आगरा की रुचि चतुर्वेदी ने सुनाया- लाल महावर लगे इन मेरे पैरों की चिंता मत करना, सीमा पर जागे रहना गांव की चिंता मत करना...।
जबलुपर के संदीप भोला- जहर और अमृत का अंतर हर इंसान समझता है, कौन नाग है और कौन नागरिक हर इंसान समझता है...
सम्पत सरल- मोदी जी का अजीब अर्थशास्त्र है, संन्यासी व्यापार कर रहे हंै और व्यापारी संन्यास की सोच रहे हंै...
कवि पवन जैन ने सुनाई वीर रस की रचना- हम मानव हैं हमको मां की चीख सुनाई दे, फूलों पत्तों में जीवन का रूप दिखाई दे...,
हास्य कवि अरुण जैमिनी ने पढ़ा- कबूतर बोला आदिकालीन युग के देवदास से, इस युग में भी चिट्ठी से आस, अब तो मैं अपनी कबूतरी को वॉट्सअप करता हूं...
नवाज देवंदी- हिंदु मुस्लिम चाहे जो लिखवा लो माथे पर मगर, आप के सीने में हिंदुस्तान होना चाहिए...।
भोपाल उत्सव मेले में कवि सम्मेलन
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-who-is-the-snake-and-who-every-citizen-understands-065033-6426067.html
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