मनोज जोशी . भोपाल | मास्टर प्लान-2031 का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। इसमें मेट्रो रूट के दोनों ओर 500-500 मीटर तक टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) के तहत एफएआर जनरेटिंग व रिसीविंग दो जोन बनाने का प्रस्ताव है। यानी मेट्रो रूट के लिए जो जमीन अधिगृहित की जाएगी, उस पर मुआवजे के रूप में अतिरिक्त एफएआर के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। एफएआर का सर्टिफिकेट शेयर की तरह बेच व खरीद सकेंगे। इस एरिया में घर, स्कूल, बाजार, दफ्तर सब कुछ वॉकिंग डिस्टेंस पर रखने के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) भी लागू किया जा रहा है।
इसके लिए एफएआर को बढ़ाने की तैयारी है। अभी भोपाल में अधिकतम एफएआर 2.5 है, जो मास्टर प्लान में 4 से 5 तक बढ़ाया जा सकता है। मास्टर प्लान में अभी टीओडी, टीडीआर, मिक्स लैंडयूज, प्रीमियम एफएआर जैसे नए विषयों पर नीतिगत निर्णय होना हैं। इसी के तहत नए मास्टर प्लान में अधिग्रहित होने वाली जमीन व एफएआर का अनुपात भी तय होना है। लेकिन मास्टर प्लान में टीओडी के शामिल होते ही स्मार्ट सिटी के एबीडी एरिया में एफएआर बढ़ना तय है।
इन 30 स्थानों पर होगा फायदा
करोंद चौराहा, कृषि उपज मंडी, डीआईजी बंगला, सिंधी कॉलोनी, नादरा बस स्टैंड, भारत टॉकीज, पुल बोगदा, ऐशबाग स्टेडियम के पास, सुभाष नगर अंडरब्रिज के पास, मैदा मिल, सेंट्रल स्कूल, एमपी नगर, सरगम टॉकीज, हबीबगंज स्टेशन, अलकापुरी, एम्स, भदभद चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रंगमहल टॉकीज, रोशनपुरा चौक, मिंटो हॉल, लिली टॉकीज, जिंसी, पुल बोगदा, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, इंद्रपुरी, पिपलानी, रत्नागिरि चौराहा।
फायदा : एफएआर में स्कूल, अस्पताल, घर भी बना सकेंगे
- अभी आपका प्लॉट 1000 वर्गफीट है तो 2500 वर्गफीट तक निर्माण कर सकते हैं।
- यदि एफएआर 4 हुआ तो 1000 वर्गफीट प्लॉट पर 4000 वर्गफीट निर्माण कर सकेंगे।
- टीडीआर पॉलिसी में प्रावधान है कि 50% एफएआर सरकार से खरीदना होगा।
- यानी मेट्रो रूट पर किसी जमीन पर आपको 10 हजार वर्गफीट निर्माण की अनुमति है। वहां आप 25 हजार वर्गफीट निर्माण करना चाहते हैं तो शेष 15 हजार वर्गफीट का 50 प्रतिशत यानी 7500 वर्गफीट सरकार से लेना होगी।
- उसके बाद शेष 7500 वर्गफीट निजी व्यक्ति से खरीदने की अनुमति मिलेगी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/additional-far-for-construction-on-500-meters-on-both-sides-of-the-metro-route-as-compensation-126434567.html
No comments:
Post a Comment