Saturday, January 25, 2020

लोहे के दाम बढ़े ताे 112 साल पुराने करबला पुल का दोबारा भेजना पड़ा प्रपाेजल, पिलर में कटाव


करबला के माचना नदी पर स्थित खतरनाक हो चुके 112 साल पुराने जर्जर पुल की जगह नया पुल बनाने का काम लोहे के दाम बढ़ने के कारण अटक गया है। दाम बढ़ने के कारण पूरे प्रोजेक्ट में संशोधन की स्थिति बनने से काम अटका है। इस कारण वाहन चालकों पर फिर खतरा मंडरा रहा है। वहीं नीचे कटाव होने से पुल की स्थिति खतरनाक हो रही है।

ब्रिज कार्पोरेशन ने नए सिरे से 2.89 करोड़ की लागत का प्रस्ताव बनाकर दोबारा इस ब्रिज को बनाने की तकनीकी स्वीकृति मांगी है। मंजूरी मिलने पर ही अब यह पुल बन सकेगा। इस कारण वाहन चालकों पर अब लंबे समय तक खतरा मंडराता रहेगा। नए सिरे से पूरी कार्रवाई होने के कारण खतरे भरा सफर उन्हें इस पुल से तय करना होगा। ये हालात तब हैं जब इस पुल से भारी वाहनों का निकलना जारी है। वहीं इसके निचले हिस्से में पिलरर्स के पास कटाव हो गया है।

1908 में बनाया गया था ब्रिज, 112 साल पुराना हुआ

करबला का यह ब्रिज 1908 में बनाया था। इस तरह यह ब्रिज 112 साल पुराना है। आमतौर पर एक पुल की औसत आयु 80 साल होती है लेकिन यह ब्रिज 112 साल पुराना हो चुका है। इस कारण इसे तोड़ना जरूरी है।

लोहे के रेट बढ़ने के कारण दोबारा भेजना पड़ा प्रपोजल

करबला के ब्रिज की जगह नया मजबूत और ऊंचा ब्रिज बगल में बनाया जाना है। पूर्व में भी हमने नए पुल के निर्माण के लिए प्रपोजल भेजा था। लेकिन लोहे के रेट बढ़ गए इस कारण अब हाल ही में दोबारा 2.89 करोड़ का प्रपोजल टेक्नीकल स्वीकृति के लिए भेजा है। जल्द ही इसे मंजूरी मिल सकती है।
आत्माराम मोरे, एसडीओ, ब्रिज कार्पोरेशन

4800 रुपए से बढ़ाकर 6600 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बनाया प्रपोजल

ब्रिज से वाहनों के गिरने की होती रही हैं घटनाएं

यह ब्रिज केवल 18 फीट ऊंचा है। इस पर रेलिंग भी नहीं है। इस कारण ब्रिज से वाहनों के गिरने की घटनाएं होती रहती है। पिछले 5 साल में तीन बाइक इस ब्रिज से नीचे गिर चुकी हैं। 2 लोगों की मौत हो चुकी है। एक जीप के ब्रिज से गिरने की घटना भी हो चुकी है हालांकि इसमें किसी की जान नहीं गई थी। एक बाइक सवार तो बेहद कम ऊंचे इस पुल के ऊपर से पानी का बहाव होने के कारण बाइक समेत बह गया था और उसकी जान चली गई थी।

1 साल पहले पिलर में सीमेंट- कांक्रीट से कराया था भराव, फिर हुआ कटाव

माचना के पानी से करबला ब्रिज के पिलर के नीचे लगातार कटाव हो रहा है। यह ब्रिज चट्टानों पर पिलर खड़े करके बनाया गया है। चट्टानों में माचना के लगातार पानी के बहाव के कारण कटाव हाे रहा है। इससे ब्रिज की नींव कमजोर हो रही है। एक साल पहले भी इस ब्रिज के नीचे लगातार कटाव हो गया था इस कारण ब्रिज कार्पोरेश को यहां सीमेंट- कांक्रीट का भराव कराना पड़ा था।

पहले एनएच के पास था यह ब्रिज, ब्रिज कार्पोरेशन को हुआ हैंडओवर

यह ब्रिज पहले एनएच 59 ए का हिस्सा था। लेकिन बाद में यह ब्रिज कार्पोरेशन को हैंडओवर कर दिया था। इसके बाद से ही यह ब्रिज कार्पोरेशन के पास है। ब्रिज कार्पोरेशन ने एक साल पहले 2.5 करोड़ के ब्रिज के निर्माण का प्रपोजल भेजा था। तकनीकी स्वीकृति मिलती इसके पहले ही लोहे के दाम बढ़ गए और अब दोबारा नए सिरे से 2.89 करोड़ का प्रपोजल भेजा है।

बैतूल। माचना नदी पर करबला घाट के पास बना 112 साल पुराना खस्ताहाल पुल।



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Betul News - mp news prices of iron increased 112 year old karbala bridge had to be repatriated proposal erosion in pillar


source https://www.bhaskar.com/mp/betul/news/mp-news-prices-of-iron-increased-112-year-old-karbala-bridge-had-to-be-repatriated-proposal-erosion-in-pillar-063620-6480977.html

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