सवर्ण समाज की बैठक में उठी जातिगत आरक्षण हटाने की मांग
सवर्ण समाज के हक के लिए देश में एक भी राजनैतिक दल खड़ा नहीं है। स्थिति यह है कि हर क्षेत्र में आरक्षण के चलते समान्य समाज का शोषण हो रहा है। इसका उदाहरण जिले में पूर्व घटित हुई घटनाएं हैं। यह बात मंगलवार को बस स्टैंड के पास सवर्ण समाज द्वारा आयोजित बैठक में पं कृष्णकांत तिवारी ने कही।
उन्हाेंने कहा कि वर्तमान में सवर्ण समाज अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है। एससी-एसटी एक्ट में माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सवर्णों को न्याय से वंचित करता हुआ नजर आ रहा। हम अपनी बात कहने में असमर्थ नजर आ रहे हैं, क्योंकि हमारी बात कोई सुनने वाला ही नहीं है। जातिगत आरक्षण के कारण सवर्ण समाज के हजारों युवा रोजगार से वंचित हैं। जबकि हमारे द्वारा पहले भी सरकार से मांग की गई है कि जातिगत आरक्षण को खत्म करते हुए उसको आर्थिक आधार पर किया जाए। बैठक में प्रवेन्द्र ठाकुर ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार को आरक्षण खत्म करना चाहिए। आरक्षण के कारण ही योग्य प्रतिभा को मौका नहीं मिल रहा है। आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों काे आरक्षण मिलना चाहिए। कई साल पहले आरक्षण के विरोध में देश के कई राज्यों में लोग शहीद हुए थे। राजनैतिक तौर पर देखा जाए तो आरक्षण एक बड़ा मुद्दा बन गया है। अब उसे कोई भी पार्टी छोड़ना नहीं चाहती है, क्योंकि जो इसका विरोध करता है। वही विरोधियों का टारगेट बन जाता है। इसलिए सवर्ण समाज के लोगों को आगे आकर इसका विरोध करना होगा। इस मौके पर मनोज दुबे, प्रवीण ठाकुर, यतेंद्र दुबे, यशपाल सिंह, गौरव योगी, आकाश कौरव, यदवीर बुंदेला, प्रमोद उपाध्याय, राहुल दुबे, घनश्याम रावत, सुमित पचैरी, आदित्य सिंह मौजूद रहे।
सवर्ण समाज की बैठक में रणनीति बनाते पदाधिकारी।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhind/news/mp-news-no-political-party-for-our-rights-tiwari-062547-6601766.html
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