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मप्र का हनीट्रैप कांड 17 सितंबर को तब पहली बार सामने आया, जब इंदौर नगर निगम में कार्यरत इंजीनियर हरभजन सिंह ने पलासिया थाने में खुद को ब्लैकमेल किए जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि ये कांड इतना बड़ा बन जाएगा, उसे खुद अंदाजा नहीं रहा होगा। इसके बाद प्रदेश में फैली हनीट्रैप की कहानियां उजागर होनी शुरू हुईं, तब इसमें कई नौकरशाह, राजनेताओं की संदिग्ध भूमिका सामने आई।एफआईआर में हरभजन सिंह ने दावा किया था कि उन्हें 29 वर्षीय आरती दयाल नाम की एक महिला द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। उक्त महिला ने तीन करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी और रकम न चुकाने पर इंजीनियर के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई थी। पुलिस की जांच पता चला कि एक गैर सरकारी संगठन ने कथित तौर पर राजनेताओं, नौकरशाहों और कई बड़े रसूखदारों को ब्लैकमेल करने के लिए उनके अश्लील वीडियो बनाए हैं।पुलिस ने भोपाल की संदिग्ध मास्टरमाइंड श्वेता स्वप्निल जैन सहित पांच महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है।
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इंदौर के माफिया जीतू सोनी पर पहली बार प्रशासन ने 30 नवंबर को केस दर्ज किया। इसके बाद एक-एक कर पुलिस ने जीतू सोनी पर हत्या, ब्लैकमेलिंग, धमकी और बलात्कार से जुड़े 55 से ज्यादा केस दर्ज किए हैं। जीतू का आलीशान बंगला, चर्चित 'माय होम होटल' समेत कुछ अन्य होटलों को ढहाने के साथ ही इंदौर से प्रकाशित होने वाले 'संझा लोकस्वामी' अखबार की इमारत समेत तमाम संपत्तियों को जिला प्रशासन ने जमींदोज कर दिया है। जीतू सोनी सांझा लोकस्वामी अखबार का मालिक है, जो रोज शाम को प्रकाशित होता है। इसी अखबार में हनी ट्रैप से जुड़े बातचीत के कुछ अंश प्रकाशित हुए थे। आरोपों के मुताबिक ये बातचीत 5 महिलाओं और शिवराज सरकार के एक मंत्री और मुख्य सचिव के बीच हुई थी। अखबार के वेब पोर्टल पर हनीट्रैप कांड से जुड़े वीडियो अपलोड किए गए थे, जिसके बाद जीतू सोनी के ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए थे।
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13 सितंबर को गणेश विसर्जन के दौरान छोटा तालाब के खटलापुरा घाट पर तड़के करीब 4:30 बजे गणेश विसर्जन के दौरान दो नाव पलटीं थी। इसमें सवार 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 6 लोगों को बचा लिया गया था। मृतकों में शामिल ज्यादातर युवा थे और 20-22 साल के थे। बताया गया था कि हादसे की वजह दोनों नावों का जुड़ा होना था, जिसमें 20-25 लोग सवार थे। इस बीच मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई गई और दो नाविकों पर केस दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मृतकों के परिजन को 11-11 लाख और नगर निगम ने 2-2 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया था।
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12 फरवरी को सतना के चित्रकूट के तेल कारोबारी बृजेश रावत के जुड़वां बच्चों प्रियांश और श्रेयांश को 12 फरवरी को स्कूल बस से 2 नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था। एमपी और यूपी पुलिस के ज्वाइंट आपरेशन के बाद भी अभी तक अपह्त बच्चों और अपहरणकर्ताओं का सुराग नहीं मिला था और बाद में दोनों बच्चों के शव मिले थे। बच्चों को मारकर फेंक दिया गया था। इसके पहले 19 फरवरी को 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। बाद में पुलिस ने अपह्त 6 साल के जुड़वां भाइयों प्रियांश और श्रेयांश रावत की रिहाई के एवज में परिजनों से 10 लाख की फिरौती मांगने के आरोपी विनोद मिश्रा और भोला गुप्ता को चित्रकूट की अदालत ने मार्च तक जेल भेज दिया था। केस अब भी जारी है।
