गेहूं खरीदी से निपटने के बाद जिले के किसानों ने खरीफ फसल की तैयारियां शुरू कर दी। जिले में करीब 2 लाख 82 हजार 165 हेक्टेयर में बोवनी हो गई है। अधिकांश क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद पौधों में अंकुरण होने से यूरिया की डिमांड बढ़ने लगी है। हालांकि कृषि अधिकारियों ने दावा किया है कि खरीफ सीजन तो ठीक, रबी फसलों में भी यूरिया की कमी नहीं आने दी जाएगी। जिले की सोसायटियों में 600 टन यूरिया के साथ डबल लॉक (विपणन संघ) गोदामों में 500 टन यूरिया का स्टॉक रखा हुआ है।
इस बार कृषि विभाग ने जिले में खरीफ की बोवनी के लिए 2 लाख 82 हजार 200 हेक्टेयर रकबे का लक्ष्य रखा था, जो करीब 100 प्रतिशत पूरा हो गया। सोयाबीन में अंकुरण के साथ ही अब यूरिया की डिमांड आने लगी है। हालांकि यूरिया की उपलब्धता के अधिकारियों के दावे की पुष्टि जिले की सोसायटियां भी कर रही हैं। सोसायटियों से इस बार किसानों को पर्याप्त यूरिया मिला। वहीं एनपीके और सुपर फास्फेट का स्टॉक भी डिमांड के अनुरूप बनाए रखा। कृषि विभाग के आरपीएस नायक ने बताया कि डबल लॉक सहित करीब 1200 टन यूरिया उपलब्ध है। इसके अलावा 700 टन यूरिया की डिमांड भी भेज दी गई।
कृषि और विपणन अधिकारियों ने खरीफ के साथ रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए अभी से यूरिया, डीएपी, एनपीके और सुपर फास्फेट की उपलब्धता की प्लानिंग शुरू कर दी है। इसके अनुसार 700 टन यूरिया के अलावा 2500 टन डीएपी की डिमांड वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी थी। डिमांड के अनुसार दो-तीन दिन में ही 2500 टन डीएपी की रैक शाजापुर रेलवे स्टेशन पर लग जाएगी।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/ujjain/shujalpur/news/agriculture-department-officials-claim-this-time-there-will-be-no-shortage-of-urea-in-the-district-127562957.html
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