी प्लेटफॉर्म

सर्वे में सामने आए टॉप 3 ओटीटी प्लेटफॉर्म में सबसे पहला नाम नेटफ्लिक्स का है। इसके बाद हॉट स्टार और अमेजन जैसे प्लेटफॉर्म्स ने अपनी जगह बनाई है। इन तीनों की ही व्यूअरशिप बाकियाें से ज्यादा है। ये तीनों प्लेटफॉर्म पेड होने के बावजूद भी लोग इनका सबस्क्रिप्शन ले रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म को अाने वाले समय में और अधिक फायदा होने वाला है। वहीं इसी बीच यूट्यूब का कंजप्शन भी बढ़ा है। लोग वहां भी मुफ्त में वेब सीरीज और शाॅर्ट फिल्म्स देख रहे हैं।

92 शहरों में हुई एक ऑनलाइन रायशुमारी में सामने आया तथ्य....
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survey**

कॉमेडी

वीडियो

मूवीज

21%

13%

5%

वेब शोज

61%



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Gwalior News - mp news ott39s support in lockdown 40 more people enjoy web shows than movies


source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-ott39s-support-in-lockdown-40-more-people-enjoy-web-shows-than-movies-071105-6948540.html

सिंगर कनिका की पांचवीं कोराेना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई **


कनिका कपूर ने हाल ही में उम्मीद जताई थी कि उनका अगला कोविड-19 टेस्ट निगेटिव आएगा और अगले ही दिन उनका पांचवा टेस्ट भी पॉजिटिव आया है। कनिका इन दिनों लखनऊ में भर्ती हैं। जिस इंस्टीट्यूट में वह एडमिट हैं वहां के डायरेक्टर प्रो. आरके धीमन का कहना है कि सिंगर की कंडीशन स्टेबल है और चिंता की बात नहीं हैं।



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Gwalior News - mp news singer kanika39s fifth korena report is also positive


source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-singer-kanika39s-fifth-korena-report-is-also-positive-071101-6948538.html

आईएमडीबी लिस्ट में दीपिका को पछाड़ तापसी ने किया टॉप**


इंटरनेट मूवी डाटा बेस (आईएमडीबी) ने हाल ही में फेमस एक्ट्रेसेज को लेकर फैंस द्वारा एक एनालिसिस करवाया। इस लिस्ट में दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट जैसी एक्ट्रेसेज को पछाड़ते हुए तापसी पन्नू ने शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके बाद दूसरे नंबर पर ऋचा चड्ढा हैं। वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर विद्या बालन व आलिया रहीं।



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Gwalior News - mp news taapsee tops deepika in imdb list


source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-taapsee-tops-deepika-in-imdb-list-071057-6948537.html

‘अफसोस है कि आलिया का टैलेंट यूज नहीं कर पाया’**


director speaks...

आलिया के साथ काम करने को लेकर करण ने कहा, मुझे ऐसा लगता है कि ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ तो बस उसका इमोशनल लॉन्च है पर उसका प्रोफेशनल लॉन्च तो ‘हाईवे’ से हुआ है। मैंने उनके अंदर टैलेंट देखा तो था पर मुझे अफसोस है कि मैं उस टैलेंट का यूज ही नहीं कर पाया।

फिल्ममेकर करण जौहर आलिया भट्‌ट को ऊपरवाले की देन मानते हैं। उन्होंने हाल ही में कुबूला कि वे उनकी डेब्यू फिल्म में उनका पोटेंशियल नहीं पहचान पाए और उनके टैलेंट का पूरा यूज नहीं कर पाए। हालांकि वे खुश है कि अपनी अगली फिल्म ‘तख्त’ में उन्हें आलिया को डायरेक्ट करने का मौका मिलेगा और इस बार वे उनका पूरा टैलेंट यूज करेंगे। बता दें कि आलिया ने करण के बैनर तले ही बनी फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से डेब्यू किया था।



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Gwalior News - mp news 39sorry that aaliya39s talent could not be used39


source https://www.bhaskar.com/mp/gwalior/news/mp-news-39sorry-that-aaliya39s-talent-could-not-be-used39-071049-6948533.html

थ्रेसर में अाया महिला का पैर, हड्डी टूटकर बाहर निकली, अस्पताल में भर्ती


बाबई तहसील के पाटनी गांव की एक महिला का पैर मंगलवार काे घर में चल रही थ्रेसर मशीन में अा गया। घटना में महिला के पैर की हड्डी टूटकर बाहर की अाेर निकल अाई। घायल अवस्था में महिला काे नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के प्रबंधक मनाेज सारंग ने बताया पीड़ित महिला कांति पति छाेटेलाल यादव (45) की हालत गंभीर है। पैर थ्रेसर में फसंने से काफी चाेटिल हाे गया है अाैर खून भी बहा है। पैर की हड्डी टूटकर बाहर निकल अाई है। महिला का उपचार चल रहा है परिजन उसे घायल अवस्था में लेकर अस्पताल पहुंचे थे। महिला का अस्पताल में इलाज जारी है।



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source https://www.bhaskar.com/mp/hoshangabad/news/mp-news-aya-woman39s-leg-in-thrasher-fractured-out-hospitalized-063632-6949979.html

राजस्थान से लगातार आ रहे लोग, भोजन के 400 पैकेट बांटे


आलोट । मंगलवार को प्रशासन ने लॉकडाउन रखा और लोगों ने इसका पालन किया। इधर राजस्थान से मजदूरों का आना बंद नहीं हो रहा है। ज्यादातर लोग आदिवासी क्षेत्र के हैं जो झाबुआ और आसपास गांवों के रहने वाले हैं। प्रशासन ने 40 से अधिक लोगों को आंबेडकर भवन में रुकवाया है, जहां उनकी स्वास्थ्य जांचकर भोजन की व्यवस्था की है। सामाजिक संस्थाओं की मदद से प्रशासन ने 400 भोजन के पैकेट बांटे। प्रशासन भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने के लिए मुस्तैद है।

महिदपुर रोड | मंगलवार को नवकार क्रिएशन अध्यक्ष राजेश कांठेड़ के माध्यम से ग्रुप सदस्यों ने पशु-पक्षियों के लिए रोटी, चारा, पानी की व्यवस्था की।



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source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/mp-news-people-coming-continuously-from-rajasthan-distributed-400-packets-of-food-063522-6950593.html

रोक के बाद भी बेच रहे थे मिठाई, नष्ट करवाई


मंगलवार को प्रशासन ने पुरे शहर को लॉकडाउन रखने की बात कही थी। बावजूद संजय चौक स्थित मिष्ठान भंडार पर मिठाई बेची जा रही थी। सूचना प्रशासन को लगते ही अमला मौके पर पहुंचा। दुकान से मिठाइयां लेकर उन्हें नष्ट करवाई। साथ ही दुकानदार को दुकान बंद रखने के सख्त निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कुछ दिन पहले सभी मिठाई दुकानों से मिठाइयां लेकर नष्ट करने के निर्देश प्रशासन को दिए थे। संजय चौक पर मिठाइयां बेचने की जानकारी मिली तो तहसीलदार व नायब तहसीलदार ने बीकानेर मिष्ठान भंडार पर दबिश दी। जहां से 10 किलो रसगुल्ले, 5 किलो गुलाबजामुन व लड्डु, 10 से अधिक केक नगर परिषद के कर्मचारियों ने लिए। उन्हें नष्ट किया। ऐसे में सामग्री कहां से लाई और सामग्री 8-10 दिन पुरानी है। इस पर व्यापारी ने बताया कि मिठाई बेचने के लिए नहीं थी, केवल सजावट के लिए रखी थी। तहसीलदार बीएस बामनिया ने कहा प्रतिबंध के बावजूद मिठाई व अन्य सामग्री बेचने की जानकारी मिली थी। सामग्री जब्त कर नष्ट कराई है।

लॉकडाउन के बीच मिठाई बेचने की शिकायत पर कार्रवाई करता अमला।



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Aalot News - mp news sweets were sold even after the ban destroyed


source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/mp-news-sweets-were-sold-even-after-the-ban-destroyed-063517-6950609.html

दुकानों में रखी खाद्य सामग्री नष्ट कराई


पिपलियामंडी | कोरोना से लड़ाई के तहत खाद्य विभाग ने दुकानों में रखी खाद्य सामाग्री नष्ट कराई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा ने बताया कंचन स्वीट्स से 25 लीटर लस्सी, 10 किलो श्रीखंड, 12 किलो गुलाब जामुन, पोरवाल नमकीन मिष्ठान भंडार से 15 किलो गुलाब जामुन, 20 किलो मिठाई एवं 5 किलो बूंदी दाने नष्ट कराए। श्याम मिष्ठान से 10 किलो नमकीन और 8 किलो मिठाई नष्ट करवाई।



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दोनों शातिर चोर से सोने की अंगूठी व दो मोबाइल जब्त


बरखेड़ाकलां में डेढ़ महीने पहले मोबाइल दुकान में चोरी करने वाले दो शातिर बदमाशों को पुलिस ने मंगलवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से चोरी गए दो मोबाइल व एक सोने की अंगूठी बरामद कर ली है। बुधवार को कोर्ट में पेश करेंगे।

बरखेड़ाकलां थाना प्रभारी विजय सनस ने बताया 14 फरवरी की रात में बरखेड़ाकलां के बस स्टैंड क्षेत्र स्थित अनिल सेठिया की मोबाइल दुकान में चोरी हाे गई थी। बदमाश वहां से दो मोबाइल, सोने की अंगूठी व नकदी ले गए थे। तब से पुलिस को बदमाशों की तलाश थी। पुलिस ने कुछ पुराने अपराधियों को शंकास्पद मानकर जांच शुरू की। साइबर टीम की मदद ली। शंका पर बरखेड़ाकलां के मसजिद मोहल्ला निवासी रूस्तम पिता इब्राहिम मंसूरी (45) व दिनेश पिता प्रभुलाल बागरी (33) को हिरासत में लिया। पूछताछ में इन्होंने चोरी करना कबूला। इनके घर से चोरी का माल बरामद किया।

एक आरोपी पर 24 प्रकरण दर्ज, जिलाबदर भी हुआ था


एसडीओपी डीआर माले ने बताया आरोपी रूस्तम के खिलाफ बरखेड़ा कलां में ही चोरी, मारपीट समेत 24 मामले दर्ज है और इसको पूर्व में जिला बदर किया जा चुका था। यहां तक की रासुका की कार्रवाई भी इस पर हो चुकी है। आरोपी दिनेश के खिलाफ भी चार केस दर्ज हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीम में थाना प्रभारी सनस के साथ ही एसआई पीएल दायमा, एएसआई उदयभान राय, प्रधान आरक्षक गोवर्धन सोलंकी, शिव यादव, आरक्षक बाबूलाल मालवीय, विजय पाटीदार, कुलदीप सिंह भाटी, कमल सिंह, दीपक माली, विपुल भावसार, बलराम पाटीदार, नेपालसिंह की सक्रिय भूमिका रही ।

