सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा है कि सेना हमेशा से लैंगिक समानता की हिमायती रही है। उन्होंने सेना में महिला अफसरों को स्थाई कमीशन दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि इससे आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि हमारा पहला काम इस आदेश का पालन करना है। मैं महिला अधिकारियों समेत भारतीय सेना में शामिल सभी लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि उन्हें देश सेवा और करियर में आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा। नरवणे ने कहा कि हमारी सेना किसी भी सैनिक के साथ धर्म, जाति, पंथ या लैंगिक आधार पर भेदभाव नहीं करती है। इसीलिए हमने 1993 की शुरुआत में महिला अफसरों की भर्ती शुरू की। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी को महिला अफसरों को सेना में स्थाई कमीशन देने का आदेश दिया था। अब कॉम्बैट रोल छोड़कर बाकी क्षेत्रों में महिला अफसरों को स्थाई कमीशन मिलेगा। बराबरी का हक देने की कानूनी लड़ाई 17 साल चली।
पाकिस्तान की बैट के हरकत में आने से पहले ही हमारे जवान उन्हें नाकाम कर देते हैं
जनरल नरवणे ने कहा कि पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर ऐक्शन टीम(बैट) अपनी कायराना हरकतों को अंजाम देने की जब तक सोचती है, तब तक हमारे जवान उसे नाकाम कर देते हैं। उन्होंने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) और बालाकोट (पाक) में मौजूद आतंकी शिविरों पर वायु सेना की एयर स्ट्राइक को एक साल पूरा होने जा रहा है। वहीं इस कार्रवाई के बाद एकबार फिर पीओके में आतंकी कैंप फैल गए हैं, जिनमें 250 से 350 आतंकी रहते हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में कमी आई है।
दावा-एफएटीएफ के कारण आतंकी वारदातों में कमी आई
सेना प्रमुख ने माना कि अंतरराष्ट्रीय संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की बैठक के कारण भी आतंकी गतिविधियों पर असर पड़ा है। इससे सीमा पार से होने वाले आतंक में कमी आई है। चीन को भी महसूस हो चुका है कि वह हमेशा पाक का समर्थन नहीं कर सकता। ऐसे में पाक को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचना होगा।
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source https://www.bhaskar.com/mp/sagar/news/mp-news-army-chief-narwane-said-supreme-court39s-decision-paves-way-for-permanent-commission-for-women-063532-6675187.html
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