Wednesday, January 8, 2020

साल का पहला चंद्र ग्रहण कल, यह होगा उप छाया ग्रहण

वर्ष 2020 के पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी शुक्रवार को पड़ रहा है। धार्मिक दृष्टि से भारत में इसका कोई महत्व नहीं होगा। यह उप छाया ग्रहण है, इसलिए यह न तो देश में कहीं दिखेगा और न ही मंदिरों में इसके सूतक आदि को माना जाएगा। पूरे साल में कुल 4 चंद्र ग्रहण व 2 सूर्य ग्रहण पड़ेंगे। इनमें से 5 धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं रखेंगे। सिर्फ 21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण ही मान्य होगा।

बता दें कि जब भी चंद्र पृथ्वी के पीछे आ जाता है तो चन्द्र ग्रहण एवं जब चंद्रमा पृथ्वी व सूर्य के बीच आ जाता है तो सूर्यग्रहण पड़ता है। हिंदू पंचांग के अनुसार अगर पूर्णिमा के दिन ऐसा होता है तो चंद्र ग्रहण तथा अमावस्या के समय होता है तो सूर्य ग्रहण माना जाता है। पंडित सतानंद पाडे के अनुसार चंद्र ग्रहण तीन वर्गों में होता है। पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण। यानि चन्द्रमा की काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण, जब आंशिक रूप से काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। तीसरा उप छाया चन्द्र ग्रहण इसमें चंद्रमा पूरी तरह से छिपता नहीं, न ही उसकी काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। 10 जून को पड़ने वाला चन्द्र ग्रहण उप छाया चंद्र ग्रहण है। इसलिए इसका धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं है। इसका यम नियम सूतक मान्य नहीं है। यह ग्रहण रात्रि 10.37 मिनट से शुरू होगा तथा रात्रि 2.42 मिनट तक रहेगा।

ज्योतिष ज्ञान वर्ष 2020 में कुल 4 चंद्र और 2 सूर्य ग्रहण पड़ेंगे, इनमें से 5 को देश में नहीं माना जाएगा

10 जनवरी- शुक्रवार को पड़ने वाले इस ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं है। इसका कोई भी यम, नियम लागू नहीं होगा।

भास्कर संवाददाता | छतरपुर

वर्ष 2020 के पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी शुक्रवार को पड़ रहा है। धार्मिक दृष्टि से भारत में इसका कोई महत्व नहीं होगा। यह उप छाया ग्रहण है, इसलिए यह न तो देश में कहीं दिखेगा और न ही मंदिरों में इसके सूतक आदि को माना जाएगा। पूरे साल में कुल 4 चंद्र ग्रहण व 2 सूर्य ग्रहण पड़ेंगे। इनमें से 5 धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं रखेंगे। सिर्फ 21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण ही मान्य होगा।

बता दें कि जब भी चंद्र पृथ्वी के पीछे आ जाता है तो चन्द्र ग्रहण एवं जब चंद्रमा पृथ्वी व सूर्य के बीच आ जाता है तो सूर्यग्रहण पड़ता है। हिंदू पंचांग के अनुसार अगर पूर्णिमा के दिन ऐसा होता है तो चंद्र ग्रहण तथा अमावस्या के समय होता है तो सूर्य ग्रहण माना जाता है। पंडित सतानंद पाडे के अनुसार चंद्र ग्रहण तीन वर्गों में होता है। पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण। यानि चन्द्रमा की काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण, जब आंशिक रूप से काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। तीसरा उप छाया चन्द्र ग्रहण इसमें चंद्रमा पूरी तरह से छिपता नहीं, न ही उसकी काली छाया पृथ्वी पर गिरती है। 10 जून को पड़ने वाला चन्द्र ग्रहण उप छाया चंद्र ग्रहण है। इसलिए इसका धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं है। इसका यम नियम सूतक मान्य नहीं है। यह ग्रहण रात्रि 10.37 मिनट से शुरू होगा तथा रात्रि 2.42 मिनट तक रहेगा।

2020 में कब-कब पड़ेंगे चंद्र और सूर्य ग्रहण, 21 जून का ग्रहण होगा मान्य

5 जून- शुक्रवार को भी चंद्र ग्रहण पड़ेगा। लेकिन इसका भी धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं होगा।

5 जुलाई- रविवार को भी चंद्र ग्रहण होगा। लेकिन इसका का भी धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं होगा।

30 नवंबर- सोमवार को भी चंद्र ग्रहण होगा। देश में धार्मिक दृष्टि से इसका कोई महत्व नहीं होगा।

14 दिसंबर- सोमवार को सूर्य ग्रहण पड़ेगा। देश में धार्मिक दृष्टि से इसका भी कोई महत्व नहीं होगा।

21 जून- रविवार को सूर्य ग्रहण पड़ेगा। यह ग्रहण देश में मान्य होगा। यह ग्रहण मृगशिरा व आर्द्रा नक्षत्र तथा मिथुन राशि में पड़ेगा। इसका वेद(सूतक) 20 जून को रात्रि 10.10 बजे से मान्य होगा। इसका स्पर्श 21 जून को सुबह 10.10 बजे होगा। मध्य 11.48 मिनट के बाद दोपहर 1.37 मिनट पर इसका मोक्ष होगा। यह सूर्य ग्रहण लगभग 3.30 घंटे का होगा। धार्मिक दृष्टि के इसके यम नियम सभी मान्य होगे। इस दौरान किया गया पूजा, जप तप विशेष फलदायी होगा।



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Chhatarpur News - mp news first lunar eclipse of the year tomorrow it will be sub shadow eclipse


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