गिरफ्तार आरोपी (नीचे बैठे) के साथ बरखेड़ाकलां पुलिस टीम।



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Aalot News - mp news gold ring and two mobiles seized from both vicious thieves


source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/mp-news-gold-ring-and-two-mobiles-seized-from-both-vicious-thieves-063506-6950628.html

इंदौर और भोपाल में कोरोना के मरीज बढ़े, ग्वालियर में लॉकडाउन का पालन न होने से बिगड़ सकते हैं हालात

कोरोना के संक्रमण को न तो शहर के लोग गंभीरता से ले रहे हैं और न ही इसका जिम्मेदार अमला। बाजारों में हाट की तरह भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन ने जिन लोगों को होम क्वारेंटाइन किया है, उनमें से कई लोगों को तो इसका मतलब भी नहीं मालूम। वे इसकी गंभीरता को समझे बिना आराम से घूम रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें न तो किसी ने घर पर रहने की सलाह दी और न ही जिम्मेदार उनका फॉलोअप ले रहे हैं। इन हालातों के चलते खतरा बढ़ने की आशंका है इसलिए दैनिक भास्कर की शहरवासियों से अपील है कि आप घर में ही रहें तो बेहतर होगा।

16 बाजारों में 6 घंटे आम दिनों की तरह उमड़ी भीड़, दुकानों पर खरीदारों के झुंड, सख्ती भी नहीं

1 मामा का बाजार: सुबह 7.20 बजे, यहां दूध, राशन की दुकान पर लोग समूह में खड़े थे। न इन्हें रोकने के लिए पुलिस थी न कोई अन्य इंतजाम। दुकानों के बाहर मार्किंग तक नहीं।
2 माधोगंज: पुलिस थाने के पास से लेकर आगे चौराहे तक, हालात खराब थे। दुकानों के बाहर इतनी भीड़ थी कि लोगों ने अपनी गाड़ियां सड़क पर लगाईं तो आधी-आधी सड़क घिर गई। एक एफआरवी यहां से गुजरी, लेकिन सायरन बजाते हुए पुलिसकर्मी निकल गए। अनाउंसमेंट तक नहीं किया।
3 लाला का बाजार: यहां दुकानों के साथ छोटी क्लिनिक और दवा की दुकानों पर भीड़ लगी थी। शास्त्री क्लिनिक के पास भीड़ होने पर पुलिस पहुंची।
4 महाराज बाड़ा: चिटनीस की गोठ तिराहे से लेकर छापा खाना और महाराज बाड़ा। यहां मंगलवार सुबह जमीन पर भी सामान रखकर लोग बेच रहे थे। सप्तमी के चलते यहां पूजा का सामान बेचने वाली दुकान, फल के ठेले,किराने की दुकान, जमीन पर रखकर सामान बेचने वालों की भीड़ थी। ठीक सामने बृजवासी मिष्ठान्न भंडार के बाहर कुर्सी डालकर कोतवाली थाने का स्टाफ बैठा था, लेकिन भीड़ तक नहीं छंटवाई।
5 चावड़ी बाजार: यहां दवा की दुकान और फल के ठेलों पर लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े थे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा था।
6 खासगी बाजार: किराने की दुकान, दवा की दुकानों पर भीड़, एक बार भी पुलिस नहीं गुजरी।
7 छत्री मंडी: मंडी के बाहर बैरिकेड लगा दिए गए। यहां लोगों ने वाहन लगाए तो भीड़ लग गई। अंदर भी एक-एक दुकान पर कई लोग खड़े थे। दुकानदार न ग्लब्स पहने थे न मास्क लगाए थे। किराने की दुकानों पर भी भीड़ थी। इसी तरह मंडी के पीछे भी यही हालात थे। सड़क पर पार्किंग से जाम लगने लगा।
8 लक्ष्मीगंज: लक्ष्मीगंज सब्जीमंडी में फिर व्यवस्था चरमरा गई। सुबह 5 बजे से यहां भीड़ लग गई। हालात ऐसे हो गए कि अंदर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। सड़कों पर गाड़ियां लग गई। इसके चलते गोल पहाड़िया तक भीड़ लगी। यहां राशन की दुकानों पर भी कोई लोगों ने दूरी मेंटेन नहीं की।
9 हनुमान चौराहा: जनकगंज डिस्पेंसरी से चौराहे तक हालात खराब थे। भीड़ लगी थी। डिस्पेंसरी के बाहर ही मरीजों की भीड़ थी। इसके सामने बैंक ऑफ इंडिया के बाहर लोगों की जमकर भीड़ थी। सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी। न पुलिस आई न बैंक के स्टाफ ने कुछ इंतजाम किए।
10 फालका बाजार: यहां राशन की दुकानों पर लोग दूर-दूर खड़े थे। दवा की दुकान पर जरुर भीड़ थी। लेकिन दुकानदार ने खुद ही दो हिस्सों में लाइन लगवा रखी थी।
11 इंदरगंज: यहां किराने, दूध की दुकान और सब्जी के ठेलों पर लोग इकठ्ठे थे। दाल बाजार आने वाले कई लोगों ने सड़क पर पार्किंग की, इससे यहां व्यवस्था बिगड़ी। अचलेश्वर रोड पर कुछ लोग खाना बांट रहे थे, यहां पूरी कार को घेरकर झुंड में लोग खड़े थे।
12 दाल बाजार: यहां रोज की तरह भीड़ लगी रही। सामान्य ग्राहक भी यहां पहुंचा। कई दुकानों पर पुलिस ने खुद लोगों को दूर किया।
13 नाका चंद्रवदनी: यहां हालात खराब थे। दुकान, सब्जी के ठेले। सामान्य दिन की तरह पूरा बाजार चल रहा था। यहां दूध की डेयरियों पर लोगों की खूब भीड़ थी। यहां पुलिस ही नजर नहीं आई।
14 हजीरा चौराहा: यहां से लेकर तानसेन मकबरे तक लोग भीड़ लगाकर खड़े थे। यहां पुलिस लगातार अनाउंसमेंट कर रही थी। पुलिस को देखकर ही लोग अलग हो रहे थे। वहीं बिरलानगर सब्जी मंडी पर कुछ देर के लिए हालात बिगड़े लेकिन पुलिस ने यहां लाठी फटकार कर लोगों को खदेड़ा।
15 पिंटो पार्क: गोला का मंदिर चौराहा, पिंटो पार्क। यहां दुकानदार लापरवाही कर रहे हैं। सुरक्षा के इंतजाम किए बिना ही ग्राहकों को सामान दिया जा रहा है।
16 मुरार: मुरार के सात नंबर चौराहा, सदर बाजार, एमएच चौराहा, थाटीपुर चौराहा, मयूर मार्केट। कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो नहीं हो रही थी। सदर बाजार में जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठी के जोर पर दुकानें बंद करा दीं। सुबह 10 बजे ही यहां दुकानें बंद कर दी गई।



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अवाड़पुरा रोड पर लाॅकडाउन के दौरान सुबह 10 बजे इतनी भीड़ उमड़ी, जैसे यहां कोई हाट बाजार लगा हो।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/corona-patients-increased-in-indore-and-bhopal-situation-may-deteriorate-due-to-non-compliance-of-lockdown-in-gwalior-127083661.html

आज सुबह 3 घंटे दूध और दवा के लिए छूट, 9 बजे के बाद घर से निकले तो होगी एफआईआर

ग्वालियर.शहर में 48 घंटे का टोटल शटडाउन करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। बुधवार और गुरुवार को शहर में टोटल शटडाउन रहेगा। बुधवार सुबह 9 बजे के बाद अगर कोई भी घर से निकला तो सीधे एफआईआर की जाएगी। पुलिस टोटल शटडाउन का पालन पूरी सख्ती से कराएगी। अभी तक गली-मोहल्लों में लोग घरों के बाहर इकठ्ठे हो रहे थे, लेकिन बुधवार से गली-मोहल्लों में भी लगातार पेट्रोलिंग होगी। देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की बैठक चलती रही। टोटल शटडाउन से पहले पुलिस ने पूरे शहर में मंगलवार शाम को फ्लैग मार्च निकाला, टोटल शटडाउन को लेकर लगातार अनाउंसमेंट भी किया।

इंदौर में कोरोना वायरस का प्रकोप फैल रहा है। इसे लेकर वहां टोटल शटडाउन किया गया है। यानि वहां किराना से लेकर दूध, सब्जी तक की दुकानें बंद हैं। ग्वालियर के एसपी नवनीत भसीन ने बताया कि यहां लॉकडाउन के दौरान जरूरी सामान खरीदने की आड़ में रोज सुबह भीड़ सड़कों पर निकल रही है। इसके चलते सख्ती की जा रही है। टोटल शटडाउन में सुबह सिर्फ 9 बजे तक जरूरी सामान मिलेगा। इसके बाद लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। शहर में अतिरिक्त फोर्स लगाया जा रहा है।

सुबह 6 से 9 बजे तक मिलेगी थोड़ी ढील

- सुबह 6 बजे से शहर में पुलिस तैनात हो जाएगी। सुबह 9 बजे तक थोड़ी ढील रहेगी, लेकिन भीड़ इकठ्ठा नहीं होने दी जाएगी। 9 बजे के बाद सख्ती की जाएगी।
- शहर में 1200 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सीएसपी, टीआई अपने-अपने स्टाफ के साथ लगातार गश्त करेंगे।
- 41 पेट्रोलिंग पार्टी बनाई गई हैं, जो लगातार गश्त करेंगी। गली-मोहल्लों में फोर्स पैदल गश्त करेगा। गली-मोहल्लों में भी अगर लापरवाही की गई तो पुलिस का डंडा चलेगा।
- 5 गिरफ्तारी पार्टी और 5 जब्ती पार्टी बनाई गई हैं। यह अलग-अलग इलाकों में तैनात रहेंगी। जैसे ही कोई शटडाउन का उल्लंघन करेगा तो तुरंत गिरफ्तारी पार्टी गिरफ्तार करेगी और जब्ती पार्टी उल्लंघन करने वाली की गाड़ी व अन्य सामान जब्त करेगी।
- शहर में 38 जगह चेकिंग पॉइंट लगेंगे, जहां पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

शटडाउन का सख्ती से पालन कराना है
नवनीत भसीन,एसपी के मुताबिक,जो भी शटडाउन का उल्लंघन करेगा, उसके लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। पूरी सख्ती के साथ शटडाउन का पालन कराना है। सीधे एफआईआर के आदेश सभी थाना प्रभारियों को दिए हैं।

