Wednesday, January 15, 2020

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साल से महिला डॉक्टर नहीं, मरीज परेशान

शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को बुरहानपुर किया जा रहा रैफर

शिशु और हड्‌डी रोग विशेषज्ञ भी नहीं होने से नहीं मिल पा रहा इलाज

भास्कर संवाददाता | नेपानगर

शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साल से महिला डॉक्टर नहीं है। पिछले साल फरवरी में यहां पदस्थ डॉ. माधुरी खरे के सेवानिवृत्त होने के बाद से अब तक स्वास्थ्य विभाग ने अन्य महिला डॉक्टर की पदस्थापना यहां नहीं की है। इस कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्र से इलाज के लिए यहां आने वाली महिलाएं और उनके परिजन परेशान हो रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिर्फ सामान्य प्रसव ही कराया जाता है।

यह काम भी यहां पदस्थ नर्सें ही करातीं हैं। वहीं महिलाएं पुरुष डॉक्टर को अपनी बीमारी बताने में संकोच करती हैं। ऐसे में उन्हें सीधे बुरहानपुर भेज दिया जाता है। इसी तरह अस्पताल में शिशु और हड्डी रोग विशेषज्ञ भी नहीं होने से बच्चों और दुर्घटना में घायल लोगांे को इलाज नहीं मिल पा रहा है। घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद रैफर कर दिया जाता है। लोगों का कहना है स्वास्थ्य विभाग में तरह-तरह के अभियान चलाकर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन मूलभूत सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले जिले में ही डॉक्टर्स की कमी है लेकिन इस समस्या को दूर करने को लेकर अफसर और जनप्रतिनिधि कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। जबकि इसको लेकर नागरिकों द्वारा समय-समय पर मांग उठाई जाती रही है। बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नेपानगर की आबादी करीब 25 हजार है। इसके अलावा आसपास के गांवों से भी करीब 1 लाख से अधिक की आबादी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी है लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।

हर महीने होते हैं 50-60 प्रसव, नर्स पर जिम्मेदारी : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने करीब 50-60 प्रसव होते हैं। यह जिम्मेदारी स्टाफ नर्स की है लेकिन यहां सिर्फ सामान्य प्रसव ही कराए जा सकते हैं। मामला जटिल होने पर गर्भवती को बुरहानपुर रैफर किया जा रहा है। यह सारी परेशानी महिला डॉक्टर नहीं होने के कारण हो रही है। महिला को रैफर किए जाने पर सबसे अधिक परेशानी गरीब परिवारों को हो रही है। उन्हें एंबुलेंस नहीं मिलने पर किराए के वाहन से महिला को बुरहानपुर ले जाना पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना पांच से छह एमएलसी भी होती हैं। यहां एक्स-रे और सोनोग्राफी मशीन नहीं है। पहले यहां पांच से छह डॉक्टर हुआ करते थे, लेकिन अब एक साल से यहां अकेले डॉ. महेश वर्मा ही हैं। करीब एक महीने पहले ही जिला अस्पताल से डॉ. अंबर जोशी की पदस्थापना यहां की गई है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर की आवश्यकता है। इसके अलावा हड्‌डी और शिशु रोग विशेषज्ञ भी नहीं हैं। एक साल से यहां परेशानी हो रही है। डॉ. महेश वर्मा, मेडिकल आॅफिसर नेपानगर

विधायक ने दी थी अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति

विधायक सुमित्रा कास्डेकर ने पिछले दिनों अस्पताल के लिए एक अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति दी थी लेकिन इसको लेकर आज तक कुछ नहीं हुआ है। यहां लैब टेक्नीशियन भी नहीं है। लोक निर्माण विभाग द्वारा शासन को भेजा गया 1.27 करोड़ का प्रस्ताव भी अटका हुआ है। इस राशि से तहसील कार्यालय के सामने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनना है। कहने को तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बिस्तरों का है लेकिन यहां एक भी वार्ड नहीं है। डॉक्टर टीन शेड में मरीजों का इलाज करते हैं।



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source https://www.bhaskar.com/mp/burhanpur/news/mp-news-no-female-doctors-in-the-community-health-center-patient-upset-070055-6405643.html

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