Sunday, November 17, 2019

पीडि़त चोरी की जितनी राशि बताते हैं उतनी नहीं लिखती पुलिस

जंक्शन पर सहायक स्टेशन प्रबंधक के पद पर पदस्थ प्राची आनंद ने बताया वे 31 अक्टूबर को छठ पर्व मनाने बिहार गई थीं। घर में ताला लगा था। जब 7 नवंबर को वापस आमला लौटकर देखा तो घर का वेंटीलेटर तोड़कर एक लैपटाॅप, एक सोने की चेन, 2 चांदी के सिक्के और नकद 10 हजार रुपए चुरा लिए। चोरों ने इस दौरान आलमारी का ताला तोड़ा और अन्य सामग्री भी बिखेर दी। प्राची के अनुसार उन्होंने तुरंत ही पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद लगातार बहाने बनाए जा रहे हैं, लेकिन आज तारीख तक भी पुलिस ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर चोरी को रिकॉर्ड पर नहीं लिया है।

केस-1

जंक्शन पर गार्ड के पद पर पदस्थ रितेश कुमार पिता राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि वे भी छठ पूजा पर अपने गांव बिहार गए थे। 5 नवंबर को जब वापस लौटे तो देखा कि चोरों एक दरवाजे का ताला तोड़ दिया था, लेकिन दूसरे का नहीं तोड़ पाए। जबकि वेंटीलेटर तोड़कर भी घर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। रितेश के अनुसार इससे पहले 23 जून को चोर पहले ही एक बार उनके घर चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके थे। इस दौरान चोर 20 हजार नगद और दो साड़ियां चुरा ले गए थे। दोनों ही सूचनाएं लिखित रूप में पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने दोनों ही सूचनाएं रिकॉर्ड पर नहीं ली। न ही कोई कार्रवाई की।

केस-2



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source https://www.bhaskar.com/mp/betul/news/mp-news-the-police-does-not-write-the-amount-of-the-victim39s-theft-063521-5967034.html

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