यह जरूर पढ़ें, सुबह 9 बजे तक क्या मिलेगा, क्या नहीं

  • सब्जी मंडी पूर्णत: बंद रहेंगी
  • सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल के अंदर स्थित दवा की दुकानें खुलेंगी। सिर्फ 50 दवा की दुकानें ही खुलेंगी।
  • सुबह 6 से 9 बजे के बीच दूध और अखबार का वितरण होगा।
  • कंट्रोल की दुकानें कल बंद रहेंगी। 2 अप्रैल से यहां खाद्यान्न वितरण किया जाएगा।
  • होम डिलीवरी सुबह 10 बजे के बाद शुरू होगी।
  • जो एनजीओ, समाजसेवी संस्थाएं गरीबों को खाद्य पदार्थ, राशन बांट रही हैं। वह महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह से संपर्क कर संबंधित इंसीडेंट कमांडेंट के माध्यम से अपने वाहनों से बांट सकेंगे।

यह पेट्रोल पंप खुलेंगे

  • संस्कृति फिलिंग सेंटर, कलेक्ट्रेट के सामने
  • वैश्य एंड मुखर्जी पेट्रोल पंप, रेलवे स्टेशन के पास
  • यश ऑटो, गोला का मंदिर
  • पुलिस वेलफेयर, बहोड़ापुर
  • इंदू फिलिंग सेंटर, गुड़ा-गुड़ी का नाका
  • डबरा ऑटो, डबरा बस स्टैंड
  • धनीराज पेट्रोलियम, भितरवार
  • शीतला फिलिंग सेंटर, घाटीगांव
  • केएल पेट्रोलियम, ग्वालियर-डबरा बायपास


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दो दिन बंद को लेकर गाड़ियों से फ्लैग मार्च निकालते हुए पुलिस। फोटो - इंदरगंज रोड का।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/3-hours-discount-for-milk-and-medicine-this-morning-fir-will-be-filed-after-9-oclock-127082897.html

आज से 69000 घराें पर तीन लाख लाेगाें की स्क्रीनिंग, 50 टीमें मैदान में उतरेंगी

काेराेना पाॅजिटिव मरीज मिलने के कारण ग्वालियर की चेतकपुरी काॅलाेनी और टेकनपुर की बीएसएफ कॉलोनी को एपीसेंटर घोषित करने के 72 घंटे बाद प्रशासन ने इन सेेंटराें से तीन किलाेमीटर के क्षेत्र में रहने वाले करीब तीन लाख लाेगाें की स्क्रीनिंग करने का महाअभियान शुरू करने का एेलान किया है। मंगलवार से 50 टीमें मैदान में उतरेंगी, जाे शहर के 37 वार्डाें में स्थित 68000 और बीएसएफ काॅलाेनी के आसपास बसे 1000 घराें पर दस्तक देंगी। हर टीम में एक डॉक्टर सहित 10 सदस्य शामिल किए गए हैं, जाे घर पर पहुंचकर मालिक से ऑनलाइन फार्म भरवाएंगी और घर के हर सदस्य के आवागमन और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी लेंगी। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। यह अभियान स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम अाैर स्मार्ट सिटी के संयुक्त मुहिम का हिस्सा हाेगा। अफसराें ने इस सर्वे के लिए पांच दिन का समय तय किया है।

कंट्रोल कमांड सेंटर से जीपीएस की मदद से हर टीम पर रहेगी अफसरों की नजर
मोतीमहल स्थित स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर की बड़ी स्क्रीन पर हर टीम की लोकेशन मिलेगी। जीपीएस से टीम के लीडर अाैर सदस्याें के माेबाइल के जरिए स्क्रीन पर टीम की लाेकेशन नजर आएगी। यदि टीम का सदस्य दूसरे वार्ड की गली में पैर रखेगा ताे लोकेशन पर अलार्म मिलेगा। इस प्रकार सदस्य वापस अपने वार्ड में लौट सकेगा। स्वास्थ्य विभाग टीम के लीडर को वाट्सअप पर एक लिंक भेजेगा, इसे खोलने पर लोकेशन के साथ अाॅनलाइन सर्वे फाॅर्म अाेपन हाे जाएगा। टीम में 2 डाॅक्टर, दो आशा कार्यकर्ता, दो एएनएम, नगर निगम के 2 कर संग्रहक अाैर एक पुलिस कर्मचारी सहित 10 लोग होंगे।

कोरोना को रोकना है इसलिए... कंटेनमेंट प्लान पर सख्ती जरूरी
चेतकपुरी में जहां काेराेना पाॅजिटिव मरीज पाया गया, वहां मेडिकल मोबाइल यूनिट नहीं पहुंच रही है। मरीज के घर वाले रास्ते से ही लोगों का दिन भर निकलना जारी है। पुलिसकर्मी वाहनों की आवाजाही नहीं रोक पा रहे हैं। यहां लागू किया जाने वाला कंटेनमेंट प्लान धरातल पर नहीं उतर सका है। इसके तहत आसपास के तीन किमी में हर गली, माेहल्ले का सेनिटाइजेशन किया जाना है।

चेतकपुरी: कंटेनमेंट एरिया में 37 वार्ड
कोरोना पीड़ित अभिषेक मिश्रा के घर को केंद्र मानकर 3 वर्ग किलोमीटर का जो नक्शा गूगल मैप से तैयार किया गया है, उसमें नगर निगम सीमा के 66 वार्डों में से 37 वार्ड शामिल किए गए हैं। इनमें 1, 4, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 31, 32,34, 35, 36, 37, 38, 39, 40, 41,44, 46, 52, 53 और वार्ड 54 शामिल हैं।



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कंटेनमेंट एरिया के सभी मकानों का सर्वे कराएंगे ^चेतकपुरी एरिया सहित बीएसएफ कॉलोनी टेकनपुर के कंटेनमेंट एरिया में आने वाले सभी मकानों का सर्वे एक अप्रैल से कराया जाएगा। सर्वे का काम पांच दिन में पूरा कर लिया जाएगा। -महीप तेजस्वी, सीईओ स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/from-today-screening-of-three-lakhs-will-be-done-on-69000-pitches-50-teams-will-take-the-field-127083049.html

इटली में फंसी ग्वालियर की युवती, मां ने दूतावास से मांगी मदद; दूतावास ने कहा- एमबीए छात्रा को भारत लौटना है तो रोम तक आना होगा

ग्वालियर
शहर के अनुपम नगर में रहने वाली छात्रा वैभवी व्यास इटली के टेरमो यूनिवर्सिटी से एमबीए कर रही है। पूरे विश्व में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल चुका है। सबसे अधिक इसके शिकार इटली के लोग हुए हैं। इसकी वजह से 4 मार्च से ही टेरमो में लॉक डाउन चल रहा है।
वैभवी के साथ हैदराबाद के दो छात्र क्रिस्टो और यशवंत और कश्मीर की छात्रा तीरथ हॉस्टल के दो कमरों में कैद होकर रह गए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सबसे अधिक मौतें इटली में हुई हैं। इससे वैभवी की मां की चिंता बढ़ गई है।
वैभवी की मां शोभना व्यास बताती हैं कि उन्होंने ट्वीट (कुछ करें, मेरी बेटी को भारत भिजवा दें) कर भारतीय दूतावास से मदद मांगी थी, लेकिन वहां से कहा गया कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन है, इसलिए वैभवी को खुद व्यवस्था कर रोम तक आना होगा। साथ ही उसे कोरोना की जांच से गुजरना होगा, इसके बाद ही उसे भारत जाने की मंजूरी
मिल सकेगी।

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वैभवी व्यास


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/mother-of-gwalior-trapped-in-italy-mother-seeks-help-from-embassy-embassy-said-if-the-mba-student-has-to-return-to-india-he-will-have-to-come-to-rome-127082861.html

ग्वालियर में अब 48 घंटे टोटल शटडाउन गुरुवार रात 12 बजे तक रहेगा प्रभावी

कोरोना से इंदौर में हालात बिगड़ने के बाद अब ग्वालियर में ऐहतियात के तौर पर टोटल शटडाउन का निर्णय लिया गया है। मंगलवार की रात 12 बजे से अगले 48 घंटे के लिए प्रशासन ने टोटल शटडाउन घोषित किया है। इस दौरान बुधवार और गुरुवार को जिले में सुबह 6 से 9 बजे तक सिर्फ दूध व अखबार की सप्लाई होगी। जबकि राशन होम डिलीवरी के जरिये आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। किराना दुकान और सब्जी मंडी भी पूरी तरह बंद रहेंगी।

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शहर में आगामी 48 घंटे के लिए टोटल शटडाउन किया जा रहा है। इसमें शहर में सिर्फ दवाईयों की 50 दुकानें और 5 पेट्रोल पंप ही खुले रहेंगे। दूध के लिए सुबह 6 से 9 बजे तक छूट दी गई है, लेकिन इस दौरान भी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। लोगों की जरुरत को देखते हुए होम डिलीवरी की सुविधा दी गई है, जिसके जरिये लोग राशन मंगवा सकते हैं। शहर में शटडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला तैनात रहेगा। जो भी शटडाउन का उल्लंघन करेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

शिवपुरी से आई कोरोना संदिग्ध महिला की इलाज के दौरान ग्वालियर में मौत

शिवपुरी में सीजेरियन डिलीवरी के बाद कोरोना संदिग्ध मानते हुए गंभीर हालत में सोमवार को जेएएच रैफर की गई महिला की मंगलवार की शाम मौत हो गई। महिला का जेएएच के आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा था। यहां सुबह ही जेएएच प्रबंधन ने सीएमएचओ कार्यालय के माध्यम से उसका सैंपल लेकर जांच के लिए डीआरडीई भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि महिला की मौत कोरोना वायरस के संक्रमण से हुई है या किसी और कारण से?

