यूरिया और डीएपी की एक-एक बोरी के लिए किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है, तो वहीं दूसरी और खाद की कालाबाजारी हो रही है। ऐसा ही एक मामला बरेली में आया है। जहां से एक निजी खाद विक्रेता और डूमर सोयायटी द्वारा सैकड़ों बोरी यूरिया ट्रकों से छिंदवाड़ा रवाना कर दिया। यह खाद जिले से बाहर भी पहुंच गया लेकिन 12 जुलाई को पिपरिया में ट्रक जब्त कर लिए गए। उसके बाद इस मामले की जांच शुरू हुई।
जांच के बाद बरेली की डूमर और घाट पिपरिया सोसायटी के प्रबंध सहित तीन कर्मचारी दोषी पाए गए। जांच के बाद कलेक्टर उमाशंकर भार्गव द्वारा दोषियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। वहीं डूमर सोसायटी प्रबंधक कमलेश शर्मा और घाट पिपरिया समिति के प्रबंधक भास्कर शर्मा सहित कर्मचारी सुनील बाडीवा, मनीष सोनी, नीलेश शर्मा को जिला सहकारी बैंक के सीईओ एनयू सिद्धकी द्वारा पदमुक्त कर दिया है। इन दिनों जिले में खरीफ की बोवनी का काम तेजी से चल रहा है। जिले के किसान खाद के लिए जगह-जगह भटक रहे हैं तो वहीं जिले की सहकारी समितियां खाद की कालाबाजारी करके उनकी परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।
यूरिया की 267.50 की बोरी 320 रुपए में कालाबाजारी करके छिंदवाड़ा में बेची
नियमानुसार जिले के बाहर नहीं भेज सकते खाद
बोवनी के सीजन में हर जिले में यूरिया और डीएपी खाद की जरुरत बहुत अधिक होती है। नियमों के मुताबिक भी जिले के लिए जारी हुए कोटे में से समितियां भी अपने कार्यक्षेत्र में ही खाद बेच सकती हैं। दूसरे जिलों के लिए यह खाद नहीं भेजा जा सकता है। ऐसा किया जाना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
जिले में इस तरह से किया जाता है खाद का वितरण
जिले में विपणन संघ के माध्यम से खाद का वितरण होता है। निजी दुकानदारों और समितियों को विपणन संघ से खाद मिलता है। निजी दुकानदार तय रेट पर किसानों को खाद बेचते हैं। जबकि सहकारी समितियों के माध्यम से अपने क्षेत्रों को खाद उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन ये समितियां खाद को दूसरे जिलों में नहीं बेच सकतीं।
एसडीएम सहित 6 सदस्यों ने की मामले की जांच
पिपरिया एसडीएम की जानकारी में मामला आने से उन्होंने रास्ते में ही 1200 बोरी यूरिया ले जा रहे दो ट्रक जब्त कर थाने में रखवा दिए। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने एसडीएम ब्रजेंद्र रावत के नेतृत्व में 6 सदस्यीय जांच दल बना दिया। दल ने रिपोर्ट में समिति द्वारा दूसरे जिले में यूरिया भेजने के मामले में डूमर समिति को दोषी मानते हुए आपराधिक मामला दर्ज कर विभागीय जांच की भी अनुशंसा की। हालांकि इसमें निजी व्यवसायी के अलावा 300 बोरी यूरिया ही डूमर सोसायटी का निकला है। इस रिपोर्ट के आधार पर 15 जुलाई को कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने जिला सहकारी बैंक के सीईओ को पत्र लिखकर डूमर सोसायटी के कर्मचारियों पर एफआईआर के आदेश दिए हैं।
ये ट्रक किए थे जब्त: जांच में सामने आया कि बरेली से बाबई पठार तामिया छिंदवाड़ा के लिए निकला ट्रक नंबर एमपी 04 एचजी 8425 और वही बरेली से ही छिंदवाड़ा के लिए निकले ट्रक नंबर एमपी 09 एचएच 0955 को पिपरिया पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया था।
यूरिया की 267.50 की बोरी 320 रुपए में बेची
पूछताछ में पता चला कि यूरिया एवं डीएपी को ले जाने वालों ने अपने आपको छिंदवाड़ा के तहसील तामिया के पास एक गांव का किसान बताया जिसकी कुल जमीन 12 एकड़ है। उसने बताया कि हमारे यहां पर यूरिया एवं डीएपी की बहुत कमी है। यह खाद बरेली से तय रेट से 53.50 रुपए अधिक जिले में 267.50 रुपए की बोरी उक्त किसान के द्वारा 320 में खरीदी गई है। बोरी का वजन 45 किग्रा है।
जिले से बाहर खाद भेजने के मामले में दोषी मिले
जिले से बाहर खाद भेजने के मामले की जांच में दोषी पाए जाने पर दो समितियों के प्रबंधक और उन समितियों के तीन कर्मचारियों को जिला सहकारी बैंक के सीईओ द्वारा पद मुक्त किया गया है।
उमाशंकर भार्गव, कलेक्टर रायसेन
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/bhopal/raisen/news/2-co-operative-society-managers-and-three-employees-who-are-black-marketing-of-manure-127569550.html
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