Friday, January 31, 2020

फांसी अनंत में अटकी; मां बोली समाज व अदालतें सरेंडर कर दें

न्याय में देरी भी नाइंसाफी है...

दूसरी बार टली फांसी, अगली तारीख तय नहीं

भास्कर न्यूज. नई दिल्ली | निर्भया कांड के चाराें दाेषी दूसरी बार फांसी से बच गए। 1 फरवरी का डेथ वारंट पटियाला हाउस काेर्ट ने रद्द कर दिया। दाेषियों ने फांसी अनिश्चितकाल तक टालने की मांग की थी। एएसजे धर्मेंद्र राणा ने फैसले के बाद सुनवाई की अगली तारीख तय नहीं की।

7 साल संघर्ष के बाद भी इंसाफ को तरसतीं आंखों से झरते आंसू दर्द बयां कर रहे हैं। आज की खबर निर्भया की मां आशा देवी की ही जुुबानी...

मुजरिम जो चाहते थे वही हुअा। उनके वकील एपी सिंह ने मुझे काेर्ट में चैलेंज किया कि फांसी अनंत काल तक नहीं हाेगी। काेर्ट, दिल्ली सरकार अाैर केंद्र इसे सुनें। जब सुप्रीम काेर्ट में रिव्यू अाैर क्यूरेटिव याचिका खारिज हाे चुकी हैं ताे वह कैसे चैलेंज कर रहे हैं? सरकार अाैर काेर्ट, मुजरिमाें को माैका दे रहे हैं। क्याेंकि वे पुरुष हैं। हमारी बच्ची काे तो जीने का काेई हक नहीं था। लेकिन अपराधियों को है। काेर्ट अाैर सरकार उनके सामने बार-बार हमें झुका रहे हैं। पर, मैंने उम्मीद नहीं छाेड़ी। सरकार काे फांसी देनी ही पड़ेगी। नहीं ताे संविधान काे अाग लगा दें। समाज, सुप्रीम काेर्ट से लेकर लाेअर काेर्ट तक सरेंडर कर दें कि फांसी की सजा सिर्फ लाेगाें काे गुमराह अाैर शांत करने के लिए सुनाई थी। शेष | पेज 11 पर


फांसी में देरी के लिए निर्भया के माता-पिता ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल को जिम्मेदार बताया। वहीं, केजरीवाल ने कानून में बदलाव की मांग की है।

{जज बाेले- अांखें मूंदकर भेदभाव नहीं

जज ने कहा- तय प्रक्रियाअाें सेे कानूनी उपाय सभ्य समाज की पहचान है। देश की अदालतें कानूनी उपायों में जुटे दाेषी के साथ अांखें मूंदकर भेदभाव नहीं कर सकती हैं। मृत्युदंड भी इसमें शामिल है।

{जेल प्रशासन की सभी दलीलें खारिज

दाेषियाें के वकील एपी सिंह ने सुनवाई टालने की मांग करते हुए कहा था कि उनके कई कानूनी उपाय बाकी हैं। जेल प्रशासन ने कहा था कि तीन दाेषियाें को फांसी देने में दिक्कत नहीं। काेर्ट ने यह दलील खारिज कर दी।

{नए जज के सामने पहली बार हुई थी सुनवाई

एएसजे एसके अराेड़ा ने पहले 22 जनवरी आैर फिर 1 फरवरी का डेथ वारंट जारी किया। इसी बीच, उन्हें एक साल के डेपुटेशन पर सुप्रीम काेर्ट भेज दिया गया। एएसजे धर्मेंद्र राणा के समक्ष शुक्रवार को पहली सुनवाई हुई।



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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-hanging-stuck-in-infinity-mother-said-surrender-the-society-and-the-courts-065606-6518363.html

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