शिवपुरी निवासी राजू की पत्नी सीमा ने शिवपुरी के अस्पताल में छह दिन पहले सीजेरियन से एक बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद सीमा की तबीयत खराब होने लगी। वहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया लेकिन आराम नहीं हुआ। सीमा को सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों ने उसे कोरोना संदिग्ध मानते हुए सीमा को जेएएच में इलाज के लिए ग्वालियर रैफर कर दिया। यहां मेडिसिन विशेषज्ञों के साथ गायनिक के डॉक्टरों ने भी उसका चेकअप किया। दोपहर में उसकी तबीयत बिगड़ी तो मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी जाटव और उनकी टीम के साथ - साथ गायनिक की विभागाध्यक्ष डॉ. वृंदा जोशी ने भी देखा। डॉक्टरों ने उसे बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन शाम को उसकी मौत हो गई। सीएमएचओ डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि सीमा का सैंपल जांच के लिए गया है। जेएएच प्रशासन से पूछा जाएगा कि महिला को क्या परेशानी थी। उसके बाद ही पता चलेगा कि उसकी मौत किस कारण से हुई है।

अवाड़पुरा की मस्जिद में मिले तब्लीगी जमात के 11 लोग इनमें 6 महिलाएं, मेडिकल जांच के बाद क्वारेंटाइन किया

अवाड़पुरा की आयशा मस्जिद में एक महीने से रह रहे तब्लीगी जमात के 11 लोगोंं की प्रशासन की टीम ने मंगलवार को निगरानी में लिया है। खास बात यह है कि फरीदाबाद से आए ये लोग 23 फरवरी से यहां रह रहे थे आैर प्रशासन को इनकी भनक मंगलवार को लग सकी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और इनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके बाद ऐहतियात के तौर पर इन्हें बिरला नगर की श्याम वाटिका में क्वारेंटाइन कराया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम का दावा है कि इन लोगों में फिलहाल कोरोना के लक्षण नहीं है, लेकिन दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात में हिस्सा लेने वाले कई लोगों में कोरोना संक्रमण मिला है और ये सभी उसमें शामिल हुए थे। इसके चलते इन सभी के सैंपल गुरुवार को लिए जाएंगे। इसके अलावा इनकी ट्रैवल हिस्ट्री से लेकर इनसे मिलने-जुलने वालों की भी पूरी सूची तैयार हो रही है। जानकारी के मुताबिक मस्जिद के अंदर मिले लोगों में पांच पुरुष शामिल हैं। ये मस्जिद के अंदर रह रहे थे। -पेज 4 भी पढ़ें



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अवाड़पुरा की आयशा मस्जिद में मिले तब्लीगी जमात के लोगों से पूछताछ करते अधिकारी।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/now-48-hours-total-shutdown-in-gwalior-will-remain-effective-till-12-pm-on-thursday-night-127082795.html

इंदौर और भोपाल में कोरोना के मरीज बढ़े, ग्वालियर में लॉकडाउन का पालन न होने से बिगड़ सकते हैं हालात

कोरोना के संक्रमण को न तो शहर के लोग गंभीरता से ले रहे हैं और न ही इसका जिम्मेदार अमला। बाजारों में हाट की तरह भीड़ उमड़ रही है। प्रशासन ने जिन लोगों को होम क्वारेंटाइन किया है, उनमें से कई लोगों को तो इसका मतलब भी नहीं मालूम। वे इसकी गंभीरता को समझे बिना आराम से घूम रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें न तो किसी ने घर पर रहने की सलाह दी और न ही जिम्मेदार उनका फॉलोअप ले रहे हैं। इन हालातों के चलते खतरा बढ़ने की आशंका है इसलिए दैनिक भास्कर की शहरवासियों से अपील है कि आप घर में ही रहें तो बेहतर होगा।

16 बाजारों में 6 घंटे आम दिनों की तरह उमड़ी भीड़, दुकानों पर खरीदारों के झुंड, सख्ती भी नहीं

1 मामा का बाजार: सुबह 7.20 बजे, यहां दूध, राशन की दुकान पर लोग समूह में खड़े थे। न इन्हें रोकने के लिए पुलिस थी न कोई अन्य इंतजाम। दुकानों के बाहर मार्किंग तक नहीं।
2 माधोगंज: पुलिस थाने के पास से लेकर आगे चौराहे तक, हालात खराब थे। दुकानों के बाहर इतनी भीड़ थी कि लोगों ने अपनी गाड़ियां सड़क पर लगाईं तो आधी-आधी सड़क घिर गई। एक एफआरवी यहां से गुजरी, लेकिन सायरन बजाते हुए पुलिसकर्मी निकल गए। अनाउंसमेंट तक नहीं किया।
3 लाला का बाजार: यहां दुकानों के साथ छोटी क्लिनिक और दवा की दुकानों पर भीड़ लगी थी। शास्त्री क्लिनिक के पास भीड़ होने पर पुलिस पहुंची।
4 महाराज बाड़ा: चिटनीस की गोठ तिराहे से लेकर छापा खाना और महाराज बाड़ा। यहां मंगलवार सुबह जमीन पर भी सामान रखकर लोग बेच रहे थे। सप्तमी के चलते यहां पूजा का सामान बेचने वाली दुकान, फल के ठेले,किराने की दुकान, जमीन पर रखकर सामान बेचने वालों की भीड़ थी। ठीक सामने बृजवासी मिष्ठान्न भंडार के बाहर कुर्सी डालकर कोतवाली थाने का स्टाफ बैठा था, लेकिन भीड़ तक नहीं छंटवाई।
5 चावड़ी बाजार: यहां दवा की दुकान और फल के ठेलों पर लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े थे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा था।
6 खासगी बाजार: किराने की दुकान, दवा की दुकानों पर भीड़, एक बार भी पुलिस नहीं गुजरी।
7 छत्री मंडी: मंडी के बाहर बैरिकेड लगा दिए गए। यहां लोगों ने वाहन लगाए तो भीड़ लग गई। अंदर भी एक-एक दुकान पर कई लोग खड़े थे। दुकानदार न ग्लब्स पहने थे न मास्क लगाए थे। किराने की दुकानों पर भी भीड़ थी। इसी तरह मंडी के पीछे भी यही हालात थे। सड़क पर पार्किंग से जाम लगने लगा।
8 लक्ष्मीगंज: लक्ष्मीगंज सब्जीमंडी में फिर व्यवस्था चरमरा गई। सुबह 5 बजे से यहां भीड़ लग गई। हालात ऐसे हो गए कि अंदर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। सड़कों पर गाड़ियां लग गई। इसके चलते गोल पहाड़िया तक भीड़ लगी। यहां राशन की दुकानों पर भी कोई लोगों ने दूरी मेंटेन नहीं की।
9 हनुमान चौराहा: जनकगंज डिस्पेंसरी से चौराहे तक हालात खराब थे। भीड़ लगी थी। डिस्पेंसरी के बाहर ही मरीजों की भीड़ थी। इसके सामने बैंक ऑफ इंडिया के बाहर लोगों की जमकर भीड़ थी। सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी। न पुलिस आई न बैंक के स्टाफ ने कुछ इंतजाम किए।
10 फालका बाजार: यहां राशन की दुकानों पर लोग दूर-दूर खड़े थे। दवा की दुकान पर जरुर भीड़ थी। लेकिन दुकानदार ने खुद ही दो हिस्सों में लाइन लगवा रखी थी।
11 इंदरगंज: यहां किराने, दूध की दुकान और सब्जी के ठेलों पर लोग इकठ्ठे थे। दाल बाजार आने वाले कई लोगों ने सड़क पर पार्किंग की, इससे यहां व्यवस्था बिगड़ी। अचलेश्वर रोड पर कुछ लोग खाना बांट रहे थे, यहां पूरी कार को घेरकर झुंड में लोग खड़े थे।
12 दाल बाजार: यहां रोज की तरह भीड़ लगी रही। सामान्य ग्राहक भी यहां पहुंचा। कई दुकानों पर पुलिस ने खुद लोगों को दूर किया।
13 नाका चंद्रवदनी: यहां हालात खराब थे। दुकान, सब्जी के ठेले। सामान्य दिन की तरह पूरा बाजार चल रहा था। यहां दूध की डेयरियों पर लोगों की खूब भीड़ थी। यहां पुलिस ही नजर नहीं आई।
14 हजीरा चौराहा: यहां से लेकर तानसेन मकबरे तक लोग भीड़ लगाकर खड़े थे। यहां पुलिस लगातार अनाउंसमेंट कर रही थी। पुलिस को देखकर ही लोग अलग हो रहे थे। वहीं बिरलानगर सब्जी मंडी पर कुछ देर के लिए हालात बिगड़े लेकिन पुलिस ने यहां लाठी फटकार कर लोगों को खदेड़ा।
15 पिंटो पार्क: गोला का मंदिर चौराहा, पिंटो पार्क। यहां दुकानदार लापरवाही कर रहे हैं। सुरक्षा के इंतजाम किए बिना ही ग्राहकों को सामान दिया जा रहा है।
16 मुरार: मुरार के सात नंबर चौराहा, सदर बाजार, एमएच चौराहा, थाटीपुर चौराहा, मयूर मार्केट। कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो नहीं हो रही थी। सदर बाजार में जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने लाठी के जोर पर दुकानें बंद करा दीं। सुबह 10 बजे ही यहां दुकानें बंद कर दी गई।

होम क्वारेंटाइन में हैं लेकिन मोहल्ले से लेकर बाजार तक बेखौफ घूम रहे हैं

शहर में क्वारेंटाइन को भी मजाक समझा जा रहा है। होम क्वारेंटाइन किए गए कई लोग मोहल्ले से लेकर बाजार तक में खुलेआम बेखौफ घूम रहे हैं। उधर सरकारी क्वारेंटाइन में रखे गए लोगों के लिए पानी और सफाई का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। इन लोगों को पीने का पानी लाने के लिए खुद वार्ड से बाहर निकलना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर ने मंगलवार को जब पड़ताल की तो पता चला कि सरकारी अमले ने इन लोगों को खुद के हाल पर छोड़ दिया है। न होम क्वारेंटाइन वालों पर निगाह रखी जा रही है और न सरकारी अस्पताल के क्वारेंटाइन वार्ड में भर्ती किए गए मरीजों पर।


किराएदार की सूचना देने वाले मकानमालिक का नाम होम क्वारेंटाइन की सूची में
जिम्मेदारों की लापरवाही देखिए कि चार शहर का नाका स्थित एक मकान में किराएदार बाहर से लौटकर आया। इसकी सूचना मकान मालिक ने प्रशासन को दी। अफसरों ने होम क्वारेंटाइन की सूची में मकान मालिक का ही नाम दर्ज कर दिया। बात करने पर मकान मालिक राहुल ने बताया कि सावधानी के तौर पर उन्होंने सूचना दी थी। किराएदार पूरी तरह स्वस्थ है, किसी भी तरह के कोई लक्षण उनमें नहीं पाए गए हैं।

विदेशों से लौटने वालों से दिल्ली व भोपाल से कर रहे पूछताछ
होम क्वारेंटाइन की सूची में शामिल उन लोगों से सप्ताह में एक बार पूछताछ की जा रही है जो विदेश से लौटकर आए हैं। ऐसे लोगों ने बताया कि उनके पास दिल्ली और भोपाल से भी फोन आए थे। 7 मार्च को सिंगापुर से लौटे हिमांशु द्विवेदी का कहना है कि उनके घर टीम आई थी। हर सप्ताह अपडेट भी लेते हैं।

