Saturday, February 22, 2020

शिकायत के तीन महीने बाद भी जिले में चल रही पैथोलॉजी लैब की नहीं हुई जांच


जिले में अवैध रूप से संचालित इन पैथाॅलॉजी में नहीं किया जा रहा मापदंड को पूरा

जिले में कई पैथोलॉजी अवैध तरीके से संचालित की जा रही हैं। इनमें निर्धारित मापदंड को पूरा नहीं किया जा रहा है। जिले में चल रही अवैध पैथोलॉजी की शिकायत आपकी आवाज संगठन ने 21 नवंबर को कलेक्टोरेट कार्यालय में की थी।

शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर जिले में चल रही अवैध पैथोलॉजी की जांच करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने जिले में चल रही पैथोलॉजी की जांच कर कार्रवाई का प्रतिवेदन एवं जिले की सभी पैथोलॉजी की सूची एक सप्ताह के अंदर इस कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। शिकायत के तीन महीने बाद भी जिले में चल रही अवैध पैथोलॉजी की जांच नहीं की गई। शिकायत में कहा गया था कि पैथोलॉजी संचालकों द्वारा दी गई गलत रिपोर्ट के कारण मरीजों को बीमारियों की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य एवं जान को खतरा उत्पन्न हो रहा है।

पॉथोलॉजी लैब चलाने के नियम: पैथोलॉजी लैब चलाने के लिए एमडी इन पैथोलॉजी चिकित्सक होना चाहिए। यदि नहीं है तो कम से कम एमबीबीएस चिकित्सक होना अनिवार्य है। बिना चिकित्सक के जितने भी लैब चलाए जा रहे हैं, सभी अवैध हैं। साथ ही लैब खोलने से पूर्व सीएमएचओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। रिपोर्ट में साइन करने के लिए पैथोलॉजिस्ट का लैब में रहना जरुरी। केवल डिजिटल साइन से पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। एमबीबीएस और दूसरे विभागों से एमडी पैथोलॉजी लैब नहीं चला सकेंगे।

अनट्रेंड व्यक्ति कर रहे जांच : जिला मुख्यालय और विभिन्न तहसीलों में पैथोलॉजी एवं उन पर कार्यरत पैथोलॉजिस्ट द्वारा बीमार मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा है। अनट्रेंड व्यक्तियों द्वारा पॉथोलॉजी पर की जानी वाली मरीजों की जांचों के कारण मरीजों को बीमारियों की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। इससे लोगों के स्वास्थ्य एवं जान को खतरा उत्पन्न हो रहा है। अनट्रेंड कर्मचारियों द्वारा मरीजों की पैथोलॉजी जांच से स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय से खिलवाड़ किया जा रहा है।

कोई व्यक्ति ब्लड ग्रुप की जांच करवाता है तो पैथोलॉजी संचालक द्वारा गलत रिपोर्ट दी जा रही है। जिससे स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय से खिलवाड़ किया जा रहा है। कोई व्यक्ति ब्लड ग्रुप की जांच करवाता है तो पैथोलॉजी गलत रिपोर्ट दे रही हैं।

जिले में चल रही दर्जनों पैथोलॉजी अवैध: जिले में दर्जनों पैथोलॉजी अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं। इनमें जिला मुख्यालय पर करीब 20, ईसागढ़ में करीब 5, मुंगावली में करीब 9, चंदेरी में भी 5, नईसराय, शाढ़ौरा आदि शहरों में करीब 40 से 60 पैथोलॉजी अवैध रूप से चल रही हैं। इनमें से कई पैथोलॉजी में दी जा रही रिपोर्ट में पैथोलॉजिस्ट के डिजीटल सिग्नेचर पर रिपोर्ट दी जाती है। वहीं अन्य पेथोलॉजी में लैब टेक्नीशियन द्वारा हस्ताक्षर कर रिपोर्ट दी जा रही है।

जिले में मात्र 6 पैथोलॉजी वैध

जिले में दर्जनों पैथोलॉजी लैब संचालित हो रही है। जबकि सिर्फ 6 ही वैध हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नजर इन पर नहीं पड़ रही है। जिले में एडवांस डायग्नोस्टिक सेंटर, समर डायग्नोस्टिक सेंटर, सर्वोदय पैथोलॉजी चंदेरी, जय लक्ष्मी पैथोलॉजी, सम्पूर्ण डायग्नोस्टिक सेंटर एवं दिशा पॉथोलॉजी डायग्नोस्टिक सेंटर ही वैध है।

जल्द ही करेंगे कार्रवाई


डॉ. जे आर त्रिवेदिया, सीएमएचओ अशोकनगर

आपकी आवाज संगठन ने 21 नवंबर को कलेक्टोरेट कार्यालय में की थी शिकायत

लापरवाही से हो चुकी है बच्चे की मौत

जिला अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही से एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक उनके बेटे का ग्रुप एबी पॉजिटिव था उन्होंने रक्तदाता को बुलाकर रक्तदान भी करवा दिया था लेकिन ब्लड बैंक के कर्मचारी ने उनको ब्लड एक्सचेंज करके नहीं दिया। इससे उसकी मौत हो गई। वहीं एक अन्य मामले में गर्भवती महिला का ग्रुप गलत बताने पर उसे ब्लड नहीं चढ़ सका। इससे उसके बच्चे की मौत हो गई थी।



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source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-three-months-after-the-complaint-the-pathology-lab-in-the-district-was-not-investigated-063053-6691325.html

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