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18 अक्टूबर को मप्र के होशंगाबाद में हुए जबरदस्त कार हादसे में राष्ट्रीय स्तर से चार हॉकी खिलाड़ियों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य जख्मी हुए थे। ये चारो खिलाड़ी होशंगाबाद में होने जा रही मेजर ध्यानचंद हॉकी टूर्नामेंट में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के वक्त खिलाड़ी स्विफ्ट डिजायर कार में सवार थे, इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से जा टकराई. कार की स्पीड बेहद तेज थी। कार की टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और टक्कर के बाद कार सड़क किनारे बने एक गड्ढे में जा धंसी। मृतकों में शाहनवाज खान निवासी इंदौर, आदर्श हरदुआ निवासी इटारसी, आशीष लाल निवासी जबलपुर और अनिकेत निवासी ग्वालियर शामिल थे।
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3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के इंदौर से छतरपुर जा रही बस रात एक बजे अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। हादसा रायसेन स्थित दरगाह के पास रीछन नदी के पुल पर हुआ था। इस हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे समेत 8 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 30 घायलों को रेस्क्यू किया गया था। रात भर बचाव कार्य चले थे, जिसमें करीब 16 लोगों की जान बचाई गई थी। नदी में बहाव तेज होने के कारण रात को रेस्क्यू में दिक्कत आई, इसके बाद पुलिस टीम ने गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चलाया।
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20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल के बाद जबलपुर शहर के चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके तीन दिन बाद कर्फ्यू सोमवार को सुबह हटाया गया। 2019 में मप्र के किसी शहर में लगा पहला और आखिरी कर्फ्यू था। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद गोहलपुर, कोतवाली , हनुमानताल, आधारताल में कर्फ्यू लगाया गया था। शहर में धारा 144 अभी भी लागू है।
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मप्र में इस बार बारिश आफत बन गई। बाढ़, अतिवृष्टि और सड़कों के टूटने से मप्र को 11,906 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, वहीं बाढ़ के कारण 225 लोगों की मौत हो गई। राज्य के 52 में से 36 जिलों में भारी बारिश और बाद में बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ। भारी वर्षा के कारण 24 लाख हेक्टेयर भूमि पर 9,600 करोड़ रुपये की फसल नष्ट हो गई, जिससे राज्य के लगभग 22 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से 1400 मवेशी मारे गये हैं। इसके अलावा 1566 करोड़ रुपये की सड़के बारिश से नष्ट हो गयीं।
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17 जनवरी को मंदसौर नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा नेता प्रह्लाद बंधवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद 20 जनवरी को बड़वानी जिले के बलवाड़ी में भाजपा नेता मनोज ठाकरे की भी हत्या कर दी गई और फिर 23 जनवरी को रतलाम में आरएसएस से जुड़े हिम्मत पाटीदार की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। भाजपा ने सूबे की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और कांग्रेस पर राजनीतिक हत्याएं कराने का आरोप भी लगाया था।
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26 जून को इंदौर-3 क्षेत्र से भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम के एक अधिकारी को एक जर्जर भवन गिराए जाने पर बल्ले से मारने का वीडियो वायरल हो गया था। बल्ला से पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आकाश को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई और वह रिहा हो गए। आकाश विजयवर्गीय को भोपाल की विशेष अदालत से जमानत मिली थी। 26 जून को इंदौर नगर निगम के अधिकारी को बल्ले से पीटने के आरोपी आकाश विजयवर्गीय पर उसी दिन मुकदमा दर्ज हुआ था और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
Saturday, December 28, 2019
10 बड़े घटनाक्रम, जिनकी वजह से देश में चर्चाओं में रहा मध्यप्रदेश
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Bhopal news
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