निजी व्यापारी की दुकान पर खत्म हुई तो सीलबंद गोदाम खुलवा कर बंटवाई बाेरियां
भास्कर संवाददाता | खातेगांव
यूरिया की ऐसी मारामारी मची है कि बुधवार को खातेगांव में थाने से किसानों को टोकन बांटने पड़े। किसान लाइन में घंटों पसीना बहाते रहे। इसके बाद जो टोकन मिला, उस पर दो बोरी खाद मिला। कुछ तो खाली हाथ ही वापस लौटे।
बोवनी हो चुकी है, अब फसलों में पहला और दूसरा पानी फेरा जा रहा है। ऐसे में यूरिया की सख्त आवश्यकता है लेकिन यूरिया ना खुले मार्केट में न सहकारी सोसायटियों में आसानी से मिल रहा है। बुधवार को खातेगांव की महाजन फर्टिलाइजर्स पर यूरिया आने की खबर लगते ही किसान सुबह 6 बजे से लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। 800 से 1000 किसान वहां जमा हो गए और किसानों की लाइन लंबी होती चली गई। इंदौर-बैतूल नेशनल हाइवे पर आवागमन भी कुछ देर के लिए बाधित रहा। शुरुआत में तो किसान व्यवस्थित लाइन बनाकर खड़े थे लेकिन 9 बजे जब ट्रक में सिर्फ 360 ही बोरी यूरिया आया तो स्थिति बिगड़ने लगी और वहां मौजूद कुछ किसान नेताओं ने अपने लोगों को आगे करने के चक्कर में व्यवस्था बिगाड़ दी। पुलिस, कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में यूरिया का वितरण किया गया।
हर किसान को पावती देखने के बाद सिर्फ 2 बोरी यूरिया दिया गया। कुछ ही किसानों को यूरिया मिल पाया। किसानाें की परेशानी को देख इसी फर्म के एक गोडाउन में 24 जून को बोरी पर लिखे बेच नंबर और बिल पर लिखे बेच नंबर का मिलान नहीं होने पर देवास से आए जांच दल ने यूरिया सील किया था। 328 बोरी यूरिया रखा हुआ था। इसे खुलवाने के लिए व्यापारी कई बार पत्राचार कर चुका था लेकिन फाइल एक विभाग से दूसरे विभाग में घूम रही थी और गोडाउन की सील नहीं खोली गई।
यूरिया की मारामारी... दुकान पर ज्यादा किसान पहुंचे तो व्यवस्था बिगड़ गई, थाने बुलाकर िदए टोकन, बांटा खाद
गोडाउन खोलने की अनुमति मांगी
बुधवार को स्थानीय अधिकारियों और विधायक ने देवास के आला अफसरों को स्थिति बता कर गोडाउन खोलने की अनुमति मांगी। पंचनामा बनाकर गोडाउन की सील खोली गई जिसके बाद वहां रखा बोरी यूरिया किसानों को दिया गया। सील गोडाउन में रखी 328 बोरी यूरिया बांटने के लिए पुलिस थाने में किसानों की लाइन लगवाकर वहां से टोकन बांटे गए। यह टोकन दिखाने पर व्यापारी की दुकान से यूरिया मिला। घंटों खड़े रहने के बाद भी विनोद पर्ते, अर्जुन ठाकुर, रामभरोसे पटेल, जय किशन जैसे सैकड़ों किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद मायूस होकर खाली हाथ वापिस लौटे।
यूरिया के लिए हंगामा
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source https://www.bhaskar.com/mp/dewas/news/mp-news-this-police-station-is-here-people-do-not-write-reports-but-stand-for-fertilizer-082043-6043000.html
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