नगर के मुकरबा मोहल्ला में श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन भागवत कथा की शुरूआत करते हुए कथा वाचक पं. कमलेश कुमार शास्त्री तिनसुआ वालों ने कहा कि भगवान से रिश्ता जुड़ा तो हमेशा नाम रहेगा अगर भगवान को पाना है तो प्रेम और भक्ति का मार्ग अपनाना चाहिए। मानव जीवन में प्रेम और भक्ति की भावना का उदय तब होता है जब उसको संत और ग्रन्थ का सानिध्य मिलता है। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भागवत महात्म्य और भक्ति की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत को समझने के लिए भक्ति भावना बहुत आवश्यक
है। रामायण में नौ प्रकार की भक्ति बताई गई है जिनके माध्यम से भक्त भगवान को प्राप्त कर सकते है असली भक्त वही है जो भक्ति में दुनिया की शर्म न करे। इस मायावी दुनिया में अगर शिवजी का सहारा मिल जाए ए तो किसी सांसारिक सहारे की जरुरत नहीं है। लोग सोचते है कि उनकी संतान उनका नाम रोशन करेगी। लेकिन कोई जरुरी नहीं है कि कोई रिश्ता तुम्हे प्रसिद्धि दिलाए, मगर इसमें कोई संदेह नहीं है कि अगर एक बार भगवान से तुम्हारा रिश्ता जुड़ गया तो तुम्हारा नाम तुम्हारे बाद भी रहेगा। शास्त्री जी ने मीरा का उदाहरण देते हुए कहा कि मीरा की कोई संतान नहीं थी। उनका विवाह राजघराने में हुआ। लेकिन आज भी उनका नाम कन्हैया से जुड़ने के कारण उनके सम्बन्ध से लिया जाता है। आधुनिक युवाओं की बढ़ती विकृत मानसिकता पर शास्त्री जी ने चिंता जताते हुए श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कहीं उन्होंने सभी से आह्वान किया कि मन को शुद्ध रखकर श्रीराम के चरणों में अपना जीवन गुजार दो ताकि मोक्ष की प्राप्ति हो सके। उन्होंने महाशिवरात्रि पर शिव जी की भक्ति उनके विभिन्न स्वरूपों पर भी प्रकाश डाला। कथा श्रवण करने भारी संख्या में महिलाएं पुरुष उपस्थित हुए। कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन भी किया गया जो देर रात तक चलता रहा भंडारे में काफी संख्या में कन्या, महिला, पुरुष शामिल हुए।
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source https://www.bhaskar.com/mp/raisen/news/mp-news-if-you-want-to-find-god-then-follow-the-path-of-devotion-shastri-064051-6698983.html
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