भाजपा नए एजेंडा की तलाश में है। सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण का रास्ता खोलकर भाजपा को उसके सबसे प्रमुख मुद्दे से वंचित कर दिया है। नागरिकता कानून ने व्यापक पैमाने पर चिंता पैदा की है। विदेशी घुसपैठियों की खोज के लिए नागरिकता रजिस्टर बनाने की योजना से सभी एक अरब 30 करोड़ भारतीय प्रभावित होंगे। यह प्रक्रिया वर्षों चल सकती है। बार-बार भावनाएं भड़काएगी। नागरिकता सूची को चुनौती दी जाएगी। उसमें संशोधन होंगे। रजिस्टर बनाने की प्रक्रिया और लोगों के उससे बाहर रहने के परिणामों पर अनिश्चय है। वैसे, मोदी ने दावा किया है कि इसे लेकर गलतफहमी है।
इस बीच नागरिकता कानून को लेकर चल रहे शोर से धारणा मजबूत होगी कि हिंदुओं को संदिग्ध ताकतों से खतरा है और केवल भाजपा में ही इससे मुकाबले का साहस है। इससे भारत का विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में कायम रहने का आइडिया खतरे में है। नागरिकता विवाद एक लंबी कड़ी का हिस्सा है। इसमें गो हत्या के नाम पर मुसलमानों की हत्या और कश्मीर घाटी के लोगों को सामूहिक दंड भी शामिल है।
आजादी के बाद भारत ने इन भविष्यवाणियों को गलत ठहराया है कि उसका लोकतंत्र भाषा, जाति और धर्म के खांचों में बंटकर ढह जाएगा। कई मामलों में गलतियां करने वाली धर्मनिरपेक्ष और निष्पक्ष सरकार ऐसे सभी समूहों की हिफाजत कर सकती है। जानबूझकर किसी एक वर्ग को लगातार प्रताड़ित करने से राजनीतिक सिस्टम खतरे में पड़ जाएगा। मोदी सोचते होंगे कि वे सांप्रदायिक तनाव को नियंत्रित कर सकते हैं। लेकिन, प्रधानमंत्री ने कट्टरपंथियों की भावनाओं को जगा दिया है। मोदी मामले को बहुत दूर तक नहीं ले जाना चाहते होंगे क्योंकि उन्हें देश का शासन चलाना है। लेकिन कट्टरपंथियों के साथ ऐसी कोई विवशता नहीं है।
© 2019 The Economist Newspaper
Limited. All rights reserved.
भाजपा के लिए चुनावी फायदेे का घटनाक्रम भारत के लिए राजनीतिक जहर साबित हुआ है। संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों को नुकसान पहुंचाने के साथ सरकार के नए कदम से भारत के लोकतंत्र को क्षति पहुंचने का खतरा है। इससे रक्तपात का अंदेशा भी है। दुखद सत्य है कि धर्म और राष्ट्रीय पहचान को लेकर समाज के विभाजन से मोदी और भाजपा को राजनीतिक फायदा होने की संभावना है। ऐसे विषय पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके सहयोगियों में जोश भरते हैं। वे अर्थव्यवस्था जैसे अप्रिय विषय से भी ध्यान हटाते हैं। लगता है, भाजपा का गुणाभाग है कि भारतीय वोटरों का एक हिस्सा उसके इस उकसावे का समर्थन करता है कि मुसलमान खतरनाक हैं, वे हमेशा हिंदुओं को नीचा दिखाने की साजिश रचते हैं, देश को पाकिस्तान के हाथों बेच देना चाहते हैं।
भाजपा नए एजेंडा की तलाश में है। सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण का रास्ता खोलकर भाजपा को उसके सबसे प्रमुख मुद्दे से वंचित कर दिया है। नागरिकता कानून ने व्यापक पैमाने पर चिंता पैदा की है। विदेशी घुसपैठियों की खोज के लिए नागरिकता रजिस्टर बनाने की योजना से सभी एक अरब 30 करोड़ भारतीय प्रभावित होंगे। यह प्रक्रिया वर्षों चल सकती है। बार-बार भावनाएं भड़काएगी। नागरिकता सूची को चुनौती दी जाएगी। उसमें संशोधन होंगे। रजिस्टर बनाने की प्रक्रिया और लोगों के उससे बाहर रहने के परिणामों पर अनिश्चय है। वैसे, मोदी ने दावा किया है कि इसे लेकर गलतफहमी है।
 ऐसे विषय कार्यकर्ताओं में जोश भरते हैं और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाते हैं
पिछले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन कानून ने लोगों के मन में कई आशंकाओं को जन्म दिया है। नागरिकता कानून के साथ सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी घुसपैठियों का पता लगाने के लिए अखिल भारतीय रजिस्टर (एनआरसी) बनाना चाहती है। ये दोनों प्रावधान तकनीकी तौर पर तो सामान्य लगते हैं। लेकिन, देश के बीस करोड़ मुसलमानों को अंदेशा है कि उनकी नागरिकता छिन सकती है।
प्रतिक्रिया को देखते हुए लोग सोच सकते हैं कि भाजपा की योजना गलत अनुमानों पर आधारित है। कानून का व्यापक विरोध हो रहा है। छात्र, धर्मनिरपेक्षता समर्थक और मीडिया के बड़े हिस्से ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। लगता है, मोदी भारत को सहिष्णु, बहुधर्मी देश से अंध राष्ट्रवादी हिंदू राष्ट्र बनाने पर दृढ़निश्चय हैं। दरअसल, यह लंबे समय से चल रहे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का हिस्सा है। भाजपा ने राममंदिर आंदोलन से सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख जगह बनाई थी। 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद हुए भयावह दंगों ने पार्टी को ऊंचाई पर पहुंचने में मदद की है। गुजरात दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदू राष्ट्रवादियों के हीरो बनकर उभरे थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/dhar/news/mp-news-the-economist-wrote-that-citizenship-law-is-part-of-the-project-to-make-india-a-hindu-nation-071032-6473022.html
No comments:
Post a Comment