कस्तूरबा काॅलेज और पीजी काॅलेज में किया गांधी स्तंभ का लोकार्पण
शासकीय कस्तूरबा कन्या महाविद्यालय परिसर और पीजी कालेज परिसर में गांधी स्तंभ का लोकार्पण किया गया। में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई है जिसे ‘‘गांधी स्तंभ‘‘ नाम दिया गया है। कस्तूरबा कालेज में गांधी की पुण्यतिथि पर आज इस प्रतिमा का अनावरण महिला कांग्रेस जिला गुना की अध्यक्ष अल्का बिंदल के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला कांग्रेस जिला गुना की सचिव निष्ठा अग्रवाल, महिला कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष गोमती ओझा एवं उपाध्यक्ष कुसुम शर्मा एवं रानी मोरोलिया उपस्थित रही। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ विनीता विजयवर्गीय ने की। कार्यक्रम में सर्वप्रथम 11 बजे 02 मिनट का मौन धारण किया गया तत्पश्चात गांधी स्तंभ का अनावरण कर अतिथियों द्वारा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात ‘‘गांधी तुम्हें नमन‘‘ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी के प्रारंभ में सभी को वसंत पंचमी की बधाइयां दी गई। और माँ सरस्वती का पूजन अर्चन किया गया। सरस्वती वंदना प्रस्तुत की कु. रितिका जैन, राखी सिकरवार, नीमा अहिरवार ने। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य ने अपने वक्तव्य में कहा कि गांधी जी का ध्येय था- अन्याय मुक्त और शोषण मुक्त समाज उनके चिन्तन में सर्वोदय, गांव की स्वतंत्रता और विकास, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग आदि विषय शामिल थे। इसी आधार पर उन्होंने रामराज्य की कल्पना की थी। वे स्वरोजगार को बढ़ावा देकर देश को स्वावलंबी बनाना चाहते थे और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ नैतिकता के प्रबल पक्षधर थे। संगोष्ठी में डॉ पूनम पाराशर ने भारत की आजादी में गांधी की भूमिका को निरूपित किया। श्रीमती ओझा ने गांधी जी पर केन्द्रित गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए श्रीमती बिंदल ने कहा कि गांधी की विचारधारा को आज पूरा विश्व मानता है क्योंकि उसमें शांति का संदेश है जो आज पूरी तरह प्रासंगिक है।
छात्राओं ने दी भजनों की प्रस्तुति : शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गुना में गांधी की पुण्य तिथि ‘शहीद दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जनभागीदारी अध्यक्ष, भास्कर लाक्षाकार के मुख्य आतिथ्य एवं देवेंद्र गुप्ता, भूतपूर्व नगरपालिका अध्यक्ष की अध्यक्षता में 02 मिनिट का मौन धारण कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात महाविद्यालय परिसर में स्थापित गांधी स्तंभ का लोकार्पण किया गया। छात्र शुभम राव एवं मनीषा चंदेल ग्रुप ने “सरस्वती वंदना“ एवं “वैष्णव जन तो तेने कहिए“ भजन की प्रस्तुति दी। प्राचार्य डॉ बीके तिवारी ने मंचस्थ महानुभावों का पुष्पाहार द्वारा स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि श्री लाक्षाकार ने गांधी को युगसृष्टा एवं युगदृष्टा बताते हुए उनके जीवन की सादगी, अपरिग्रह, सत्य और अहिंसा के प्रति आग्रह तथा आत्मनिर्भरता को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव ने हिन्दी साहित्य में गांधी दर्शन के प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री गुप्ता ने गांधी के विचारों को अपने जीवन में उतारने के लिए युवा पीढ़ी का आह्वान किया। बसंत पंचमी के पर प्राचार्य डॉ बीके तिवारी के सानिध्य में महाविद्यालय परिवार ने मां शारदा का हवन शांति के साथ पूजन-अर्चन भी किया। संचालन डॉ उषा जैन, प्राध्यापक हिंदी ने किया। अंत में डॉ. पुरुषोत्तम गौतम ने आभार माना।
कस्तूरबा काॅलेज में गांधीजी को पुष्प अर्पित करती अतिथि एवं प्राध्यापक।
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source https://www.bhaskar.com/mp/guna/news/mp-news-gandhi-was-in-favor-of-economic-freedom-and-morality-vijayvargiya-072144-6511246.html
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