दीपेश शर्मा | इंदौर .नगर निगम में महीनों से नक्शे अटकाकर रखने वाले अफसरों को भोपाल से सीधे नगरीय प्रशासन आयुक्त पी. नरहरि ने नोटिस जारी किया है। उन्होंने इनकी एक वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी दी तो इन सात अफसरों ने मिलकर रातभर में 426 फाइलें क्लीयर कर दीं। हालांकि इसमें नक्शों के साथ प्लॉट वेरिफिकेशन, मौका-मुआयना की फाइलें भी शामिल थीं। निगम के बिल्डिंग परमिशन विभाग में कुछ महीनों से पेंडिंग प्रकरणों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई शिकायतें हुईं और जब अफसरों से जवाब मांगा तो वे सॉफ्टवेयर की गड़बड़ियां बताने लगे।
इस पर नरहरि ने ऐसे मामले खुद पड़ताल में लिए। इसमें यह सामने आया कि ज्यादातर केस ऐसे हैं, जिनमें अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने एक-एक अफसर का नाम निकालकर संबंधित को खुद नोटिस भेजा। इनमें 5 सब इंजीनियर और दो बिल्डिंग इंस्पेक्टर हैं। ऐसा निगम में संभवत: पहली बार हुआ है, जब स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर आयुक्त ने सीधे नोटिस भेज दिए हों।
ये हैं फाइलें अटकाने वाले लापरवाह अफसर
नाम पद जोन पेंडिंग
अवधेश जैन बीआई 8 13
मनीषा राणा सब-इंजीनियर 3,4,10, 13,14,15,17 211
निकिता पंचरत्न सब-इंजीनियर 8,9,12,16,18 52
आराधना शुक्ला सब-इंजीनियर 1,2,5,6,7,11,19 101
विवेश जैन सब-इंजीनियर 2,5,6,15 13
दौलतसिंह गुंडिया सब-इंजीनियर 7,8 20
सुरेश चौहान बीआई 7 16
सिस्टम में खामी... पहले सैकड़ों नक्शे पास होते थे, नई व्यवस्था में 25 रह गए
ऑटोमैटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम-2 सॉफ्टवेयर लांच होने के बाद नक्शा पास होने की गति धीमी हो गई। एक महीने में 20 से 25 नक्शे ही पास हो सके, जबकि पहले सैकड़ों नक्शे पास हुआ करते थे। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा था और पेंडेंसी भी बढ़ती जा रही थी। 26 दिसंबर को आयुक्त नरहरि ने समीक्षा की तो खुलासा हुआ निगम के पांच सब इंजीनियर और दो बीआई के पास ही 426 प्रकरण पेंडिंग हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/indore/news/urban-administration-commissioner-gave-notice-to-five-sub-engineers-and-right-handers-on-staging-of-maps-disposed-of-426-files-in-one-night-126467630.html
No comments:
Post a Comment