
बाल शोषण के प्रति जागरूक करने और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए महाविद्यालयों में बाल अधिकार संरक्षण के लिए कार्यक्रम किए जाएंगे। यह जागरूकता कार्यक्रम बीयू और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में पायलेट प्रोजेक्ट की तरह चलाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए बीयू ने यूनिसेफ के साथ सितंबर में एमओयू किया गया था, जिसके जरिए 16 जिले कवर कर रहे हैं। इसमें बाल अधिकार नियम और अधिनियम के साथ अन्य जानकारी दी जाएंगी। इस प्रोजेक्ट के तहत विश्वविद्यालय और कॉलेज के कार्यक्रम अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी साथ ही 30 कार्यक्रम अधिकारियों का दल अलग अलग जिलो के महाविद्यालय में जाकर स्वयंसेवकों को जानकारी देंगे। जिससे आसानी से बाल अपराध और ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोका जा सकता है। यहां पर कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवकों को हेल्पलाइन नंबर, सर्वे, थाने में मौजूद बाल अधिकार अधिकारी, तकनीकी के साथ साथ अवेयरनेस लाने का काम बताया जाएगा। इसके साथ ही जगह जगह नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता को रोका जाएगा।
इसकी शुरुआत इसलिए की गई क्योंकि प्रदेश में ह्यूमन ट्रेफिकिंग के केस ज्यादा देखे जा रहे थे साथ ही बाल अपराध की संख्या बढ़ रही थी। जिसको रोकने और बाल संरक्षण के लिए इसकी शुरूआत की गई। समाज में स्टूडेंट्स और युवा मिलकर यह जागरूकता ला सकें। साथ ही शासन की कई ऐसी योजना हैं जो गरीब और बेसहारा लोगों को नही पता है उनसे परिचित कराया जा रहा है।
शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए हो रहे कई कार्यक्रम
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source
https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/mp-news-now-with-unicef-college-students-will-make-society-aware-about-child-protection-065511-6299686.html
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