Saturday, July 25, 2020

ट्राॅलियों का पंजीयन नहीं, रेत चाेरी में लगी, अारटीअाे करेंगे कार्रवाई

जिले में एनजीटी की राेक लगने के बाद अब रेत चाेराें ने ट्रैक्टर-ट्राॅली से रेत चाेरी करना शुरू कर दिया है। अब खदानाें में ट्रैक्टर-ट्राॅली काे लेकर रेत काे भरने का काम किया जा रहा है। निमसाड़िया, जासलपुर, रजाैन अाैर चपलासर में ही करीब 300 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्राॅली हैं, जबकि यहां किसानाें की संख्या इतनी नहीं है। रेत चाेरी में इनका उपयाेग हाे रहा है,लेकिन इनकाे पकड़ने का काम जिले में नहीं हाे रहा है। खेती-किसानी के लिए काम आने वाली ट्रैक्टर ट्राॅलियां जिले में अवैध रेत माफियाओं के लिए तस्करी का जरिया बन गई हैं। बिना व्यवसायिक पंजीयन कराए ग्रामीण क्षेत्रों के माफिया ट्राॅलियों से रेत चोरी कर सप्लाई कर रहे हैं। प्रशासन एवं जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी से रेत चोरी का खुला खेल सालों से चल रहा है। ग्वाड़ी, मरोड़ा, निमसाड़िया, चपलासर, जासलपुर, रायपुर समेत आसपास के गांवों के रेत तस्कर देर रात चोरी-छिपे ट्राॅलियों से रेत सप्लाई करते हैं। हादसा होने पर ट्राॅली की पहचान नहीं की जा सकती, चूंकि ट्राॅली पर कोई पहचान या नंबर मौजूद नहीं रहता। हादसा होने पर पुलिस पता नहीं लगा सकती कि कौन से वाहन से घटना हुई है। अधिकारियों का दावा है कि परिवहन विभाग में कुछ ट्राॅलियों के कमर्शियल रजिस्ट्रेशन हुए हैं, लेकिन जितनी ट्राॅलियां सड़कों पर हैं, इनके आगे यह आंकड़ा चौकाने वाला है। रेत खदानों से चोरी छिपे रोजाना हजारों ट्राॅली रेत अवैध ढंग से बेची जा रही है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के नाबालिग चालक इन्हें सड़कों पर दौड़ाते हैं। आए दिन इस वजह से हादसे हो रहे हैं। ट्राॅलियों के पीछे रजिस्टर्ड नंबर लिखा होना चाहिए, लेकिन एक भी ट्राॅली पर नंबर प्लेट एवं लाइट नहीं होती।
आरटीओ मनाेज तेहनगुरिया ने बताया कि यह बात सही है कि बिना रजिस्ट्रेशन ट्राॅलियों का कमर्शियल उपयोग हो रहा है। जिले भर में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे।

ऐसे होता है खेल: नहीं हाेती ट्राॅली के नंबर की जांच
परिवहन विभाग ने कृषि कार्य में उपयोग होने वाली ट्रालियों के पंजीयन को छूट दी है। व्यवसायिक उपयोग के लिए ट्रालियों का टैक्स एवं रजिस्ट्रेशन कराना होता है।आरटीओ के रिकार्ड में ट्रेक्टरों का नंबर तो रहता है, लेकिन साथ में कितनी ट्राॅलियां चल रही है, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। नियमानुसार कमर्शियल उपयोग के लिए ट्राॅली का अलग पंजीयन होता है। इसके साथ ही ट्रैक्टर चालक एवं ट्राली पर तैनात रहने वाले करीब आधा दर्जन लोगों का पंजीयन एवं इंश्यारेंस कराना जरूरी रहता है। हर ट्राली के पीछे अलग वाहन नंबर होना चाहिए।

कलेक्टर के आदेश के बाद भी रेत चाेरी जारी
कलेक्टर होशंगाबाद के द्वारा इस बारे में कड़े निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर धनंजय सिंह ने कहा है कि अवैध खनन और रेत का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो लोग इस कारोबार से किसी भी रूप में जुड़े हुए हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।



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source https://www.bhaskar.com/local/mp/hoshangabad/news/no-registration-of-trolleys-sand-engages-in-chari-aarti-will-take-action-127553281.html

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