Friday, January 31, 2020

सिंधी समाज... विवाह से पहले कराई जाएगी प्री वेडिंग काउंसलिंग


पति-प|ी और सास-बहू के बीच होने वाले पारिवारिक विवाद सिर्फ इसलिए हल नहीं हो पाते, क्योंकि इनमें दोनों पक्षों के माता-पिता अपने बेटे-बेटी के पक्ष में अनावश्यक दखलंदाजी करने लगते हैं। एेसे में विवाद समाप्त होने की बजाए, नौबत परिवारों के टूटने तक पहुंच जाती है। इस बुराई को रोकने के लिए सिंधी सेंट्रल पंचायत ने फैसला किया है कि वह समाज में जिस किसी भी परिवार में विवाह होने की जानकारी मिलेगी, वह विवाह से पहले ही वर-वधु और उनके माता-पिता की प्री वेडिंग काउंसलिंग कराएगी। जो परिवार इससे इंकार करेगा, पंचायत कमेटी के लोग उसके यहां विवाह समारोह में शामिल नहीं होंगे। इस काम के लिए समाज की मोहल्ला पंचायतों ने काउंसलिंग कमेटियों का गठन शुरू कर दिया है।

सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष भगवानदेव इसरानी ने बताया कि समाज में पारिवारिक विवाद हल करने वाली कमेटी के पास पहुंचने वाले पति-प|ी और सास-बहू के बीच होने वाले विवादों के मामलों की संख्या बढ़ रही है। इन मामलों में बहुत से लोग तलाक कराने तक का अावेदन लेकर पहुंचते हैं। एेसे पारिवारिक विवादों को बढ़ने से रोकने के लिए ही पंचायत ने फैसला किया है कि क्यों न विवाह से पहले ही वर-वधु और उनके माता-पिता की प्री वेडिंग काउंसलिंग कराकर उन्हें समझाइश दी जाए कि पति-प|ी बगैर किसी कारण या प्रमाण के एक-दूसरे पर संदेह नहीं करेंगे। माता-पिता भी बेटे-बेटियों के ससुराल में होने वाले विवादों में अनावश्यक दखलंदाजी नहीं करेंगे।

सलाह...मामूली विवाद को करें अनदेखा

विवाह के बाद दोनों पक्ष सच्चाई को दरकिनार कर बेटे-बेटियों के पक्ष में दलीलें देने लगते हैं और विवाद तलाक की कगार तक पहुंच जाता है, इसलिए अावश्यक होने पर ही हस्तक्षेप किया जाए। बेटियां भी ससुराल में होने वाले मामूली विवादों को बढ़ाचढ़ा कर न बताएं।

सिंधी सेंट्रल पंचायत का फैसला... परिवारों को टूटने से बचाने के लिए सिंधी मोहल्ला पंचायतों में काउंसलिंग कमेटियों का गठन शुरू

{छोटी-छोटी बातों को न तूल दें- कमेटी के अधीन काम कर रही मोहल्ला पंचायतों के पास अपने मोहल्लों में जब भी समाज के किसी युवक-युवती के विवाह का निमंत्रण कार्ड प्राप्त होगा, काउंसलिंग कमेटी वर-वधु को बताएगी कि वे विवाह के बाद किस तरह प्रेम से जीवन यापन करें और छोटी-छोटी बातों को न तूल दें और न झगड़े, बल्कि एक-दूसरे की बात सुनने के बाद ही अपना पक्ष रखें। एक-दूसरे पर शक-शुभह कतई न करें, इससे परिवार टूटते हैं। माता-पिता को भी समझाइश दी जाएगी कि वे बेटे-बेटियों के ससुराल में होने वाले विवादों में दखलंदाजी न करें।

{मोहल्ला पंचायतों को दिया जिम्मा-अध्यक्ष इसरानी ने बताया कि पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से प्री वेडिंग काउंसलिंग की जवाबदारी समाज की मोहल्ला पंचायतों को सौंपी है। यह पंचायतें अपने-अपने मोहल्लों में पारिवारिक मामलों के विशेषज्ञ महिला-पुरुषों की काउंसलिंग कमेटियां बनाएंगे, जिनका गठन शुरू कर दिया गया है। इन कमेटियों के बीच को-अाॅर्डिनेटर प्रदीप अार्तवानी होंगे, जबकि काउंसलिंग में जरूरत पड़ने पर ब्रह्मचारिणी बहनें शांतुनु केसवानी, निर्मला साधवानी व अधिवक्ता बंसीलाल इसरानी का सहयोग लेंगे।

समझाइश देंगे- माता-पिता भी बेटे-बेटियों के ससुराल में होने वाले विवादों में अनावश्यक दखलंदाजी नहीं करें



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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-sindhi-society-pre-wedding-counseling-will-be-done-before-marriage-065521-6518371.html

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