सूचना पर भी नहीं पहुंची टीम, फोन पर कहा- घर में ही रहें
पूना से आए मुकुल अग्रवाल ने बताया कि उनके घर कोई टीम नहीं आई। हां, एक फोन जरूर आया था। कुछ देर तबीयत के बारे में पूछने के बाद कहा- घर पर ही रहें। मैं मामले की गंभीरता को समझता हूं, इसीलिए खुद को क्वारेंटाइन कर लिया। यूके से लौटे गौरव मंगल के पास शुरुआत में कोई टीम नहीं पहुंची।

हमसे नहीं कहा कि घर में ही रहना है, दवा खाकर घूम रहे हैं
बहोड़ापुर निवासी हरिओम का कहना है किमैं 13 मार्च को पुणे गया था, 21 मार्च को वहां से लौटा। मोहल्ले वालों ने इसकी सूचना दे दी और घर पर डॉक्टरों की टीम आ गई। उन्होंने पूछताछ की और लौट गए। उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बताया कि मुझे घर में ही रहना है। दो दिन बाद में जेएएच गया और जांच कराकर दवाई ले आया। मैं आराम से घूम रहा हूं।

...और उधर, सरकारी क्वारेंटाइन वाले पानी लेने भी बाहर जा रहे

जिला अस्पताल मुरार के क्वारेंटाइन सेंटर में भर्ती तीन काेराेना संदिग्ध मरीज पीने के पानी के लिए परेशान हैं। इन्हें पानी पीने के लिए क्वारेंटाइन सेंटर से बाहर आना पड़ रहा है। मंगलवार दोपहर 2:15 बजे यहां भर्ती तीन में से दो मरीज जयपुर से और एक पाली राजस्थान से आया था। इनमें दो बिरला नगर और एक बिलौआ का है। सेंटर के बाहर डॉक्टर और स्टाफ माैजूद था, लेकिन सेंटर की गैलरी में पत्ते बिखरे हुए थे, जिन्हें देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मरीजों ने बताया कि अस्पताल से खाना, चाय-नाश्ता तो मिल रहा है लेकिन पीने के पानी के लिए बाहर जाना पड़ता है। उधर जिन डॉक्टरों को आइसोलेशन में 14 दिन रखना है उनके लिए एचएफडब्ल्यूटीसी में क्वारेंटाइन सेंटर बनाया है। यहां टॉयलेट की ठीक से सफाई नहीं हो रही है। टॉयलेट की दुर्गंध के कारण गैलरी में भी खड़ा होना मुश्किल हो रहा है। जिस हॉस्टल को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया है उसके गेट पर मंगलवार को शाम 4 बजे सुरक्षा के नाम पर कोई भी गार्ड नहीं था। अंदर चल रही कैंटीन में छह लोग बैठे थे। उनका कहना था कि इन मरीजों का खाना उनके यहां से नहीं जाता है।



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अवाड़पुरा रोड पर लाॅकडाउन के दौरान सुबह 10 बजे इतनी भीड़ उमड़ी, जैसे यहां कोई हाट बाजार लगा हो।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/gwalior/news/corona-patients-increased-in-indore-and-bhopal-situation-may-deteriorate-due-to-non-compliance-of-lockdown-in-gwalior-127083837.html

बेटे का आरोप- बाथरूम में बेहोश हुए पिता, कोरोना के डर से तीन अस्पतालों ने नहीं किया इलाज, एमवाय में दम तोड़ा

कोरोना संक्रमण के कारण शहर के निजी अस्पताल बाकी मरीजों का भी उपचार नहीं कर रहे। सोमवार रात अस्पतालों की इस लापरवाही के चलते एक शख्स की मौत हो गई। बाद में एमवायएच के डॉक्टरों ने भी माना कि समय से इलाज हो जाता तो जान बच सकती थी। मामला बाबू मुराई कॉलोनी निवासी मनोज मतकर (55) का है। रात 9 बजे के लगभग उन्हें बाथरूम में गेस्ट्रिक अटैक आया और बेहोश हो गए। बेटे देवेंद्र ने शंका होने पर बाथरूम का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। पड़ोसी की मदद से उन्हें रिक्शा में लेकर सबसे पहले रामकृष्ण हॉस्पिटल पहुंचे। अस्पताल स्टॉफ ने उन्हें कोरोना संदेही मानकर डॉक्टर नहीं होने का बोलकर टाल दिया। देवेंद्र ने उन्हें बीमारी की जानकारी दे दी, फिर भी स्टॉफ नहीं माना। इस पर वे उन्हें संयोग अस्पताल पहुंचे तो यहां स्टॉफ नहीं होने का बोलकर मना कर दिया। आखिर में बांठिया अस्पताल पहुंचे तो ड्यूटी डॉक्टर ने चेक किया। उन्होंने कहा पल्स कमजोर चल रही है, एमवायएच ले जाएं। एमवायएच पहुंचे, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई। यहां भी डॉक्टरों ने कोरोना के संदेह में पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा। देवेंद्र ने निजी अस्पतालों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

जेडओ का आरोप- कोरोना के कारण निजी अस्पताल ने ध्यान देना बंद कर दिया, डॉक्टर नहीं आए और मां की हो गई मौत

शैल्बी हॉस्पिटल में करीब महीनेभर से भर्ती नगर निगम के जोनल अधिकारी की मां की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। जोनल अधिकारी शांतिलाल यादव ने बताया मैंने मां चेतनाबाई यादव (75) को 3 मार्च को शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती किया था। उन्हें लिवर, किडनी और फेफड़ों में तकलीफ थी। 23 मार्च तक वे पूरी तरह ठीक हो गई थीं। इसके बाद कोरोना को लेकर देश में खलबली मची और अस्पताल का रवैया बदलने लगा। अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टरों के अलावा बड़े डॉक्टरों ने आना ही बंद कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। कंसल्टेंट डॉ. राहुल शुक्ला ने भी अस्पताल आना बंद कर दिया। मां की तबीयत बिगड़ती ही चली गई और 29 मार्च को मौत हो गई। उधर, शैल्बी हॉस्पिटल के डॉ. राहुल शुक्ला ने बताया आरोप निराधार हैं। पेशेंट डेढ़ महीने से वेंटिलेटर पर थीं। मैंने खुद उन्हें आखिरी समय तक विजिट किया। चूंकि हमारे यहां भी कोरोना पॉजिटिव पेशेंट मिला था तो हमने सभी को कहा था कि अगर उन्हें लगता है तो वे शिफ्ट हो जाएं, हमने कोई दबाव नहीं बनाया।



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प्रतीकात्मक फोटो


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/sons-accusation-father-fainted-in-bathroom-three-hospitals-did-not-treat-due-to-fear-of-corona-died-in-my-127082761.html

क्वारेंटाइन के लिए हमारे पास 700 मैरिज गार्डन, होटल, लॉज, फॉर्म हाउस; अभी 10% का ही उपयोग

क्वारेंटाइन और तीन कंटेनमेंट एरिया से चार रिपोर्ट

ग्राउंड रिपाेर्ट - 1-क्वारेंटाइन एरिया से-मैं विश्वनाथ सिंह। खतरों के बीच अपना पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को भी आज मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।

शहर के जिन क्षेत्रों से पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं, प्रशासन वहां आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों को क्वारेंटाइन कर रहा है, ताकि बीमारी और ज्यादा न फैले। इसके लिए प्रशासन ने फिलहाल 15 मैरिज गार्डन और होटल लिए हैं, जिनमें 1600 से ज्यादा बेड हैं। अब तक 625 से ज्यादा लोगों को क्वारेंटाइन किया जा चुका है। क्वारेंटाइन के लिए प्रशासन के पास 700 से ज्यादा मैरिज गार्डन, होटल, धर्मशालाएं और फॉर्म हाउस का विकल्प भी खुला है। जरूरत पड़ी तो इनका भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल 10% का ही उपयोग किया जा रहा है। इंदौर होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के मुताबिक शहर में 300 से ज्यादा छोटे-बड़े होटल, 250 से ज्यादा मैरिज गार्डन, 100 से ज्यादा धर्मशालाएं और 50 से ज्यादा फॉर्म हाउस मौजूद हैं।


625 लोगों को यहां किया क्वारेंटाइन
मृदंग में 40, होटल प्रेसीडेंट में 110, मथुरा महल में 20, गोकुल में 8, अक्षत में 40, दस्तूर में 40, टीसीएल में 155, असरावदखुर्द में 52, ताराकुंज में 50, उत्सव रिसॉर्ट में 40 और स्वस्तिक रिसॉर्ट में 70 सहित कुछ अन्य स्थानों पर क्वारेंटाइन किया गया है।


फिलहाल ये 15 होटल-गार्डन लिए हैं
किंग्स पार्क गार्डन (12 बेड), मथुरा महल गार्डन (20 बेड), गोकुल गार्डन (8), दस्तूर गार्डन (48), अक्षत गार्डन (48), ताराकुंज (56), टीसीएल (250), मृदंग गार्डन (40), प्रेसीडेंट पार्क (130), उत्सव रिसॉर्ट (50), स्वस्तिक रिसॉर्ट (80), इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लाॅ (40), छात्रावास बख्तावरराम नगर (50), ला ओमनी (60), इंदौर श्रीपाल धनगर धर्मशाला जिंसी (40)


भास्कर नॉलेज : क्वारेंटाइन में हो रही है सैंपल जांच, 24 घंटे डॉक्टर मौजूद
क्वारेंटाइन में लोगों को कैसे रखा जा रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में हैं या अकेले हैं?
एक कमरे में दो बेड लगे हैं। लोगों को पूरी तरह से डॉक्टर और नर्स की निगरानी में रख रहे हैं।
क्वारेंटाइन पीरियड में भोजन की क्या गाइड लाइन है। भोजन का इंतजाम कौन कर रहा है?
डॉक्टरों के मुताबिक दोनों समय का खाना व दवाई दी जा रही है। सारा इंतजाम जिला प्रशासन कर रहा है।
मौजूदा क्वारेंटाइन हाउस फुल हो गए तो प्रशासन के पास क्या विकल्प है?
अभी शहर के 90 फीसदी होटल, गार्डन, धर्मशालाएं और फॉर्म का भी विकल्प है।
क्वारेंटाइन एरिया में कोई भी जा सकता है?
स्वस्थ लोगों के जाने की पूरी तरह मनाही है। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस और डॉक्टर मास्क, ग्लव्स, हेड कवर और बॉडी कवर के साथ ही जा सकते हैं।
क्वारेंटाइन में सभी की सैंपल जांच हो रही है?
क्वारेंटाइन किए गए सभी लोगों की सैंपल जांच होगी। पॉजिटिव आए तो अस्पताल में भर्ती होंगे। रिपोर्ट नेगेटिव आई तो 14 दिन का क्वारेंटाइन पीरियड पूरा कर घर जा सकेंगे।

