इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) भोपाल सेंटर के सर्कल सीरिज के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में करीम ने कहा- आर्किटेक्चर और डिजाइन में अब सबसे ज्यादा फोकस सस्टेनेबल मैटेरियल पर है, जैसे बैम्बू और कार्डबोर्ड। एनर्जी कंजर्वेशन को ध्यान में रखकर डिजाइन बन रहे हैं। लेकिन आप आर्किटेक्टचर फील्ड की तुलना मैकेनिकल फील्ड से करेंगे तो पाएंगे कि, मैकेनिकल फील्ड में इनोवेशन की ज्यादा गुंजाइश है। एक बेहतर आर्किटेक्ट को किसी भी डिजाइन का निर्माण करते समय ध्यान देना चाहिए कि वो अपनी सोशल रिस्पांसबिलिटी बिल्कुल न भूले। जिस भी बिल्डिंग को डिजाइन करे ध्यान दे कि वो एक यूनिवर्सल डिजाइन हो। भारत का क्लाइमेट अलग है। यहां कोस्टल सिटीज तैयार हो रही हंै। इस समय सबसे ज्यादा फोकस एनर्जी एफिशिएंट बिल्डिंग्स के निर्माण पर है। साथ ही वेस्टर्न मॉडल पर काम कर रहे हैं।
आईआईए भोपाल के चेयरमैन विनय श्रीवास्तव ने कहा आर्किटेक्चर को अनुभव करने के लिए भोपाल सबसे अच्छा शहर है। क्योंकि यहां पर कुछ ऐसे भवन हैं जो अद्वितीय हैं, जैसे- भारत भवन का डिजाइन देखकर यह महसूस ही नहीं होता कि यहां पर कोई बिल्डिंग खड़ी की गई है। यहां जमीन और वॉटर बॉडी को मर्ज कर दिया गया है। ऐसी जगहों को एक्टिवेट करने के लिए सभी नागरिकों का सहयोग चाहिए।
हॉलैंड बहुत छोटा देश है, लेकिन वहां लोग फोर व्हीलर बहुत कम चलाते हैं। ज्यादातर लोग साइकिल या पैदल आना-जाना करते हैं। वहां आर्किटेक्चर ऐसा डिजाइन किया गया है कि सड़क पर चलने से एनर्जी डेवलप होती है। आईआईए भोपाल चैप्टर के चेयरमैन विनय श्रीवास्तव ने भोपाल सर्कल से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। एसपीए के प्रो. संदीप संकट द्वारा यूनिवर्सल डिजाइन पर लिखी गई रिसर्च बेस्ड किताब के लिए सम्मान किया गया।
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-architects-nooru-should-take-care-of-social-responsibility-while-designing-the-building-065043-6426062.html
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