भोपाल.वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया हर जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं। उनके आगे हर पद छोटा है। उन्हें राज्यसभा में भेजा जाना चाहिए। यह बात स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इंदौर में मीडिया द्वारा सिंधिया को राज्यसभा में भेजे जाने के सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि सिंधिया बड़े नेता हैं, वे कभी किसी पद की दौड़ में नहीं रहे। उन्हें पार्टी आलाकमान जो जिम्मेदारी सौंपेगा वे उसका निर्वहन करेंगे। लोकसभा चुनाव में गुना संसदीय सीट से सिंधिया की हार के बाद से ही उन्हें राज्यसभा में भेजे जाने की मांग उनके समर्थकों द्वारा उठाई जा रही है।
इधर, चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश से 9 अप्रैल 2020 को खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शीघ्र ही विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा। आयोग ने चुनाव कराए जाने के लिए विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह को निर्वाचन अधिकारी बनाया है। 9 अप्रैल को कांग्रेस से दिग्विजय सिंह और भाजपा से प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वर्तमान में विधानसभा में दलीय स्थिति के अनुसार खाली हो रही तीन सीटों में से दो कांग्रेस और एक भाजपा के खाते में जाने की उम्मीद है।
जौरा विधानसभा सीट... यहां उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित करेगा आयोग
जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक बनवारी लाल शर्मा के निधन से यह सीट रिक्त हो गई है। चुनाव आयोग इस सीट पर उप चुनाव कराए जाने का कार्यक्रम घोषित
करेगा। फिलहाल विधानसभा में सदस्य संख्या 229 है।
ऐसा रहेगा राज्यसभा सदस्य के चयन का गणित
एक राज्यसभा सदस्य के लिए- 58 विधानसभा सदस्यों की जरूरत होगी यानी कांग्रेस के विधानसभा में वर्तमान में 114 विधायक हैं, इस लिहाज से उसका पहला सदस्य तो निर्वाचित हो जाएगा। दूसरे सदस्य के लिए कांग्रेस पार्टी को दो निर्दलीय विधायकों की जरूरत होगी। फिलहाल चौथी बार के विधायक (इस बार निर्दलीय) प्रदीप जायसवाल कमलनाथ सरकार में खनिज जैसे महत्वपूर्ण महकमे के मंत्री हैं, इसलिए उनका मत कांग्रेस के उम्मीदवार के खाते में जाना पक्का है। इस स्थिति में कांग्रेस को 1 ही विधायक की जरूरत होगी।
कांग्रेस (सदस्य संख्या 114) को अभी 4 निर्दलीय, बसपा के 2 और सपा के 1 विधायक का समर्थन प्राप्त है। इसलिए दूसरा राज्यसभा सदस्य भी कांग्रेस का जाना पक्का है। वहीं, भाजपा के खाते में एक ही सीट आएगी। इसकी वजह सदन में उसके 108 विधायक है। इससे भाजपा का सदन की सदस्य संख्या 108 के हिसाब से 58 विधायकों पर पहला राज्यसभा सदस्य चुना जाना तो पक्का है। दूसरी राज्यसभा सीट के लिए उसके पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल नहीं है। गौरतलब है कि करीब पंद्रह साल बाद इस तरह की स्थिति निर्मित होगी, जब कांग्रेस के दो सदस्य राज्यसभा पहुंचेंगे।
विधानसभा - ( पार्टियों कीसीटवार स्थिति)
| कांग्रेस | 114 |
| भाजपा | 108 |
| निर्दलीय | 4 |
| बसपा | 2 |
| सपा | 1 |
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source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/silvata-raised-demand-to-send-scindia-to-rajya-sabha-126408741.html
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