ग्राउंड रिपाेर्ट -2-खजराना से-मैं सुमित ठक्कर। खतरों के बीच पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को भी आज मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।

कोरोना से बचाव को लेकर खजराना क्षेत्र की तीन कॉलोनियों से करीब 105 लोगों को सोमवार को क्वारेंटाइन के लिए भेजा गया। इसका खौफ मंगलवार को नजर आया। लोग समझ गए कि घरों से निकलना घातक है। इसलिए वे घरों में ही रहे। पुलिस को भी ज्यादा सख्ती नहीं करना पड़ी। लोग ओटलों पर भी नहीं दिखाई दिए। जमजम चौराहा और साईं धाम काॅलोनी की गलियाें में सिर्फ सन्नाटा रहा। लोग घरों की बालकनी में भी नहीं दिखे। खिड़की से झांकते हुए 55 वर्षीय मो. सलीम ने बताया कि दो घर छोड़कर उनके भाई और भतीजे का परिवार रहता है। घर में शकर नहीं है, लेकिन वहां से यह तक नहीं ले रहे हैं। प्रशासन की सख्ती हमारे लिए ही है। हमारा परिवार इसका पालन कर रहा है। अफसाना बी ने बताया कि हमने बच्चों को भी घरों में बंद कर लिया है। आस-पड़ोसी निकल रहे हैं, लेकिन हम उनसे भी बात नहीं कर रहे हैं।

रानीपुरा में डर ऐसा कि लाेग दूध लेने भी बाहर नहीं निकल रहे
रानीपुरा के 54 लाेगाें काे साेमवार रात क्वारेंटाइन के लिए भेजा ताे लाेग दहशत में अा गए। हालत ये है कि मंगलवार को लोग दूध लेने भी घरों से नहीं निकले। रहवासियों ने मंगलवार को घरों के खिड़की-दरवाजे तक नहीं खोले। सब्जी तो दूर, दूध भी लेने बाहर नहीं आए। यहां रहने वाले आरिफ मंसूरी ने बताया कि कुछ लोगों की गलती के कारण पूरा इलाका तकलीफ झेल रहा है। साेमवार काे प्रशासन ने पूरे इलाके को टैपिंग कर सील कर दिया। हालांकि इलाके में संक्रमण के पॉजिटिव रिजल्ट आने के कारण हम खौफजदा हैं। प्रशासन को पूरी तरह सहयोग करेंगे।

ग्राउंड रिपाेर्ट -3-खातीवाला टैंक से-मैं दीपेश शर्मा। खतरों के बीच पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को भी आज मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।

रिजर्व बैंक ने गाइडलाइन जारी की है कि लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन पेमेंट करें। इसका पालन इंदौर के ज्यादातर मेडिकल स्टोर वाले नहीं कर रहे हैं। इसके साथ ही दवा की कीमत भी ज्यादा वसूली जा रही है। मैं सुबह नौ बजे खातीवाला टैंक कंटेनमेंट एरिया में राज मेडिकल स्टोर पर पहुंचा। यह स्टोर दो दिन बाद खुला था। लिहाजा भीड़ थी। दुकानदार ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया और काउंटर पर एक समय में एक व्यक्ति के खड़े रहने की व्यवस्था की। लोगों ने भी लाइन में एक से डेढ़ मीटर की दूर रखी। दुकानदार सभी लोगों से नकद रुपए ले रहे थे। मेरे आगे खड़े युवक का बिल 700 रुपए का बना। उसने कहा कि दो दिन पहले यह दवा 180 रुपए की ली थी। अब आप 218 रुपए बता रहे हो। दुकानदार ने कहा कि रेट बढ़ गए हैं। इसके बाद एक बुजुर्ग का नंबर आया तो दुकानदार ने दूसरी कंपनी की दवा दी। बुजुर्ग ने पूछा कि दवा सही नहीं निकली तो वापस कर दूंगा। दुकानदार ने उसे चलता किया। इसके बाद मेरा नंबर आया तो मैंने मच्छर मारने का स्प्रे लिया। दुकानदार से पूछा कि पेटीएम या कार्ड से पेमेंट कर दूं। दुकानदार ने कहा कि नकद की व्यवस्था है। स्नेह नगर और सपना-संगीता के पास के मेडिकल स्टोर पर भी नकद की ही व्यवस्था थी। दुकानदार न कार्ड ले रहे थे और न पेटीएम। वहीं सुबह दूध को लेकर भीड़ भी नहीं दिखी। खातीवाला टैंक, वीर सावरकर नगर, स्नेह नगर, अग्रवाल नगर, सपना-संगीता मेन रोड, बैराठी कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों में सुबह दूध वाले घर-घर डिलीवरी करते रहे। जिन लोगों ने बंदी नहीं लगाई थी, उन्होंने भी पड़ोसियों से दूध वालों के नंबर लेकर दूध बुलवाया। डेयरी वाले बाहर से ही टंकियां रखकर दूध दे रहे थे।

चंदन नगर में दो मौताें का खौफ 10 किमी तक, लोगों ने बंद किए रास्ते​​​​​​​

ग्राउंड रिपाेर्ट -4-चंदन नगर से-मैं राघवेंद्र बाबा। खतरों के बीच पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को भी आज मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।

चंदन नगर के एफ सेक्टर और धार रोड स्थित राजकुमार बांक में दो लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में सन्नाटा है। मौत की दहशत 10 किलोमीटर तक है। शुरू में लोग कोरोना को हलके में ले रहे थे, तब हजारों लोगों की आवाजाही हो रही थी। अब लोगों ने एहतियात बरतना शुरू कर दी है। मंगलवार को मैं यहां पहुंचा तो गंगा नगर, रामानंद नगर, राज नगर, दामोदर नगर, नंदन नगर, नगीन नगर, चंदन नगर, गुमाश्ता नगर और सिरपुर सहित कई इलाकों में गलियां बंद मिलीं। किसी ने कनात लगाकर रास्ता राेक दिया ताे किसी ने रस्सी बांधकर। किसी ने गली के गेट पर गाड़ियां अड़ा दीं तो किसी ने साड़ियां बांधकर आड़ कर दी। लोगों का कहना है कि अब तक जो हुआ सो हुआ, लेकिन अब लापरवाही नहीं हाेगी। क्षेत्र के किशन प्रजापत, रवि वर्मा, रविंद्र सिंह ठाकुर और महेश देवड़ा का कहना है कि सरकार ने काेराेना काे लेकर एहतियात बरतने की अपील की थी। इसके बाद भी लोग शादी-पार्टियों में गए। जिन्होंने सावधानियां नहीं बरती, उनकी सजा हम क्यों भुगतें? हमने गलियां बंद कर दी हैं। सुबह कचरा गाड़ी और दूध वाहन के लिए ही गलियां खोली जाती हैं। कोई भी सड़कों पर नहीं जाना चाहता। चंदन नगर पुलिस के अनुसार, बांक में जिस युवक की माैत हुई, उसके परिजनाें को पहले ही आइसोलेट कर दिया था। युवक की मौत हुई तो सभी ने मना कर दिया कि शव घर नहीं लाएंगे। सोमवार शाम विशेष वाहन से उसका शव सीधे कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां उसके दो दोस्त और चंद रिश्तेदार मौजूद थे। उन्होंने ही मृतक को अंतिम विदाई दी। उधर,चंदन नगर एफ सेक्टर की महिला का शव मंगलवार दोपहर में महू नाका स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया। इस महिला के कई परिजन पहले ही आइसोलेटेड किए जा चुके हैं। महिला काे विदाई देने के लिए गिनती के लोग ही पहुंचे।




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खजराना को कंटेनमेंट एरिया घोषित करने के बाद यहां पुलिस ने सख्ती और बढ़ा दी है। लोगों को बिलकुल बाहर नहीं आने दिया जा रहा है।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/we-have-700-marriages-gardens-hotels-lodges-form-houses-for-quarantine-now-only-use-10-127082759.html

चैनल बंद करते ही चल पड़ी लिफ्ट, युवती का हाथ चैनल में फंसा

बख्तावरराम नगर की अजीत एंड अजय टैरेस में एक युवती का हाथ फंस गया। करीब आधा घंटा युवती लिफ्ट में फंसी रही। रहवासी शैलेंद्र महाजन ने बताया कि अपार्टमेंट में रहने वाली काजल जैन मंगलवार रात करीब 9.30 बजे लिफ्ट से ऊपर जाने के लिए चढ़ी। जब वह चैनल लगा रही थी, तभी अचानक लिफ्ट चल पड़ी और उसका हाथ चैनल के बीच फंस गया। वह जोर से चिल्लाई, लेकिन तब तक लिफ्ट दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच पहुंच गई और रुक गई। उसकी आवाज सुनकर लोग इकट्‌ठा हो गए, पर लिफ्ट न नीचे आ रही थी न ऊपर जा रही थी।

फायर ब्रिगेड को कॉल किया तो वहां से जवाबमिला कि पुलिस को बुलाओ, वे मदद नहीं कर सकते। इस पर लोगों ने लिफ्ट कंपनी के कर्मचारी को फोन किया।वह गिरधर नगर में रहता था, इसलिए तुरंत आ गया। उसने लिफ्ट को मैन्युअल ऑपरेट कर युवती को बाहर निकाला।



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लिफ्ट का गेट खोला तो युवती मोबाइल की लाइट जलाकर सहमी हुई बैठी मिली। उसे लोग उठाकर बाहर लाए।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/lift-started-as-soon-as-the-channel-closed-the-girls-hand-got-stuck-in-the-channel-127082754.html

संक्रमण के डर ने कैसे बदल दी ग्रामीणों की जिंदगी, पांच गांवों का हाल बताती दो रिपोर्ट

ग्राउंड रिपाेर्ट -1: चार गांवों से-मैं राहुल दुबे। खतरों के बीच पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को
भी आज मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।

कोरोना से निपटने के लिए नगर निगम शहर में सैनिटाइजर छिड़क रहा है। वहीं, पुलिस-प्रशासन को लोगों को घरों में रखने के लिए सख्ती करना पड़ रही है, जबकि शहर सीमा में शामिल गांवों में स्थिति उलट है। गांव वालों ने छिड़काव के लिए ना तो कंट्रोल रूम को कॉल किया न पुलिस को समझाइश देनेआना पड़ा। अपना गांव-अपना अनुशासन बनाकर ग्रामीणों ने खुद ही बचाव के इंतजाम कर लिए। सबसे पहले बाहरी लोगों का प्रवेश रोका। फिर देसी सैनिटाइजर बनाकर छिड़काव किया। पलायन करने वालों को भोजन के पैकेट बांट रहे हैं।


