एसपी ने अचानक बुलाई पुलिस अफसरों की परेड
जिले के नवागत एसपी नागेंद्र सिंह ने शुक्रवार को पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को परेड ली। अचानक बुलाई गई इस परेड में एसपी ने जवानों को बंदूक तानने का आदेश दिया, मजे की बात तो यह है कि लगभग 4 किलो वजनी राइफल से कई जवानों के सिर्फ डेढ़ मिनट में ही हाथ कंपने लगे। हालांकि बंदूक तानने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई थी, लेकिन एसपी के हाव भाव से नाराजगी दिखी। वहीं कई पुलिस अधिकारी- जवान को दाढ़ी बढ़ी होने पर जहां उन्हें सजा दी गई। वहीं तय समय में कदम ताल करने वालों को ईनाम भी दिया गया। इस अवसर पर एएसपी संजीव कंचन सहित सभी डीएसपी, टीआई, एसआई सहित अन्य जवान मौजूद थे।
दरअसल पुलिस मैन्युअल में प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार और शुक्रवार के दिन परेड का नियम है। लेकिन व्यस्तताओं के चलते यह परेड नियमित रूप से कम ही हो पाती है। लेकिन जिले के नवागत पुलिस कप्तान नागेंद्र सिंह ने गुरुवार को ज्वाइन करते ही शुक्रवार की सुबह सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों की परेड ग्राउंड पर परेड के लिए पहुंचने का ऐलान कर दिए। नए एसपी के इस आदेश के बाद सभी एसडीओपी, टीआई, एसआई सहित अन्य जवान आनन फानन में तैयार होकर परेड ग्राउंड पहुंचे। जहां एसपी नागेंद्र सिंह ने पहले उनकी परेड का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ जवानों के दाढ़ी बाल ठीक न होने पर उन्हें जहां सजा दी गई। खास बात तो यह रही कि इस दौरान एसडीओपी और टीआई की भी करीब एक घंटा एसपी ने परेड कराई, जिससे वे पसीना पसीना हो गए।
रात में ही मंगाए जूते-कैप
यहां बता दें कि पुलिस परेड में सबसे पहले पुलिस जवान की वर्दी देखी जाती है, जिसमें वर्दी पहनने का ढंग और उसकी साफ सफाई के साथ जवान के दाढ़ी, बाल आदि बातें महत्वपूर्ण होती है। शुक्रवार को अचानक बुलाई गई इस परेड को लेकर रात में ही कई पुलिस अधिकारी कर्मचारियों ने जूते तो किसी ने पी-कैप मंगवाई। वजह यह है कि नियमित परेड न होने से कई पुलिस जवान अपनी स्वेच्छा से वर्दी के जूते न पहनकर स्पोर्ट्स अथवा लेदर शूज उपयोग कर रहे थे। वहीं कई अधिकारियों के पास पी-कैप नहीं थी।
ड्रायवर से खुलवाए टायर
परेड के दौरान के पुलिस के ड्रायवर भी पहुंचे। एसपी ने ड्रायवर से कहा कि गाड़ी की स्टेपनी (पहिया) बदले। एक ड्रायवर ने तत्काल स्टेपनी बदल दी। जबकि शेष नहीं कर पाए। इस पर एसपी ने नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि सिर्फ गाड़ी ही नहीं चलाना है। बल्कि तय समय में गाड़ी पंचर हाेने पर उसका पहिया भी बदलना है। अंत में एसपी ने पुलिस दरबार लगाया, जिसमें पुलिस जवानों की समस्याएं सुनी। इसी दौरान लहार डीएसपी डीएस वैश ने बताया कि उनका तीन महीने से मेडिकल क्लेम ही स्वीकृत नहीं हुआ है।
किसी जवान को बाल बड़े होने पर मिली सजा, तो किसी को कदमताल पर मिला इनाम
परेड के दौरान बंदूक तानकर खड़े पुलिस जवान व अधिकारी, डेढ़ मिनट बाद ही इनके हाथ कंपने लगे।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhind/news/mp-news-junk-hands-of-gunmen-sp-angry-064553-6625710.html
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