Wednesday, February 12, 2020

आकांक्षा प्रोजेक्ट से सामने आई हकीकत, हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के 80 फीसदी छात्र स्कूल ही नहीं जाते


हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, लेकिन हालत यह है कि हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी के 80 फीसदी छात्र स्कूल ही नहीं आते। जी हां आकांक्षा प्रोजेक्ट में अधिकारियों की मॉनीटरिंग में यह तथ्य सामने आया। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बच्चों की पढ़ाई की क्या स्थिति होगी। वहीं जिस उद्देश्य को लेकर कलेक्टर द्वारा आकांक्षा प्रोजेक्ट शुरू किया गया था वह भी पूरा नहीं हो पा रहा है। क्योंकि इसके माध्यम से अधिकारियों द्वारा छात्र छात्राओं को परीक्षा संबंधित टिप्स दिए जाने थे। लेकिन जब स्कूल में बच्चे ही नहीं है,तो अधिकारी टिप्स किसे दें। ऐसे में प्रोजेक्ट भी कारगर साबित नहीं हो पा रहा है।

बता दें कि कलेक्टर रोहित कुमार सिंह ने 3 फरवरी को प्रोजेक्ट आकांक्षा 2020 प्रारंभ किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत जिले की 122 शासकीय शालाओं की मानीटरिंग के लिए 80 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। इनमें एसडीएम, तहसीलदार, सीईओ, सीएमओ, सीडीपीओ के अलावा जिले एवं अनुभाग स्तर के विभाग प्रमुख शामिल हैं। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी स्वयं कलेक्टर श्री सिंह कर रहे हैं। खुद कलेक्टर श्री सिंह ने दो शालाओं की निगरानी की जिम्मेदारी ली। जिन अफसरों को संस्थाएं आवंटित की, उन्हें 3 लक्ष्य दिए।

सीडीपीओ को टाइम टेबल तक नहीं बता सके छात्र

शासकीय हाईस्कूल ईंगुई में सोमवार को सीडीपीओ सेंवढ़ा राजेंद्र गुर्जर पहुंचे। यहां कक्षा 10 वीं में दर्ज 72 छात्र छात्राओं में से मौके पर केवल 18 मिले। बच्चों से जब टाइमटेबल पूछा गया तो वह बता नहीं सके। बकौल सीडीपीओ श्री गुर्जर स्कूल प्राचार्य अतबल सिंह जाटव सहित कुछ शिक्षक भी मौके पर नहीं थे। श्री जाटव ने बताया वह शासकीय कार्य से गए थे।

अब स्कूलों के प्रतिवेदन डीईओ ने लेना शुरू कर दिए


अशोक त्रिपाठी, डीपीसी दतिया

5 % से कम मिली संख्या

पांच फीसदी से कम मिली संख्या

8 फरवरी को सीईओ ओएन गुप्ता अपनी आवंटित संस्था शासकीय कन्या उमावि इंदरगढ़ पहुंचे। यहां शिक्षक नीलेश सिहारे, समीना रामटके, दशरथ कौरव, अतिथि शिक्षक अशोक दूरवार एवं दशरथ कौरव नदारत थे। कक्षा 12 वीं में कुल 287 छात्राएं में से 5 दसवीं में दर्ज 199 के मुकाबले 68 छात्राएं मिली। प्राचार्य गोपाल गोस्वामी ने सीईओ श्री गुप्ता को बताया कि बच्चियां इसलिए स्कूल नहीं आई क्योंकि इसी समय ट्यूशन भी चलते हैं जहां रोकने के बावजूद बच्चे जाते हैं।

बताया कि शासकीय कार्य से गए हैं प्राचार्य

शासकीय हाईस्कूल देभई में निरीक्षण को पहुंचे सीएमओ योगेंद्र सिंह तोमर को भी यही स्थिति मिली। श्री तोमर ने बताया कि प्राचार्य सहित तीन शिक्षक स्कूल से नदारत थे। यहां उपस्थिती भी काफी कम थी। फोन पर प्राचार्य ने बताया कि वह शासकीय कार्य से बाहर गए हैं। सीएमओ के मुताबिक वह दाेबारा स्कूल में जाएंगे। स्कूल में बच्चों की उपस्थिति काफी कम थी।

नहीं मिले 100% छात्र

हैरानी यह है कि यह पूरा प्रोजेक्ट स्कूली छात्र छात्राओं को ध्यान में रख कर उनकी बेहतरी के लिए बनाया गया। पर निरीक्षण दलों को कहीं भी शत प्रतिशत छात्र नहीं मिले। इतना ही नहीं अस्सी फीसदी शालाओं में उपस्थिती का आंकड़ा तो 5 फीसदी से लेकर अधिकतम 20 फीसदी के बीच ही रहा। शिक्षकों के अनुपस्थित रहने और तो और प्राचार्य के भी मौके पर नहीं मिलने के मामले सामने आए। ऐसे में कलेक्टर श्री सिंह की यह महत्वाकांक्षी योजना अपने लक्ष्य को हासिल करती नजर नहीं आ रही है।

दस दिन से कर रहे दौरा

दस दिन से अधिकारी लगातार स्कूलों का दौरा कर रहे हैं, पर खास बात यह है कि एक भी स्कूल में छात्र छात्राओं की उपस्थिती का आंकड़ा 50 फीसदी तक भी नहीं देखा गया। कई स्कूलों में तो 20 फीसदी से भी कम बच्चे मिले। स्कूल में शिक्षक तो दूर प्राचार्य भी ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में आंकाक्षा प्रोजेक्ट का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। हैरानी यह है कि शिक्षकों पर भी खास कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे शिक्षक भी बेपरवाह बने हुए हैं। सभी अधिकारियों को उनके निरीक्षण का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए ऑनलाइन लिंक दी गई। इसके अलावा डीपीसी अशोक त्रिपाठी को भी लिखित प्रतिवेदन भेजने को कहा गया।

यह थे वह तीन लक्ष्य

पहला लक्ष्य संस्था में संस्था में छात्र छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिती सुनिश्चत कराना, शाला का नियमित संचालन तथा बोर्ड परीक्षाओं का शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाना। लक्ष्य प्राप्ति हेतु अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि वह अपने अपने दायित्वों के साथ साथ सप्ताह में कम से कम तीन दिन अपनी आवंटित संस्था में जाएं। छात्र छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिती के लिए कार्य करें। गुणवत्ता शिक्षा मिल रही है या नहीं इसकी जानकारी लें तथा इस उचित योजना बनाकर शिक्षकों के साथ उसे साझा करें। शाला समय में छात्र छात्राओं के साथ साथ शिक्षक एवं प्राचार्य को उचित मार्गदर्शन करें जिससे परीक्षा परिणाम को बेहतर किया जा सके।

शासकीय स्कूल ईगुई में सीडीपीओ राजेंद्र गुर्जर ने किया निरीक्षण।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Datia News - mp news the reality revealed by the aakanksha project 80 percent of high school and higher secondary students do not go to school


source https://www.bhaskar.com/mp/datia/news/mp-news-the-reality-revealed-by-the-aakanksha-project-80-percent-of-high-school-and-higher-secondary-students-do-not-go-to-school-071029-6609694.html

No comments:

Post a Comment