कैलोद करताल : 350 घरों में देसी सैनिटाइजर से छिड़काव
दोपहर में कैलोद करताल पहुंचा तो ग्रामीण अनिल पटेल और विकास ने रोक लिया। अड़ गए कि गांव में किसी को नहीं जाने देंगे। मैंने रिपोर्टिंग का बताया तो सबसे पहले देसी सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए। सैनिटाइजर नीम की पत्तियों और एलोवेरा को पानी में उबालकर बनाया। गांव में गए तो देखा कि संजय शर्मा और रमेश ट्रैक्टर के जरिए गलियों में यही सैनिटाइजर छिड़क कर रहे हैं। रमेश तो हर घर में जाकर स्प्रे कर रहे हैं। जहां भी जाते बच्चों के हाथ धुलवाते। लाॅकडाउन का पूछा तो बोले गांव में रात आठ बजे बाद कोई भी घर सेे नहीं निकला। सुबह के काम भी नौ बजे तक पूरे हो जाते हैं। एक कोने में पत्ता गोभी, हरे प्याज, लौकी, पालक का ढेर दिखा। इंदौर की मंडियों में सब्जियों पर रोक है। इसलिएग्रामीणों ने आपूर्ति नहीं की। यह गांव भी निगम सीमा में शामिल है, लेकिन काम के लिए लोग निगम के भरोसे नहीं हैं। हर घर से दो जवान छिड़काव, सफाई में लग जाते हैं।

सनावदिया : जबसे कोरोना का हुआ संक्रमण, तब से डिस्पेंसरी ही नहीं खुली
देवगुराड़िया के पीछे सनावदिया में चार-पांच गांवों के बीच डिस्पेंसरी दिखी। यहां जाकर रुके तो ग्रामीण जगदीश रावलिया आए। बोले कि जबसे कोरोना का संक्रमण फैला, तब से यह डिस्पेंसरी भी बंद है। गांव में जांच करने के लिए कोई नहीं आया। पंचायत भी दो सप्ताह से बंद है। टीवी, अखबार से मिली सावधानियां पढ़कर ही हमने इंतजाम कर लिया। हम इंदौर से सैनिटाइजर लेकर आए और हर घर में पहुंचा दिया। वैसे भी गांव में सात बजे बाद सब घरों में चले जाते हैं। सुबह खेतों में गेहूं निकालने का चल रहा है। यह काम 10-10 फीट की दूरी बनाकर किया जा रहा है।

उमरिया : गांव में कोई नहीं, सब लोग रोज खेतों में क्वारेंटाइन हो जाते हैं
उमरिया पहुंचा तो ग्रामीण विष्णु मिले। बोले गांव में कोई नहीं मिलेगा। सब खेतों में क्वारेंटाइन हैं। खेतों से गेहूं और सब्जियां निकालने का काम चल रहा हैं। वहां इतनी दूर रहते हैं कि चिल्लाकर बात करना पड़ती है। दिन में एक बार खाना खाते समय ही गोला बनाकर बैठते हैं। हमारा सोशल डिस्टेंस तो बरसों से काम करते हुए बना रहता है। शहर में सख्ती है तो फार्म हाउस भी खाली हैं। गांव से होकर इनका रास्ता जाता है। हमने पानी में नीम, चमेली की पत्तियों को उबालकर छिड़काव कर दिया है। शहर में किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। इसलिए गांव वाले सब यहीं रह रहे हैं।

मिर्जापुर : रोड पर रखी कटीली झाड़ियां, लिख दिया- यहां आना मना है

मैं सुबह करीब 10 बजे खंडवा रोड स्थित मिर्जापुर पहुंचा तो गांव के रास्ते पर कटीली झाड़ियां और सूखे पेड़ों की टहनियोंने रास्ता रोक दिया। ग्रामीणों ने रोड पर चूने से बड़े अक्षरों में लिख दिया- यहां किसी भी शहरी व्यक्ति का आना मना है। गाड़ी रोककर कटीली झाड़ियां पार करके निकला तो गांव के युवा सफाई कर रहे थे। युवक मनीष ने बताया कि हम ही सुबह नालियों की सफाई कर रहे और झाड़ू लगा रहे हैं। गांव में फूलों की खेती होती है। इसलिए इंदौर से कई लोग आते हैं। अभी कोरोना का वायरस फैल रहा है। इसलिए गांव को पूरी तरह लाॅकडाउन कर दिया हैै। न कोई बाहर जाता है न आता है। एक जगह से सब्जियां पकाने की खुशबू आ रही थी। वहां पहुंचे तो पूरी, सब्जी और चावल भगोनों में भरे हुए थे। चूंकि गांव बायपास से लगा हुआ है और मजदूर यहीं से निकल रहे हैं। उन्हें यहीं से भोजन के पैकेट बनाकर दिए जा रहे हैं।

ग्राउंड रिपाेर्ट -2-बिचौली हप्सी से- मैं गौरव शर्मा। खतरों के बीच पत्रकारिता धर्म निभा रहा हूं। क्योंकि मेरे परिवार के साथ भास्कर के लाखों पाठकों को
भी आज मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है।


एक गांव के 15 से ज्यादा परिवारों के पास खाने का संकट, आटा-दाल खरीदने तक के पैसे नहीं

बायपास से लगा बिचौली हप्सी। गांव के अंदर गली में टीन का छोटा सा घर है। यह घर 80 वर्षीय बाबूलाल अौर बसंती बाई का है। इनका कोई बेटा नहीं है। पति की उम्र ज्यादा है इसलिए अब उनसे मजदूरी नहीं होती। बसंती बाई लोगों के घर जाकर बर्तन धोती हैं तब जाकर घर जैसे-तैसे चलता था। एक सप्ताह से सब काम बंद है। रोज राशन लाने वाले इस घर में अब आटा, दाल, चांवल, तेल अौर राशन खत्म हो चुका है। बसंती का कहना है घर में जो थोड़ा दलिया रखा था, वो हमने कर खा लिया। अब न रुपए है न खाने का सामान।

बसंती बाई ही नहीं, बल्कि इसी लाइन के 20 से ज्यादा परिवारों के सामने इस समय खुद को बीमारी से बचाने के साथ खाने का संकट आ खड़ा हुआ है। कमला बाई का कहना है घर के अनाज के डिब्बे खाली हैं। दूध तक खरीदने के पैसे नहीं। मैं लोगों के घर झाड़ू-पोछा करती हूं। बेटा मजदूरी करता है। दोनों का काम पूरी तरह से बंद है। पति दिव्यांग हैं, वे काम नहीं करते हैं। सुंदरी बाई का कहना है कि हालत खराब है। कोई उधारी भी नहीं देता, हम उधार लेने गए भी तो पहला सवाल उनका यही था कि चुकाओगे कैसे? अभी हमारी खुद की हालत खराब है।

इन सभी के बीच शाम को घर में चूल्हा जले, इसलिए ये लोग अलग-अलग खेत में गए। बसंती बाई अौर कमलाबाई ने कहा, एक खेत से हमें मूली अौर पालक दिया गया। अब इसे उबालकर खाएंगे। ये जब तक चलेगा, इसे ही खाएंगे। यही हमारा खाना है। वहीं, जिस परिवार में बसंती बाई काम करती थीं, उन्होंने उनको यह जानकारी दी। बाद में ऋषिका कोठारी ने उन्हें कहा हम मदद करेंगे। इसके बाद उन्होंने पुलिस-प्रशासन से संपर्क कर रात में आठ परिवारों तक फूड पैकेट भी पहुंचाए। ऋषिका ने कहा गांव के लोगों को जो राशन, रुपयों से लेकर अन्य जो चीजें चाहिए, हम उन्हें पहुंचाएगा।

फैक्टरी बंद, न किराया के पैसे न घर चलाने के लिए
गांव में रहने वाली ओमबाई ने कहा हम किराए से रहते हैं। पति गणेशराम फैक्टरी में काम करते हैं। उनका काम बंद हो चुका है। अब आगे हमारे पास खाने की व्यवस्था तक नहीं। ऊपर से किराया देना है सो अलग। आगे क्या होगा कुछ नहीं पता। लेकिन हकीकत यह है कि हमारे पास अगले दो
दिन के बाद खाने की व्यवस्था भी नहीं है। वहीं, मजदूरी करने वाली शगुनबाई और उनके पति देवकरण नेकहा केघर में बच्चे हैं। हमारे पास राशन तक की व्यवस्था नहीं है। सरकारआगे आए, हमारी मदद करे, क्योंकि 21 दिन का लॉकडाउन है। इतनेदिन हम बिना रुपयों और राशन के कैसे बिताएंगे? सरकार मदद करे।



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पहली तस्वीर मिर्जापुर गांव की है, वहीं दूसरी तस्वीर हप्सी बिचौली की है।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/how-the-fear-of-infection-changed-the-lives-of-villagers-two-reports-detailing-the-condition-of-five-villages-127082752.html

Monday, March 30, 2020

तीन टैंकराें से हाे रहा ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव


इटारसी| शहर में तीन टैंकराें से ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव किया जा रहा है। इसमें नपा सहित दाे निजी टैंकर लगे हैं। स्वच्छता निरीक्षक अारके तिवारी ने बताया 3 हजार 500 लीटर के प्रत्येक टैंकर में 70 किलाे ब्लीचिंग पावडर डालकर घाेल तैयार किया जा रहा है।



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source https://www.bhaskar.com/mp/hoshangabad/news/mp-news-spraying-of-bleaching-powder-from-three-tankers-073010-6944103.html

पायलट को भी कोरोना नहीं, पहली बार एक दिन में मिली जांच रिपोर्ट

अब तक भोेपाल से 48 घंटे में आती थी रिपोर्ट

जिले के लिए दाे बड़ी राहत है। पहली सिवनीमालवा (बानापुरा) निवासी एयर एशिया के पायलट को भी कोरोना नहीं है। दूसरी साेमवार काे जिले में काेराेना का एक भी संदिग्ध सामने नहीं आया है। पायलट की एक दिन में ही सैंपल रिपाेर्ट अा गई, इससे पहले 48 घंटे लग रहे थे। होशंगाबाद में जांच सुविधा नहीं है, सैंपल जांच रिपोर्ट भोपाल से आती है। इधर, प्रशासन ने लॉकडाउन पर और सख्ती की है। वाहन से फिजूल घूमने वालों पर 5200 रुपए जुर्माना किया।

काेराेना के नाेडल अधिकारी डाॅ. सुनील जैन ने बताया सिवनीमालवा के 31 वर्षीय युवक की रिपाेर्ट नेगेटिव अाई है। वह 24 मार्च काे मुंबई से इंदाैर अाया। वहां से भाई के साथ सिवनीमालवा पहुंचा। इसके बाद वह घर में हाेम अाईसाेलेट हाे गया था। 25 मार्च से उसे बुखार अाया था। वह सिवनी मालवा डाॅक्टराें की निगरानी में था। 28 मार्च काे जिला अस्पताल में आईसोलेट किया था। फिलहाल उसे डिस्चार्ज नहीं किया है, अभी आइसोलेशन में ही है।

