Thursday, January 9, 2020

2882 महिलाओं और सिर्फ 3 पुरुषों ने कराई नसबंदी

जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रम व योजनाओं के बाद भी महिलाओं की तुलना में पुरुष नसबंदी के आंकड़े शर्मनाक हैं। सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी न के बराबर है। जिले में जहां 2882 महिलाएं नसबंदी करवा चुकी हैं वहीं सिर्फ 3 पुरुषों ने नसबंदी कराई है। पुरुष नसबंदी में पिछड़ने का मुख्य कारण कमजोरी आने और वैवाहिक जीवन प्रभावित होने जैसे मिथक हैं। इस बार महिला व पुरुष नसबंदी का लक्ष्य 5 हजार 823 का रखा है।

ऑपरेशन कराएं नहीं तो रुकेगी वेतन वृद्धि : पुरुष नसबंदी अब स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए सिरदर्द बन गया है। सीएमएचओ ने लक्ष्य पूर्ति के लिए 5-5 ऑपरेशन कराए जाने का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को दिया। इसके लिए उन्हें नोटिस भी जारी किए गए। अगर लक्ष्य पूर्ति नहीं होती है तो वेतन वृद्धि रोकी जाएगी।

नसबंदी के लिए प्रेरित करने पर भी राशि

पुरुष नसबंदी को लेकर राज्य सरकार इतनी चिंतित है कि नसबंदी के लिए प्रेरित करने के लिए प्रेरक को भी राशि दी जाती है। जिससे अधिक से अधिक लोग पुरुषों को नसबंदी के लिए प्रेरित करें, लेकिन जिस तरह के आंकड़े जिले में देखने को मिल रहे हैं उससे लगता है कि पुरुष नसबंदी को लेकर भ्रांतियां फैली हुई हैं।

नसबंदी कराने पर मिलता है प्रोत्साहन

राज्य शासन ने पुरुषों के लिए 3 हजार रुपए और महिलाओं के लिए 2 हजार रुपए नसबंदी ऑपरेशन पर देना स्वीकृत किए हैं। इस योजना के तहत पहले पुरुष नसबंदी कराने वाले पुरुष को 2 हजार रुपए ही मिलते थे लेकिन अब 1 हजार रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। इसी तरह महिला नसबंदी पर 1400 रुपए देने का प्रावधान था जिसमें 2 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान जोड़ा गया है।

नसबंदी फेल हुई तो मुआवजा

पुरुष नसबंदी करवाने पर प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। विशेष शिविर के दौरान नसबंदी करवाने पर उपहार दिया जाता है। पुरुष या महिला की नसबंदी फेल होने पर 30 हजार रुपए मुआवजे की व्यवस्था है। ऑपरेशन के दौरान मौत होने पर 2 लाख रुपए देने का भी प्रावधान है।

2882 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। जबकि सिर्फ 3 पुरुषों ने परिवार नियोजन के लिए नसबंदी कराई। लक्ष्य के लिए कार्यकर्ताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं और 5-5 नसबंदी करवाने का लक्ष्य भी दिया है। लक्ष्य पूर्ति न होने पर वेतन वृद्धि रोकी जाएगी। पुरुष नसबंदी न कराने के पीछे मिथक है। परिवार नियोजन के लिए पुरुषों को जागरूक होना पड़ेगा। डाॅ.जेआर त्रिवेदिया, सीएमएचओ अशोकनगर।



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source https://www.bhaskar.com/mp/ashoknagar/news/mp-news-2882-women-and-only-3-men-underwent-sterilization-063025-6358624.html

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