Tuesday, January 7, 2020

मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर में एकत्र होगा सूखा कचरा, लोगों को मिलेगा रोजगार

कचरे से कांच, चमड़ा, कागज, प्लास्टिक को अलग करने के लिए कचरा बीनने वालों को लगाया जाएगा

भास्कर संवाददाता | भिंड

स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों में जुटे नगर पालिका अधिकारी शहर में स्वच्छता और कचरा निस्तारण के लिए तमाम कवायद कर रहे हैं। इसी के तहत अब शहर में एक मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर(एमआरएफसी) का भी निर्माण कराया जाएगा, ताकि सूखे और ठोस कचरे का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। इसके लिए नपा प्रशासन ने न केवल प्लान बनाया है, बल्कि इसके सेंटर के लिए आईटीआई इलाके मे जमीन को चिह्नित करते हुए निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इसके अलावा एमआरएफसी पर सूखे और ठोक कचरे का अलग करने के लिए शहर में कचरा बीनने वाले लोगों को इस काम के लिए लगाया जाएगा। जिसके लिए हर माह नपा प्रशासन की ओर से उनको वेतन मिलेगा।

गौरतलब है कि शासन के निर्देशों के अनुसार सूखा और ठोस कचरा प्रबंधन के तहत शहर में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफसी) का निर्माण किया जाना है। नगर पालिका स्वास्थ्य अधिकारी दीपेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि एमआरएफसी बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा आईटीआई इलाके में 10 हजार स्क्वायर फीट जमीन को चिन्हित किया गया है। साथ ही मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर बनाने के लिए गत दिवस टेंडर भी जारी कर दिया गया है। इस एमआरएफसी में सूखे कूड़े से प्लास्टिक, रबड़, चमड़ा, पॉलीथिन, लोहा, कांच और कागज अलग करने के लिए बनाया जाएगा। इसके साथ ही पॉलीथिन, प्लास्टिक आदि कचरे के निस्तारण के लिए मशीनें भी लगाई जाएंगी। इस संबंध में नपा एचओ दीपेंद्र सिंह सेंगर का कहना है कि शासन के आदेश के तहत मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर बनाया जाएगा। जहां पर कचरा बीनने वाले लोगों को सूखा और ठोस कचरा अगल करने के लिए रोजगार दिया जाएगा। साथ ही उसको बेचा जाएगा। जिससे नगर पालिका को अतिरिक्त आय भी होगी।

अच्छी खबर फैसिलिटी सेंटर के लिए आईटीआई इलाके में 10 हजार स्क्वायर फीट जमीन को चिह्नित

मेला के सामुदायिक भवन में खड़ी नपा की लाेडिंग मैजिक गाड़ियां।

कचरा पहले एमआरएफसी में आएगा

शहर से करीब रोजाना 60 से 65 टन निकलता है जो रछेड़ी में मौजूद ट्रेचिंग ग्राउंड में जाता है। लेकिन मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर बनने के बाद शहर में रोजाना निकलने वाला कचरा सबसे पहले एमआरएफसी पर जाएगा। वहां पर सूखे कूड़े से प्लास्टिक, कांच, चमड़ा, कागज, पॉलीथिन, पॉलीथिन आदि को अलग किया जाएगा, शेष बचा हुआ कचरा ट्रेचिंग ग्राउंड पहुंचाया जाएगा। एचओ सेंगर बताते हैं कि शहर में रोजाना 20 टन के आसपास सूखा और ठोस कचरा निकलता है।

कचरा बीनने वालों को मिलेगा रोजगार

मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर पर सूखे कचरे से प्लास्टिक, कांच, चमड़ा, कागज, प्लास्टिक, पॉलीथिन आदि को अलग करने के लिए नपा शहर की गली-मोहल्लों कचरा बीनने का काम करने वाले लोगों को सेंटर पर नियुक्त करेगी। साथ ही हर माह इन लोगों को वेतन दिया जाएगा। वहीं अलग किए गए सूखे और ठोस कचरे का नगर पालिका द्वारा स्थानीय भंगार वालों को बेचा जाएगा। जिससे नपा को अतिरिक्त आय भी हो सकेगी।

15 नए खरीदे जाएंगे वाहन

शहर के सभी 39 वार्डों में रोजाना नियमित डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए नगर पालिका जल्द 15 नई लोडिंग मैजिक गाड़ी खरीदने जा रही हैं। इसके लिए नपाधिकारियों ने एस्टीमेट तैयार किया है। स्वास्थ्य अधिकारी दीपेंद्र सिंह ने बताया कि शहर में 39 वार्ड हैं। लेकिन डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने के लिए हमारे पास वर्तमान में 24 लोडिंग मैजिक गाड़ी हैं। गाड़ियों की कमी के कारण कई बार डोर टू डोर कचरा लेने के लिए गाड़ी नियमित नहीं पहुंच पाती हैं। इस परेशानी के चलते नपा अब 15 नई लोडिंग मैजिक गाडिय़ां खरीदने जा रही है। एक गाड़ी की कीमत 5.25 लाख के आसपास है। इसके अलावा स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नगर पालिका जल्द शहरभर में एक स्थान पर कचरा एकत्रित करने के लिए नए प्लास्टिक के डस्टबिन रखने जा रही हैं। साथ ही स्वच्छता अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग और बैनर लगाए जाएंगे।



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Bhind News - mp news drought waste will be collected in material recovery facility center people will get employment


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