ट्रेवल हिस्ट्री के कारण हुए थे होम आईसोलेट

पायलट ने बताया जब वह ड्यूटी पर था तब डाॅक्टर राेज जांच करते थे। वह स्वयं भी सर्तक थे। कर्ई बार उन्हें वायरल फीवर हाे जाता है। वर्तमान में उनकी ट्रेवल हिस्ट्री हाेने के कारण बुखार काे नाॅर्मल नहीं लेते हुए हाेम अाईसाेलेट हुए। इसके साथ ही डाॅक्टराें के संपर्क थे। 28 मार्च काे बुखार अाने पर काेराेना संदिग्ध माना गया।

इधर, डाॅ. सुधीर जैसानी बने
जिले के 47वें सीएमएचअाे


साेमवार काे सीएमएचअाे डाॅ. सुधीर जैसानी ने ज्वाॅइन कर लिया है। जैसानी जिले के 47वें सीएमएचअाे हाेंगे। वे जिले में 2011 से 2013 तक सीएमएचअाे रह चुके हैं। साेमवार काे उन्हाेंने चार्ज संभाल कर कलेक्टर, कमिश्नर से मुलाकात की है।

कृषि मंडी के पास 45 लाेग महाराष्ट्र से अाने पर जांच टीम पहुंची

कृषि उपज मंडी के पास महाराष्ट्र की अाेर से करीब 45 मजदूर लाेग अाने की सूचना जिला अस्पताल के डाॅक्टराें काे मिली। इसके बाद जिला अस्पताल के डाॅ. डीसी किंगर, डाॅ.अारके वर्मा ने सहायक सहित माैके पहुंचकर लाेगाें में काेराेना की जांच शुरू की।

ऑनलाइन सम्मेलन : एक अप्रैल काे फेसबुक मैसेंजर पर कवि सम्मेलन

होशंगाबाद| काेराेना वायरस से बचाव के लिए साेशल डिस्टेंस का प्रचार किया जा रहा है। अब साहित्य से जुड़े कवियाें ने साेशल डिस्टेंस काे साेशल मीडिया से काव्य पाठ करने की पहल की है। यह कवि सम्मेलन साेशल मीडिया यानी फेसबुक मैसेंजर पर 1 अप्रैल काे दाेपहर 3 बजे से हाेगा। इसमें 10 कवि शामिल हाेंगे। सभी कवि काेराेना जागरूकता विषय पर कविता पाठ करेंगे। यह अाइडिया बालाघाट के भरबेली निवासी कवि चंद्रेश तूफानी काे अाया।

यह कवि हाेंगे शामिल

चंद्रेश तूफानी (सबरस), दिनेश देहाती (हास्य), साहेब लाल सरल,जलज शर्मा,पंकज जुगनू (शृंगार),डाॅ.सतीश समी,सुरेंद्र शर्मा(गीतकार), तरुण नस्तर(गीतकार), सजेश ठाकुर(हास्य), हलचल बालाघाटी (गीतकार)

ग्राउंड रिपोर्ट : सामान्य वार्डों के 85 मरीज कर दिए डिस्चार्ज, एसडीएम ऑफिस में पास के लिए लगा रहे चक्कर

भास्कर स्पेशल नॉलेज ही बचाव

अगर आप 15 अप्रैल तक घर पर हैं तो कोरोना वायरस के फैलाव की कड़ी खुद-ब-खुद टूट जाएगी। इस लॉकडाउन के मायने यही हैं। कोरोना से जुड़ी जानकारी पर आधारित स्पेशल क्रॉसवर्ड आज पेज 10 पर। इसे भरिए और जानिए कोरोना के बारे में... क्योंकि नॉलेज ही बचाव है।

पर सतर्क करें, घरों में रहिए, हमारा यही संयम कोरोना की चेन तोड़ेगा

बी पॉजिटिव... क्योंकि हाेशंगाबाद का तीसरा सैंपल भी नेगेटिव निकला

होशंगाबाद में कोरोना

जांच में पॉजिटिव

अभी तक संदिग्ध

लॉकडाउन में जारी हेल्पलाइन नंबर

{ कोरोना के लिए उपयोग: 181

{ हेल्थ अपडेट : 104

{ बाहर फंसे मप्र के निवासियाें की मदद (वॉट्सएप): 8989011180

{ निशुल्क भोजन : 18002332797

{ दवा संबंधी : 8827667718

{ महंगा सामान मिलने पर : 8885248877

इटारसी जंक्शन के फुट ओवरब्रिज पर राइफलधारी जवान तैनात हैं। प्लेटफाॅर्म एक पर सन्नाटा है। राेजाना 175 से ज्यादा यात्री ट्रेनें गुजरती थीं। आठ दिन से यात्री ट्रेनों का आवागमन बंद है। इसलिए टिकट विंडो और प्रतीक्षालय बंद हैं। अब इटारसी स्टेशन पर बिना अनुमति के प्रवेश पर रोक है। सातों प्लेटफार्म पर अब कोई यात्री नहीं हैं। कुली और वेंडर चले गए। स्टेशन प्रबंधक राजीव चाैहान ने बताया डाक के सैकड़ों थैलों का ढेर लगा हुआ है। मालगाड़ियों का आवागमन होने से ऑपरेटिंग कक्ष में डिप्टी एसएस और अन्य कर्मचारी काम कर रहे हैं।

इटारसी स्टेशन : राइफलधारी तैनात, बिना अनुमति जंक्शन के अंदर जाने पर रोक

इधर गफलत.. परमिशन कहां मिलेगी जानकारी, हाेमगार्ड अाॅफिस पहुंच गए मजदूर

पुलिस नाका: शहर में 21 जगह जांच, बेवजह घूमने वालों पर किया 5200 रुपए जुर्माना

लाॅकडाउन में लाेग परेशान हंै। जिले से बाहर जाने और आने के लिए जरूरी किए गए पास बनवाने के लिए लोगों को एसडीएाम अाॅफिस में भटकना पड़ रहा है। वहीं कई किसानों को कटाई की अनुमति के लिए एसडीएम ऑफिस के क्लर्क अड़ंगा लगा रहे हैं। डाेंगरवाड़ा के महेंद्र पटेल ने बताया-खाेट से जमीन ली है। पास नहीं बन रहा है। किसानाें काे पुलिस राेक रही है। कटाई का संकट खड़ा हाे गया है। वहीं एसडीएम अाफिस से बाहरी जगह से आए लोगों की जानकारी नहीं दी गई है। एसडीएम अादित्य रिछारिया ने कहा- अाॅडिट चल रहा है। पास भी बनाए जा रहे हैं।

जिला अस्पताल में काेराेना के लिए इमरजेंसी ड्यूटी के बीच सामान्य वार्डांे से करीब 85 मरीज डिस्चार्ज कर दिए हंै। अाईसाेलेशन में फिलहाल सिवनीमालवा का ही पायलट भर्ती है जिसे कोरोना नहीं है। डाॅ. सुनील जैन सहित स्टाफ निगरानी कर रहा है। लाेग काेई भी एम्बुलेंस अाती है ताे सहम जाते हैं। जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में कुल 60 महिलाएं हैं। इनमें से 20 काे डिलेवरी हाेनी है, जबकि 18 काे नाॅर्मल, 22 काे सीजर से डिलेवरी हाे चुकी है। परिजन रैन बसेरा में ठहरे हैं। लाॅक डाउन कर्फ्यू में ढील मिलने पर यह परिजन जरूरत का सामान खरीदने निकलते हैं। मरीज का भाेजन ताे अस्पताल से मिल जाता है।

एसडीएम अॉफिस : पास के लिए इंतजार लेकिन सोशल डिस्टेंस बरकरार

जिला अस्पताल : सायरन बजाते काेई भी एंबुलेंस अाती ताे सहम जाते हैं लाेग

एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए लाेगाें काे परमिशन कहां से मिलेगी इसकी सही जानकारी अभी तक नहीं है। इसलिए लाेग यहां-वहां पहुंच रहे हैं। साेमवार काे चार लाेग हाेशंगाबाद से बैतूल जाने के लिए दोपहर 1 बजे परिमशन लेने हाेमगार्ड अाॅफिस पहुंच गए। अाॅफिस के गार्डन में डिवीजन अाॅफिसर एसएस साेलंकी अाैर जिला हाेमगार्ड कमांडेट अारएसके चाैहान बैठे थे। मजदूराें ने उनसे परमिशन देने से उन्हाेंने इंकार करते हुए उन्हें थाने भेज दिया। मजदूराें ने बताया काम करने अाए थे लेकिन घर जाना चाहते हैं। हालांकि वे थाने नहीं पहुंचे। काेतवाली टीअाई विक्रम रजक ने बताया कि हमारे पास तीन लाेग परिमशन लेने नहीं अाए।

लाॅकडाउन के दौरान पुलिस प्रशासन ने शहर में 21 नाके लगाए हैं। भाेपाल तिराहा, केंद्रीय जेल के सामने यातायात पुलिस जवानाें ने वाहनाें काे राेका। पुलिस काे देख कई लाेग वापस लाैट गए। ग्रामीण क्षेत्राें से दूध, सब्जी लेकर अाए लाेगाें के पास नहीं मिले ताे पुलिस ने हिदायत देकर एसडीएम अाॅफिस से पास बनवाने को कहा। बाइक पर बुजुर्ग के साथ आए एक युवक से पुलिस ने दस्तावेज चेक किए।,यातायात डीएसपी अारसी गुप्ता ने बताया बेवजह घर से निकलने पर करीब 21 वाहनाें चालकाें पर 5200 रुपए का जुर्माना लगाया गया। प्रतिदिन दूध, सब्जी बेचने आने वाले लोगों को पास बनवाने की हिदायत देकर छोड़ा।

1-1 मीटर दूर गोले : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने थोक सब्जी मंडी में बनाए गोले

होशंगाबाद| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने साेमवार को रामलीला (दशहरा) मैदान की थाेक सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंस के लिए गोले बनाए। इससे मंडी में आने वाले लोगों और व्यापारियाें के बीच 1 मीटर की दूरी रहेगी। इससे भीड़ नियंत्रित होगी।

हमारी ऐसी कोशिशें ही तोड़ेगी कोरोना की चेन



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source https://www.bhaskar.com/mp/hoshangabad/news/mp-news-pilot-also-does-not-have-corona-for-the-first-time-one-day-investigation-report-received-072006-6944063.html