सतियारा घाट पर ताप्ती नदी में नहाने कूदा महाजनापेठ निवासी बालक तेज बहाव में बह गया। साथ गए 3 दोस्तों ने बचाने का प्रयास किया। उसके बाल पकड़कर बाहर निकालने लगे लेकिन किशोर के छटपटाने और लातें चलाने से तीनों दोस्त डूबने लगे। तभी हाथों से बाल छूटे और वह गहरे पानी में डूबकर तेज बहाव में बह गया। दोपहर तक होमगार्ड जवान व स्थानीय तैराकों ने उसे ढूंढने का प्रयास किया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका।
रविवार को भाेईवाड़ा व आसपास के चार दोस्तों ने छुट्टी मनाने का प्लान किया। ईश्वर तमखाने (16), गणेश पटेल, रोशन कुवादे व संदीप तमखाने घर से सतियारा घाट जाने के लिए निकले। ईश्वर के चाचा किरण ने बताया ईश्वर की मां ने जाने से पहले उसे टोका भी कि बेटा नदी में नहाना मत। ईश्वर बोला सिर्फ घूमने जा रहे हैं। वह दोस्तों के साथ घाट पहुंचा और गहरे पानी में उतर गया। दोस्त उसे बचा पाते इससे पहले ही बह गया।
सतियारा घाट पर क्षेत्र के तैराक और होमगार्ड के जवानों ने तीन घंटे तक सर्चिंग की
वह डूबने लगा तो हम पहले नाटक समझे
दोस्त गणेश पटेल ने बताया सुबह 11 बजे हम घाट पर नहा रहे थे। ईश्वर कम पानी में तैरना जानता था। वह घाट के पास नहा रहा था। रोशन, संदीप व मैं बाहर आने लगे तो ईश्वर नदी में कूद पड़ा। वह डूबते हुए हाथ ऊपर करने लगा। हम समझे नाटक कर रहा है लेकिन कुछ ही देर में समझ गए वह डूब रहा है। तीनों उसे बचाने कूदे। उसके बाल हाथ में आ गए। हम उसे खींचकर बाहर लाने लगे लेकिन वह लातें चलाने लगा। तेज बहाव में हम भी डूबने लगे। अचानक हाथ से बाल छूटे और ईश्वर बह गया।
बालक आया और बोला- हमारा दोस्त डूब गया
मौके पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चारों दोस्त नदी में मस्ती कर रहे थे। कुछ देर बाद एक बालक नदी से बाहर आया और बताया हमारा एक दोस्त डूब गया है। आसपास के 10 से ज्यादा तैराक नदी में कूदे और उसे गहरे पानी में ढूंढा लेकिन करीब एक घंटे तलाशने के बाद भी उसका नदी में कहीं पता नहीं चला। ईश्वर के डूबने की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, परिजन दौड़ते हुए घाट पर पहुंचे। रोती-बिलखती मां और बहन को पड़ोसी घर ले गए।
तेज बहाव में होमगार्ड जवान अंदर नहीं जा पाए
सूचना मिलते ही 12 बजे शिकारपुरा थाने से पुलिस मौके पर पहुुंची। कुछ देर बाद होमगार्ड जवान आए। दो सिपाही नदी में उतरे लेकिन तेज बहाव के कारण वे भी ज्यादा अंदर नहीं जा पाए। एक घंटे तक जवानों ने ईश्वर को तलाशा। नहीं मिलने पर होमगार्ड की बोट नदी में उतारी। ताप्ती नदी के बड़े व छोटे पुल तक उसे ढूंढा। यहां भी गोताखोरों की मदद से उसे तलाशा लेकिन कहीं पता नहीं चला। जांच अधिकारी शहाबुद्दीन कुरैशी ने कहा तलाश जारी है। पानी गहरा व बहाव तेज होने से बालक मिल नहीं पा रहा है।
4 साल पहले पिता चल बसे, मां का हाथ बंटा रहा था
चाचा किरण तमखाने ने बताया 4 साल पहले ईश्वर के पिता कैलाश का बीमारी से निधन हो चुका है। तब से ईश्वर गांधी चौक स्थित कपड़े की दुकान में काम कर रहा था। मां अनिता शहर में चने-छोले बेचकर परिवार चलाती है। परिवार में ईश्वर के अलावा बड़ी बहन कोमल और छोटा भाई पवन है। दोनों स्कूल पढ़ रहे हैं।
इधर... गहरे पानी में हाशिम ओझल हो गया, फारूख ने दो गोते खाए
बसाली की धावड़ियापानी नदी के झरने में डूबा बालक, चचेरा भाई बचा
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर/धुलकोट
जिले से 55 किमी दूर बसाली के जंगल में धावड़िया पानी नदी के झरने में नहाते समय 15 वर्षीय बालक डूब गया। उसके चचेरे भाई ने भी गहरे पानी में दो गोते खाए लेकिन ग्रामीणों ने उसे बचा लिया। दोनों चचेरे भाई ग्राम बोरी के रहने वाले हैं और रविवार को एक अन्य युवक के साथ घूमने के लिए गए थे। दोनों को झरने के नीचे गहरे पानी का अंदाजा नहीं था, इसलिए यह हादसा हुआ।
मो. हाशिम पिता हनीफ रंगरेज चचेरे भाई फारूख पिता मुसा रंगरेज और शोएब के साथ रविवार दोपहर बसाली व इसराम फालिया के बीच झरने पर गए थे। तीनों के साथ अन्य कई लोग भी झरने में नहा रहे थे। हाशिम व फारूख नहाते हुए झरने के गहरे पानी के पास पहुंच गए। गहरे पानी में डुबकी लगाते ही हाशिम आंखों से ओझल हो गया। फारूख भी 2 गोते खा गया। उसे डूबता देख वहां मौजूद निलेश सोनी ने हाथ पकड़कर बाहर खींच लिया। अन्य लोग भी मदद के लिए आगे गए। बाहर निकालने के बाद कुछ देर तक फारूख को होश नहीं था। होश आने पर उसने हाशिम के बारे में पूछा। ग्रामीणों ने हादसे की सूचना पुलिस और दोनों के गांव बोरी में दी। हाशिम की तलाश की लेकिन पानी का तेज बहाव होने और गहराई के कारण परेशानी हो रही है।
70 फीट ऊंचाई से गिरते झरने के नीचे फीट पानी
हाशिम कक्षा 8वीं तक पढ़ा है। परिवार में माता-पिता व 2 भाई हैं। हाशिम कपड़े की दुकान में काम करता है। बाजार बंद होने से वह चचेरे भाई व एक अन्य युवक के साथ झरना देखने गया था। ग्रामीणों ने बताया दोनों को तैरना आता था लेकिन ज्यादा गहरे पानी के तैराक नहीं थे। झरना 70 फीट की ऊंचाई से गिरता है। जिस जगह पानी गिरता है, वहां 50 फीट तक गहराई है। रविवार को यहां 200 से ज्यादा लोग आए थे। हादसा होते ही सभी सामान समेटकर भाग निकले। सूचना पर धुलकोट चौकी प्रभारी रामप्रसाद त्रिपाठी मौके पर पहुंचे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/local/mp/khandwa/burhanpur/news/when-we-started-drowning-in-deep-water-we-grabbed-the-hair-and-started-bringing-it-out-its-splash-left-the-hair-and-washed-away-127556484.html
No comments:
Post a Comment