अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार अग्रवाल ने एक अबोध बालिका से दुष्कृत्य करने के मामले में आरोपी अयोध्या नगर निवासी संतोष रघुवंशी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 5 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया गया है। इस संबंध में अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनीष कथोरिया ने बताया कि नगर के एक निजी स्कूल की 11 वर्षीय छात्रा होमवर्क की कापी लेने अपने सहपाठी छात्र के घर गई थी।
तब उसके पिता संतोष रघुवंशी ने वहीं बैठकर होमवर्क करने को कहा। जब वह होमवर्क कर रही थी उसका सहपाठी क्रिकेट खेलने चला गया और मां बाजार चली गई। छात्रा को अकेला देख आरोपी ने उसके साथ मुंह दबाकर दुष्कृत्य किया और घर भेजा दिया। जब परिजनों ने बेटी को असहनीय अवस्था में देखा तो उससे पूछताछ की। बेटी ने जो घटनाक्रम सुनाया तो उनके होश उड़ गए। उसे साथ लेकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बालिका का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद मामले की जांच कर प्रकरण अपर सत्र न्यायालय में पेश किया था। मामले में मिले साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और तर्कों से सहमत होकर मामला आरोपी के विरुद्ध सिद्ध पाया गया। इस कारण आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 5 हजार रुपए अर्थ दंड दिया गया।
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source https://www.bhaskar.com/mp/vidisha/news/mp-news-20-years-imprisonment-and-fine-of-5-thousand-in-case-of-misbehavior-with-innocent-girl-072057-6495220.html
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