25 फरवरी तक तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट रहेगी, दिन का तापमान 25 से 26 और रात का तापमान 10 डिग्री के आसपास रहेगा
हवा के बदले रुख से एक बार फिर गर्म कपड़े निकल आए हैं। शुक्रवार की शाम उत्तरी हवा सीधी चलीं तो एक माह पहले ठंड की यादें ताजा हो गईं। मौसम में बदलाव के साथ ही 20 जनवरी के बाद पहली बार घना कोहरा फिर शनिवार की सुबह देखने मिला। मौसम में बदलाव की वजह पश्चिमी राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है।
करीब 10 दिन से तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी होने के बाद ठंड अलविदा हो चुकी थी। लेकिन शुक्रवार शाम से ठंड का दौर फिर शुरू हो गया। मौसम में बदलाव के बाद सुबह 8.30 बजे तक शहर में घना कोहरा छाया रहा। वहीं दो दिन पहले तक दिन का तापमान 32 डिग्री और रात का पारा 16 डिग्री तक चढ़ गया था जो शनिवार को 5 डिग्री तक लुढ़कगया। शनिवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। इससे दोपहर के समय भी एक बार फिर लोगों को धूप सेकते हुए देखा गया। ठंड की वजह से सुबह फिर स्कूली बच्चें टोपें, स्वेटर पहनकर स्कूल जाते हुए दिखाई दिए।
20 जनवरी को रात में कोहरा छाया था इसके बाद 20 फरवरी तक साफ था मौसम
आगे क्या : अंचल में कहीं पर बूंदाबांदी भी हो सकती
मौसम विशेषज्ञ डाॅ. तोमर ने बताया कि हवा चलने की वजह से कोहरा तो छंट जाएगा लेकिन 25 तक तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट रहेगी। अधिकतम तापमान 25 से 26 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास बना रहेगा। इस दौरान अंचल में कहीं पर बूंदाबांदी भी हो सकती है।
12 दिन बाद पहली बार तापमान रहा सामान्य से कम
12 दिन बाद पहली बार दिन का तापमान सामान्य की तुलना में 1 डिग्री कम दर्ज किया गया है। इससे पहले 10 फरवरी को सामान्य से दो डिग्री कम 24.6 डिग्री दिन का तापमान रहा था।
3 दिन में तीन बार बदला हवाओं का रुख
मौसम विशेषज्ञ डाॅ. एसएस तोमर ने बताया कि शुक्रवार की रात से हवा सीधी उत्तर दिशा से चल रही हैं। इससे पहले दिन में पश्चिम से और गुरुवार को दक्षिण पश्चिम से चल रही थीं। इससे तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट होगी। डाॅ. तोमर ने बताया कि इसके बाद हवा उत्तर पूर्व और उत्तरी ही चलेंगी।
बारिश से नुकसान नहीं
डा. तोमर के मुताबिक गेहूं में बाली लगने लगी है। ऐसे में बारिश होती है तो नुकसान नहीं होगा। बशर्ते ओला नहीं गिरना चाहिए। डा. तोमर के मुताबिक इस सीजन में जब भी पानी आता है तो वह तेज हवाओं के साथ ओला भी लाता है। एक दिन पहले ग्वालियर, शहढोल, बस्तर, बैतूल जिलों में बारिश हुई और कहीं पर हल्की ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। फिलहाल जिला इससे सुरक्षित है।
जमीन की सतह की गर्म हवा में मौजूद जलवाष्प ऊपर की ठंडी हवा की परतोें से मिलकर जमी तो छाया कोहरा
पिछले कई दिनों से तापमान अधिक है। खेतों में पानी लगने की वजह से वाष्पीकरण हो रहा है। शुक्रवार को तापमान में गिरावट से हवा में जलवाष्प जिसे हम नमी कहते हैं वह जमीन की सतह के पास की गर्म हवा में मौजूद जलवाष्प ऊपर मौजूद ठंडी हवा की परतों से मिल कर जम गई। इस प्रक्रिया को कंडेन्शन कहते हैं। जब हवा में बहुत ज्यादा कंडेन्शन हो गया तो यह भारी होकर पानी की छोटी बूंदों में बदल गई। ठंडी हवा चलते ही इनके संपर्क में आने से ये बूँदे कोहरे में बदल गईं।
शनिवार को सुबह आठ बजे तक छाया घना कोहरा,मौसम में घुली ठंडक।
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source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-north-wind-10-to-15-kmph-mercury-dropped-50-in-2-days-cold-for-3-days-063104-6691301.html
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