खंडवा. तीन साल से प्याज का रकबा 5 हजार हेक्टेयर था, इस साल बढ़कर 8,300 हेक्टेयर तक पहुंच गया। 120 रू, 100 रू, 80 रुपए प्रति किलाे तक दाम मिलने से चार महीने में प्याज की बुआई का रकबा 3300 हेक्टेयर तक बढ़ गया। बाजार में फुटकर में प्याज के दाम अब भी 70 रुपए किलाे तक है। जिले में आसयातित प्याज नहीं आने से दाम अब भी आसमान पर हैं।
खाने का जायका बढ़ाने वाला प्याज आमजन काे ताे रूला रहा है लेकिन कुछ किसानाें के लिए फायदे की खेती बन गया। सात महीने पहले जिस प्याज काे किसानाें काे 20 पैसे प्रति किलाे में बेचना व नहीं बिकने पर सड़काें पर फेंकना पड़ा था वही प्याज किसानाें की भरपाई कर रहा है। इस साल किसानाें काे मंडी में ही एक क्विंटल प्याज के दाम 4 हजार रुपए तक मिले। यही वजह रही कि बाजार में वही प्याज शुरुआत में 120 रुपए किलाे तक बिका। नाशिक के अलावा अन्य प्रदेशाें में उपज खराब हाेने के बाद आयात नहीं हाेने से वर्तमान में बाजार में प्याज के दाम 70 रुपए किलाे है। बाजार में अच्छे दाम मिलने से चार महीने में उपज का रकबा भी बढ़ गया। किसान अब भी खेताें में प्याज का राेपा लगा रहे हैं।
7 महीने पहले किसानाें ने मुफ्त में बांटे थे प्याज
सात महीने पहले किसानों ने जिस प्याज काे प्रति हेक्टेयर प्रति किलो 10 रुपए खर्च कर बुआई की, उसी प्याज के दाम उसे मंडी में 2 से 3 रुपए किलो मिले औरप्रति किलो 7 रुपए तक का नुकसान हुआताे उसे जानवरों को खिलाया, फेंका और लाेगाें काे मुफ्त में बांट दिया था। प्याज का उचित दाम नहीं मिलने पर किसानाें ने प्रदर्शन किया था।
तीन विभागाें ने किया औपचारिक निरीक्षण
जिले में कलेक्टर के निर्देश पर प्याज के भंडारण व दाम नियंत्रण के लिए खाद्य आपूर्ति, उद्यानिकी व काेषालय विभाग की टीम बनाई गई थी। विभाग के अधिकारियाें ने औपचारिक निरीक्षण ही किया। दाम पर नियंत्रण किया ना गाेदामाें की जांच की। अफसर आमजन काे कम दामाें पर भी प्याज उपलब्ध नहीं करवा सके।
तीन साल बाद फिर बढ़ गया रकबा
पिछले तीन सालाें में प्याज का रकबा और किसानाें की संख्या कम हाे गई थी लेकिन इस साल प्याज के अच्छे दामाें ने रकबे और किसानाें दाेनाें की संख्या बढ़ा दी। इसका रकबा 2017 में 8 हजार हेक्टेयर, 2018 में 5500 हेक्टेयर ताे 2019 में रकबा 8300 हेक्टेयर हाे गया।
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source https://www.bhaskar.com/mp/khandwa/news/farmers-were-planting-onions-in-five-thousand-hectares-area-also-increased-if-prices-increased-126411225.html
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