लॉकडाउन में जहां लोगों को निराशा परेशान कर रही है, वहीं शहर के कूडाे और कराते खिलाड़ियों में सोना (गोल्ड मेडल) जीतने ललक बरकरार है। इसके लिए शहर के 50 से अधिक खिलाड़ी अपने कोच से ऑनलाइन टिप्स लेने के बाद अपने घरों की छत पर ही हर दिन प्रैक्टिस में जुटे हैं। वहीं कोच राजीव लोचन शर्मा के अनुसार प्रतियोगिताओं पर प्रतिबंध लगने के बाद उन्होंने अपना सेंटर भी बंद कर दिया था, लेकिन खिलाड़ियों की रुचि देखने के बाद उन्होंने बच्चों को साेशल मीडिया के माध्यम से ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया।
कूडो और कराते खिलाड़ी निहारिका सोनी बताती हैं कि लॉकडाउन शुरू होने के कुछ दिनों तक तो वे घर में रही, लेकिन जल्द ही इससे बोरियत महसूस होने लगी। चिंता इस बात की थी कि यदि प्रैक्टिस छूटी तो उनके खेल पर इसका असर पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए घर पर ही सुबह शाम तीन तीन घंटे अभ्यास शुरू कर दिया। हालांकि इस दौरान क्या खामियां दूर करने लिए कोच का होना जरूरी था। ऐसे में सोशल मीडिया एप के जरिए कोच राजीव सर से निर्देश लेते रहे। वहीं अनुज्ञा शर्मा और युक्ता परिहार ने भी अपने खेल को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी। घर में ही पंचिंग बैग पर प्रैक्टिस कर अपने पंच का दम बनाए रखा।
दिसंबर में नहीं हुई तो अगले साल ही होगी प्रतियोगिताएं
कोच शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण इस साल होने वाली 12 से अधिक प्रतियोगिताएं रद्द हो गईं। अब दिसंबर या अगले साल ही होगी। ऐसे में लंबे समय तक प्रैक्टिस नहीं होने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में कई खामियां आ सकती हैं। खिलाड़ियों में भी खेलों के प्रति जज्बा देख उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा ही है।
ज्ञात रहे कूडो और कराते के खेल में शहर के 50 से अधिक खिलाड़ियों द्वारा स्कूल के नेशनल स्तर से लेकर अक्षय कुमार द्वारा आयोजित ओपन प्रतियोगिताओं में शामिल होकर गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। शर्मा के अनुसार उनके खिलाड़ियों के प्रदर्शन के दम पर हर साल 30 से अधिक गोल्ड मेडल जिले के मिल रहे हैं।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/shujalpur/news/the-strength-of-the-punch-is-not-low-so-kudo-players-practicing-at-home-127562962.html
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