Wednesday, July 29, 2020

कारोबारी बाहर से नहीं मंगवा रहे मावा, खुद तैयार कर बना रहे मिठाई, राखी के पहले रविवार खोलने की मांग

कोरोना के बीच राखी पर शहर के अधिकतर मिठाई कारोबारी इस बार बाहर से मावा नहीं मंगवा रहे हैं। वे खुद अपनी आंखों के सामने मावा बनवा रहे हैं, ताकि न शुद्धता से समझौता हो और न ही किसी तरह के संक्रमण का डर रहे। हालांकि बाहर से मावा मंगवाने में ट्रांसपोर्ट की भी अपनी परेशानी है, लेकिन वे निजी वाहन आदि से भी मावा मंगवाने से परहेज कर रहे हैं, ताकि इस राखी पर भी स्वाद और सेहत दोनों की परंपरा बरकरार रहे। व्यापारियों को कोरोना के बावजूद त्योहार पर 20 हजार किलो मिठाई की खपत का अनुमान है, जो पिछले वर्षों के मुकाबले एक तिहाई से भी कम है।
उधर, सांची सहकारी दुग्ध संघ के अध्यक्ष मोती सिंह पटेल का कहना है कि पिछले साल राखी पर करीब 300 क्विंटल पेड़े बिके थे। इस बार कोरोना के कारण पेड़े का व्यापार कुछ कम लगभग 50 क्विंटल होने की उम्मीद है। गुलाब जामुन और रसगुल्ला भी बना रहे हैँ। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी मावे की पूर्ती करने की तैयारी है। पांच और 10 किलो की पैकिंग की दो तरह गुलाब जामुन और बर्फी का मावा उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसका भाव 275 से 300 रुपए के बीच रहने का अनुमान है।
लगभग एक हजार किलो मावा लगेगा
पीपली बाजार के मावा व्यापारी कमल कुमार सोनी के मुताबिक शहर में मावे के 300 के करीब कारोबारी हैं। पिछले साल राखी पर जब भाव 320 रुपए किलो के थे तो करीब 5 हजार किलो की खपत हुई थी जो कि लगभग 16 लाख रुपए की थी। दूसरे शहरों से मावा नहीं आ रहा है। खपत एक हजार किलो रहने की उम्मीद है। भाव अभी 260 रुपए प्रति किलो हैं।

सैनिटाइज प्लांट, पैकिंग संक्रमण मुक्त
मिठाई का पैकेट कहीं संक्रमण का कैरियर न बन जाए इसके लिए भी कारोबारी विशेष इंतजाम कर रहे हैं। अधिकतर बड़े मिठाई कारोबारियों के यहां नियमित रूप से प्लांट का सैनिटाइजेशन कराया जा रहा। पैकिंग भी ऐसी कि पूरी तरह संक्रमण मुक्त रहे।
ड्रायफ्रूट्स की ज्यादा मिठाई बन रही दूध, घी और ड्रायफ्रूट्स की मिठाई पर जोर
शहर के 150 से ज्यादा छोटे-बड़े मिठाई व्यापारी हैं। वे घी, दूध के साथ ड्रायफ्रूट्स की मिठाइयों पर जोर दे रहे हैं। इंदौर मिठाई नमकीन व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास जैन बताते हैं कि शहर में 60 रजिस्टर्ड और 100 से ज्यादा अन रजिस्टर्ड मिठाई निर्माता द्वारा पिछले साल राखी पर 70 हजार किलो मिठाई का कारोबार किया था। इस बार 30 प्रतिशत कारोबार का अनुमान है।



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फैक्टरियों में बनने लगी राखी की मिठाई।


source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/news/businessmen-are-not-getting-mawa-from-outside-preparing-sweets-by-themselves-demand-for-opening-rakhi-on-first-sunday-127566262.html

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