Saturday, January 4, 2020

साधना, स्वाध्याय, और शिक्षा से ला रहे हैं सामाजिक जागरूकता

एक साल में धार व आसपास के क्षेत्र के 200 से अधिक युवा और अन्य वर्ग के लोगों ने गायत्री परिवार से जुड़कर नशा छोड़ने का संकल्प लिया। साथ ही कुरीति उन्मूलन, स्वावलंबन जैसी बातों को आत्मसात कर आगे बढ़ने के लिए कदम बढ़ाए हैं। शनिवार को गायत्री शक्तिपीठ का पुनर्गठन किया गया। इसमें करीब 100 लोगों ने भाग लिया।

गायत्री शक्तिपीठ उपजोन इंदौर के सहसमन्वयक जगदीशचंद्र कुलमी ने बताया कि साधना, स्वाध्याय, स्वावलंबन और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक जागरूकता ला रहे हैं ताकि समाज उन्नति करें और युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभा सकें।

धार के गायत्री शक्तिपीठ से यहां के करीब दो हजार से अधिक लोग जुड़े हैं। एक वर्ष में यहां 700 नए लोगों को जोड़ा गया है। इसमें युवक-युवतियों के अलावा अन्य आयु वर्ग के लोग भी शामिल हैं। पीठ के पुनर्गठन के अलावा चार समितियों का भी गठन किया है। इन समितियों को सामाजिक सुधार के दायित्व सौंपे गए हैं। प्रत्येक समिति में पदाधिकारियों के अलावा दो-दो सदस्य भी हैं, जो घर-घर जाकर शिक्षा, संस्कार और आध्यात्म की जानकारी देते हैं और समाज में जागरूकता लाने का कार्य कर रहे हैं।

समाज सुधार के लिए हो रहे हैं ये अनूठे आंदोलन, साधना आंदोलन प्रमुख है

समाज सुधार के लिए गायत्री परिवार की ओर से अनूठे आंदोलन प्रारंभ किए गए हैं। इसमें साधना आंदोलन प्रमुख है। इस आंदोलन में गायत्री परिवार के सदस्य घर-घर पहुंचते हैं और लोगों को जीवन सुधार कर सुमार्ग पर चलने का संदेश दे रहे हैं। स्वाध्याय आंदोलन के माध्यम से लोगों को गायत्री परिवार का साहित्य पढ़ने के लिए दिया जा रहा है ताकि लोगों की जीवन शैली में बदलाव आए। सहसमन्यवक कुलमी ने बताया आचार्य रामचंद्र शर्मा ने 3400 पुस्तकें लिखी हैं। इसमें नारी जागरण एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। इसके माध्यम से नारीशक्ति को भी आगे लाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा आंदोलन में लोगों को समझाया जा रहा है कि शिक्षा सभी के लिए हैं, सभी शिक्षित रहें। पर्यावरण वृक्ष गंगा अभियान पेड़ों को न काटने और प्रदूषण को दूर करने को लेकर जागरुकता का प्रयास किया जा रहा है। नशामुक्ति, कुरीति उन्मूलन, स्वच्छता को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है।

गायत्री शक्तिपीठ के पुनर्गठन की प्रक्रिया करते हुए पदाधिकारी।

रमेशचंद्र सचान बने मुख्य ट्रस्टी : गायत्री शक्तिपीठ के गठन की प्रक्रिया शनिवार दोपहर 2 बजे से प्रारंभ की, जो शाम 4 बजे तक चली। इसमें रमेशचंद्र सचान को सर्वसम्मति से पुन: मुख्य ट्रस्टी चुना। राधेश्याम विश्वकर्मा सह मुख्य ट्रस्टी और नौ ट्रस्टी चुने। तहसील स्तरीय समिति का भी पुनर्गठन किया गया। इसमें नारायण पाटीदार लबरावदा को तहसील समन्वयक बनाया है। समिति का कार्यकाल तीन साल का होगा। चार समितियां देवालय, वित्त एवं विधि, संगठन, आंदोलन प्रबंधन समिति होती है। कार्यकारिणी गठित की है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Dhar News - mp news cultivation self education and education are bringing social awareness


source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-cultivation-self-education-and-education-are-bringing-social-awareness-072021-6316857.html

No comments:

Post a Comment