इन दिनों जिला अस्पताल प्रबंधन के सामने कुछ चाय, नाश्ता गुमटी सहित कपड़े की लगाने वाले लोग मुसीबत बने हुए हैं। जब से कलेक्टर मोहित बुंदस ने नए अस्पताल भवन के सामने के परिसर में डाक विभाग के पुराने भवन को हटवाया है, तब के कुछ चाय, नाश्ता के दुकानें बिना अनुमति के संचालित कर रहे हैं। इसी प्रकार छत्रसाल चौराहा वाले गेट पर एक दुकानदार बाइक में अपनी कपड़े की दुकान बनाकर संचालित कर रहा है। यहां के सिविल सर्जन और आरएमओ ने इन दुकानदारों को कई बाद दुकानें हटाने के लिए कहा, पर यह मानने को तैयार नहीं है। यदि कोई अस्पताल का कर्मचारी इनसे जबरदस्ती करता है तो यह झगड़ा करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
सिविल सर्जन डॉ आरएस त्रिपाठी ने बताया कि इन चाय और नाश्ता दुकानदारों को कई बार दुकानें यहां न लगाने के लिए कह चुके हैं, पर यह लोग मानते ही नहीं। लगातार करने के बाद भी जब यह नहीं माने तो इस सप्ताह गार्डों को भेजा गया। जैसे ही अस्पताल के गार्डों ने इस दुकानदारों से दुकानें हटाने के लिए कहा यह विवाद करने के साथ झगड़ा करने को तैयार हो गए। शनिवार को जिला प्रशासान, नगर पालिका और पुलिस को पत्र लिखते हुए शक्ति पूर्वक अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा है।
पूरे परिसर में फैलाते हैं कचरा
महल रोड वाले दोनों गेट के बीच में करीब तीन-चार दुकानदार अपनी चाय और नाश्ता की दुकानें सज गई हैं। इससे गंदगी फैल रही है। कचरा परिसर में ही पड़े रहने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी का कारण बन रहा है। यदि जल्द ही इन दुकानदारों को परिसर से नहीं हटाया गया तो आने वाले दिनों में परिसर के अंदर ही इन दुकानदारों का कॉम्प्लेक्स बन जाएगा।
भास्कर संवाददाता | छतरपुर
जब से जिला अस्पताल नए भवन में शिफ्ट हुआ है, तब से कुछ दुकानदार अनाधिकृत रूप से परिसर में दुकानें सजाने लगे हैं। कई बार इन दुकानदारों को दुकान लगाने से प्रबंधन ने मना किया, पर यह मानने को तैयार नहीं हैं। यदि अस्पताल का कोई कर्मचारी इन लोगों को जबरन दुकान हटाने की बात करता है तो विवाद करने के लिए तैयार हो जाते हैं। इससे परेशान सिविल सर्जन ने शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस को पत्र लिखते हुए परिसर का अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
इन दिनों जिला अस्पताल प्रबंधन के सामने कुछ चाय, नाश्ता गुमटी सहित कपड़े की लगाने वाले लोग मुसीबत बने हुए हैं। जब से कलेक्टर मोहित बुंदस ने नए अस्पताल भवन के सामने के परिसर में डाक विभाग के पुराने भवन को हटवाया है, तब के कुछ चाय, नाश्ता के दुकानें बिना अनुमति के संचालित कर रहे हैं। इसी प्रकार छत्रसाल चौराहा वाले गेट पर एक दुकानदार बाइक में अपनी कपड़े की दुकान बनाकर संचालित कर रहा है। यहां के सिविल सर्जन और आरएमओ ने इन दुकानदारों को कई बाद दुकानें हटाने के लिए कहा, पर यह मानने को तैयार नहीं है। यदि कोई अस्पताल का कर्मचारी इनसे जबरदस्ती करता है तो यह झगड़ा करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
सिविल सर्जन डॉ आरएस त्रिपाठी ने बताया कि इन चाय और नाश्ता दुकानदारों को कई बार दुकानें यहां न लगाने के लिए कह चुके हैं, पर यह लोग मानते ही नहीं। लगातार करने के बाद भी जब यह नहीं माने तो इस सप्ताह गार्डों को भेजा गया। जैसे ही अस्पताल के गार्डों ने इस दुकानदारों से दुकानें हटाने के लिए कहा यह विवाद करने के साथ झगड़ा करने को तैयार हो गए। शनिवार को जिला प्रशासान, नगर पालिका और पुलिस को पत्र लिखते हुए शक्ति पूर्वक अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा है।
चाय गुमटी बनी शराबियों का अड्डा
महल रोड वाले गेट पर कुछ दिव्यांग चाय गुमटी की दुकान पिछले कई सालों से संचालित कर रहे हैं। यह दुव्यांग अस्पताल प्रबंधन को गुमटी संचालित करने के लिए पूर्व कलेक्टर का आदेश होने की बात बताते हैं। पिछले कई महीनों से यहां पर शराबखोरी की शिकायतें आ रही हैं। आसपास के कई आवारा लोग भी शराब पीने का अड्डा बनाए हुए हैं। इससे अस्पताल के डाॅक्टर और कर्मचारी परेशान हैं।
छतरपुर। अस्पताल परिसर में लगी कपड़ाें की दुकान।
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source https://www.bhaskar.com/mp/chhatarpur/news/mp-news-shops-started-in-district-hospital-premises-management-failed-to-remove-encroachments-070046-6382123.html
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