नवनिर्मित दिगंबर जैन मंदिर स्थित भगवान पार्श्वनाथ की 21 फीट ऊंची पद्मासन मुद्रा की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए किए जा रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में सुबह से नित्य महाभिषेक, शांतिधारा, पूजन, तीर्थंकर बालक का जन्म, अयोध्या नगरी में बधाइयां, भक्ति नृत्य सहित सौधर्म इंद्र द्वारा अयोध्या नगरी की तीन परिक्रमा, अयोध्या नगर में प्रवेश, ऐरावत हाथी पर बैठाकर प्रस्थान व 108 कलशों से अभिषेक करते हुए विभिन्न कार्यक्रम किए गए। मालूम हो, मुनिश्री अजितसागर, मुनिश्री निर्लोभसागर, मुनिश्री निर्दोषसागर, एलक दयासागर व एलक विवेकानंद सागर महाराज की उपस्थिति व प्रतिष्ठाचार्य विनय भैयाजी के मार्गदर्शन में भक्तों ने उत्साह व उमंग के साथ धार्मिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
चिप्स, चाकलेट आदि छोड़ें विद्यार्थी : अजितसागर महाराज
बुधवार की धर्मसभा में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों की उपस्थिति में मुनिश्री अजितसागर महाराज ने कहा कि शिक्षा वह है जो शिष्टाचारी, क्षमावान, क्षमतावान बनाएं। शिक्षा हमें अधिकारी नहीं बल्कि आज्ञाकारी बनाएं। विद्यार्थियों को दृश्य व श्राव्य के माध्यम से मुनिश्री ने नूडल्स, चाकलेट, चिप्स पैकेट, डिब्बाबन्द खाद्य पदार्थ, बोतलबंद पानी आदि के दुष्प्रभाव बताकर इन्हें छोड़ने के लिए कहा। बच्चों को अपने माता पिता का आदर करने, बड़ों का सम्मान करने, मन लगाकर पढ़ाई करने और गुड टच बेड टच के बारे में बताते हुए प्रभावी उपदेश दिया।
अाज ये होंगे कार्यक्रम
महोत्सव के पांचवें दिन गुरुवार को सुबह के सत्र में पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन, शांति हवन, राजकुमार ऋषभदेव के पाणिग्रहण संस्कार की लीला का मंचन, दोपहर में राज्याभिषेक, भेंट समर्पण, महामंडलेश्वर नियुक्ति, सेनापति नियुक्ति, षट्कर्म उपदेश, दंडनीति, ब्राम्ही और सुंदरी को शिक्षा आदि कार्यक्रम किए जाएंगे।
खिरकिया। शोभायात्रा में ऐरावत हाथी के ऊपर व नीचे बैठे सामाजिक लोग।
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source https://www.bhaskar.com/mp/harda/news/mp-news-panch-kalyanak-festival-celebrates-the-birth-anniversary-of-lord-rishabhdev-a-procession-took-place-in-the-city-082057-6044360.html
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