रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट के काम बारिश में नहीं रुकेंगे। उज्जैन-इंदौर दोहरीकरण के तहत परिवर्तन में बैस वर्क पूरा हो चुका है। ऐसे में बारिश से इन पर कोई असर नहीं होने वाला। डीआरएम ने दावा किया कि उज्जैन-इंदौर ट्रैक दोहरीकरण के लिए दो साल का लक्ष्य लिया था। इसमें से छह महीने में बैस का काम कर दिया है।
उज्जैन-देवास-इंदौर रेलवे ट्रैक दोहरीकरण के लिए ड्राइंग-डिजाइन यानी कागजी कार्रवाई के बाद अक्टूबर 2018 से जमीनी काम शुरू हो गया था। शुरुआत में उज्जैन के विक्रमनगर और इंदौर के मांगलिया स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। डीआरएम के अनुसार दोनों ही स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ट्रैक दोहरीकरण के लिए आने वाली ट्रेन को यहां पर कोई परेशानी न हो। 79 किलोमीटर लंबे रूट के दोहरीकरण पर रेलवे 760 करोड़ रुपए खर्च करेगी। दोहरीकरण से ट्रेन यातायात बढ़ेगा। इंदौर-उज्जैन के बीच सफर का समय कम होगा। हालांकि इस बार के बजट में 20 करोड़ रुपए मिलने से काम की गति प्रभावित हो सकती है लेकिन डीआरएम का कहना है कि बाेर्ड से अब तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट अपनी गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
30 मिनट पहले पहुंचेंगे इंदौर, बीच रास्ते में नहीं रुकेंगी ट्रेन
रेलवे के बजट में मंजूर हुए इंदौर-देवास-उज्जैन दोहरीकरण प्रोजेक्ट मार्च तक पूरा करने का दावा किया जा रहा है। सिंगल लाइन होने के कारण वर्तमान में इंदौर के लिए कोई भी ट्रेन डेढ़ से दो घंटे का समय लेती है। दोहरीकरण के बाद इंदौर का सफर 30 मिनट पहले पूरा हाे जाएगा। इसके पूरा होने से क्राॅसिंग के दौरान ट्रेन रास्ते में या छोटे स्टेशन पर रूकी नहीं रहेंगी। 79 किमी लंबी इंदौर-देवास-उज्जैन रेल लाइन पर रोजाना 40 ट्रेनों का दबाव होता है। एक इंदौर-देवास-उज्जैन के बीच किसी एक प्रमुख ट्रेन के रास्ते में होने पर दूसरी ट्रेनें अन्य स्टेशनों पर रूकी रहती हैं।
760 करोड़ का प्रोजेक्ट
रेलवे यह काम दो चरणों में करेगा। पहले इंदौर-देवास के बीच दोहरीकरण होगा और फिर देवास से उज्जैन के बीच। इस प्रोजेक्ट पर 760 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इन ट्रेनों पर पड़ता है असर
इंदौर-उदयपुर, अवंतिका, निजामुद्दीन, इंदौर-उज्जैन सहित 20 से ज्यादा ट्रेनें लेट होती हैं। दोहरीकरण होने से लेटलतीफी खत्म हो जाएगी। रेलवे सलाहकार समिति सदस्य महेंद्र गादिया ने बताया जनवरी तक टेंडर और मार्च तक काम शुरू होने की संभावना है।
कम होगा यात्रा का समय
^दोहरीकरण के बाद उज्जैन से इंदौर पहुंचने में 30 मिनट कम लगेंगे। सिंगल लाइन होने पर ओवरटेक की जगह ट्रेनों को रुकना पड़ता है। इससे देरी हो जाती है।
-विनीत कुमार गुप्ता, डीआरएम
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/news/work-from-ujjain-to-kadcha-will-be-completed-by-october-track-doubling-period-extended-by-march-127553273.html
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