शहर को प्लास्टिक मुक्त करने की प्रशासन की मुहिम अब ठंडी पड़ चुकी है, लेकिन एक महिला ऐसी भी है जो न सिर्फ इस मुहिम को आगे बढ़ा रही बल्कि खुद के बनाए कपड़े के थैले भी लोगों को बांटकर जागरूक रही है। उनके इस अभियान से अब अन्य महिलाएं भी जुड़ने लगी हैं।
इंद्रेश जैन ने 2 अक्टूबर से पॉलीथिन मुक्त अभियान शुरू किया था, जिसे वे आज भी जारी रखे हुई हैं। पहले उन्होंने लोगों काे पॉलीथिन का उपयोग न करने की सलाह दी फिर खुद ने कपड़े के थैले बनाए। इसमें आकर्षक डिजाइन बनाई और डबल सिलाई कर उसे थैले का रूप दिया। जिसे वे कई लोगों को नि:शुल्क भी बांट चुकी हैं। उनके द्वारा बनाए गए थैले वे खजुराहो, खरगोन सहित अन्य जगहों पर भी भेज चुकी हैं।
सिंथेटिक कपड़े से बना रहीं थैले : इंद्रेश बताती हैं कि पॉलीथिन का जितना कम इस्तेमाल होगा। उतना ही पर्यावरण के लिए बेहतर रहेगा। बाजार में उपलब्ध सिंथेटिक कपड़ा जो सालों उपयोग के बाद भी नहीं फटता। ऐसे फ्रेश कपड़े से बनी डबल सिलाई व पोटली पैटर्न पर थैली बनाई है। इस थैली को सब्जी लेने, किराना सामान, फल, कपड़े अादि में उपयोग किया जा सकता है। ये थैली 2 से 5 रुपए में विभिन्न साइजों में उपलब्ध हो सकती है। इससे कई जरूरतमंद महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा।
छुटपुट दुकानदारों पर कार्रवाई के बाद बंद हुई कार्रवाई
शुरू-शुरू में जोरशोर से पॉलीथिन मुक्त अशोकनगर बनाने के लिए अभियान चलाया था। जिले में नगरपालिका, नगर परिषद द्वारा छिटपुट दुकानदारों से पॉलीथिन भी जब्त की गई थी, लेकिन अब ये मुहिम बंद हो गई। सब्जी मंडी सहित अन्य जगहों पर लोग पॉलीथिन में ही सब्जी सहित अन्य सामान ले जाते हुए देखे जा रहे हैं।
प्लास्टिक मुक्त अभियान के लिए सिंथेटिक थैले बनाती हुईं महिलाएं।
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source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-women-are-distributing-synthetic-bags-made-by-themselves-063100-6691309.html
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