Thursday, February 20, 2020

गढ़ा डैम निर्माण शुरू नहीं और कर दिया ~39 कराेड़ का भुगतान, ईई बोले- पहले पाइप लाइन बिछेगी


गढ़ा डैम का निर्माण भले ही शुरू नहीं हुअा है, लेकिन जलसंसाधन विभाग ने ठेका कंपनी मेंटेना कंस्ट्रक्शन कंपनी को 39 करोड़ का भुगतान ईई कार्यालय से कर दिया गया है। वहीं गढ़ा डैम को लेकर किसान दो फाड़ में बंटे हुए हैं। एक धड़ा बैराज बनाने अाैर चार गुना मुआवजा की मांग कर रहा है, ताे दूसरा डैम बनाने काे लेकर अांदाेलन कर रहा है। वहीं डैम निर्माण शुरू हुए बिना ही जलसंसाधन विभाग ने मेंटेना कंपनी को भुगतान कर दिया है। विवाद बढ़ा तो जलसंसाधन विभाग के ईई एके डेहरिया कहने लगे कि यह भुगतान डैम निर्माण के लिए नहीं बल्कि पाइप लाइन डालने के काम के लिए किया गया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है अभी तक ग्राम पंचायताें से अनुमति ली ही नहीं है राशि किस अाधार पर जारी कर दी।

अभी तक जमीन का भूअर्जन ही नहीं हुअा है तो ऐसे में पाइप लाइन बिछाने के लिए भुगतान करना समझ से परे हैं। भविष्य में यह डैम नहीं बनता है तो पाइप लाइन धरी की धरी रह जाएगी और कंपनी चांदी काटकर इसे प्रशासन की चूक बताकर साफ बच जाएगी। खास बात यह है कि इसी मेंटेना कंपनी को शिवपुरी में भी पाइप लाइन बिछाने के नाम पर 900 करोड़ का भुगतान अग्रिम हाे चुका है।

मेंटेना कंपनी काे भुगतान करने की जगह किसानों को संतुष्ट कीजिए : गढ़ा डैम संघर्ष समिति


गढ़ा डैम संघर्ष समिति के यतीन्द्र सोनी ने बताया कि हम बैराज बनाने या चार गुना मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। इधर पाइप लाइन बिछाने के लिए गढ़ा में पाइप आ चुके हैं। मेंटेना कंपनी को भुगतान भी किए जाने की बात पता चली है। किसानों को संतुष्ट करने की जगह मेंटेना को भुगतान किया जा रहा है, इस तरह पहले से पाइप लाइन बिछाना गलत है। गढ़ा में तीन- चार ट्रक पाइप आकर रखवाए जा चुके हैं, जबकि बांध बनाए जाने पर ग्राम सभा का अनुमोदन तक नहीं है। हमने बुधवार को एडीएम साकेत मालवीय से मुलाकात करके गढ़ा डैम के निर्माण को लेकर चल रही प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली है। उन्होंने बताया कि भूअर्जन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। किसकी कितनी जमीन डूबेगी यह अभी तय नहीं है।


156 करोड़ का काम, बिलो रेट पर 153 करोड़ में लिया

गढ़ा डैम का पूरा प्रोजेक्ट 307 करोड़ रुपए का है, लेकिन इसमें निर्माण कार्य 156 करोड़ की लागत से करवाने के लिए टेंडर किए गए थे। हैदराबाद की मेंटेना कंपनी ने बिलो रेट पर 153 करोड़ में यह काम का ठेका लेकर एग्रीमेंट किया है। दरअसल बची हुई लगभग आधी राशि यानी 151 करोड़ रुपए भूअर्जन के लिए रखी गई है।

शिवपुरी में भी इसी कंपनी को किया अग्रिम भुगतान

शिवपुरी में भी ओरा नदी पर डैम बनाया जा रहा है। शिवपुरी के 183 गांवों और दतिया के 40 गांवों की सिंचाई सुविधा बेहतर करने के लिए 2208 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति वाली सिंचाई परियोजना बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट का ठेका भी मेंटेना कंपनी को ही दिया गया है। बांध का काम तो यहां भी शुरू नहीं किया गया, लेकिन मेंटेना कंपनी को 900 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान भी पाइप लाइन बिछाने के एवज में ही किया है।

ईई कार्यालय से ही होते हैं सभी भुगतान

वित्तीय शक्तियों की बात करें तो जिले के किसी भी प्रोजेक्ट के बिलों के भुगतान करने के वित्तीय पावर्स ईई जलसंसाधन के पास होते हैं। यह 39 करोड़ का भुगतान भी ईई जलसंसाधन कार्यालय बैतूल की ओर से ही किया गया है। हालांकि पाइप भी साइट पर आ चुके हैं लेकिन डैम बनने का काम तो अभी शुरू ही नहीं किया।

पाइप लाइन बिछवाएंगे, बाद में बनेगा डैम


एके डेहरिया, ईई, जलसंसाधन विभाग

भविष्य में डैम नहीं बना तो काम नहीं आएगी पाइप लाइन, कंपनी प्रशासन की चूक बताएगी

4 साल में 21 जुलाई 2023 तक पूरा करना है काम

22 जुलाई 2019 को जलसंसाधन विभाग का मेसर्स मेंटेना कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. हैदराबाद तेलंगाना से निर्माण का अनुबंध हो चुका है। चार साल में काम पूरा करना है। इस तरह 21 जुलाई 2023 तक काम पूरा किया जाना है। 307 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति वाले इस प्रोजेक्ट के तहत मेंटेना कंपनी ने 153 करोड़ के काम का ठेका लिया है। बची हुई राशि से शासन भूअर्जन करेगा।

बैतूल। प्रस्तावित डैम स्थल के पास पाइप लाइन डालने के लिए ठेका कंपनी ने मैदान में रखे पाइप।



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Betul News - mp news wrought dam did not start construction and paid 39 crores ee said first pipeline will be laid


source https://www.bhaskar.com/mp/betul/news/mp-news-wrought-dam-did-not-start-construction-and-paid-39-crores-ee-said-first-pipeline-will-be-laid-063605-6675870.html

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