मांडू उत्सव के दूसरे दिन की शाम एक बार फिर देश के प्रसिद्ध बैंड और बांसुरी के कलाकार प्रेम जोशुआ के नाम रही। उन्होंने पहली बार मांडू आकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा सुना है यहां रानी रूपमती और बाज बहादुर की प्रेम गाथा का बड़ा इतिहास है और वैसे भी मांडू संगीत का घराना रहा है। आज इस घराने को एक बार फिर से मैं अपनी कला से जुड़ने जा रहा हूं।
60 हजार रु. में खरीदी पेंटिंग : कारवां सराय महल परिसर में कई कलाकार अपनी कला को कैनवास पर उकेर रहे। आदिवासी संस्कृति पर बनी पेंटिंग जर्मनी के पर्यटकों को खूब पसंद आई। जर्मनी की सैलानी ग्लैडइन आमिल ने उसे 60 हजार रु. में खरीदा।
पहली प्रस्तुति शिवा मूल की दी
प्रेम जोशुआ ने सबसे पहले प्रसिद्ध गीत शिवा मूल गाया। उसके बाद दूसरी प्रस्तुति शरणे बैंड की धुन, तीसरी प्रस्तुति चंद्रा, चौथी प्रस्तुति वसुंधरा और पांचवीं प्रस्तुति झूलेलाल की रही जो कि फिल्मी दुनिया का सबसे चर्चित गीत रहा है। इसके बाद गंगा, ईश्वरी और आखरी प्रस्तुति अशोका ने दर्शकों के रोमांचित कर दिया। उनकी हर प्रस्तुति पर श्रोता खूब थिरके।
पर्यटन मंत्री ने परिवार के साथ की एयर बलून से सैर
मांडू की विंध्याचल की पहाड़ियों में हॉट एयर बलून से प्रदेश के पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल और उनके परिवारजन ने आसमान की सैर की। मांडू के राम मंदिर के पीछे मैदान से उड़ा यह बलून जो पूरे मांडू का भ्रमण कर तारापुर घाटी क्षेत्र में पहुंचा। पर्यटकों ने भी हॉट एयर बलून की सैर की। मांडू में पहली बार हॉट एयर बैलून यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
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source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/bajbuhadur-roopmatis-mandu-resurrected-on-love-126407275.html
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