Tuesday, December 31, 2019

प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी; बारिश से हो सकती है नए साल की शुरुआत, दतिया सबसे ठंडा रहा, पारा 1.4 डिग्री

भोपाल. मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब कई इलाकों में बूंदाबांदी भी शुरू हो गई है। मंगलवार सुबह इंदौर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं राजधानी भोपाल में भी मंगलवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह से धुंध छाई हुई है। मौसम विभाग ने नए साल में भोपाल में बारिश होने का अनुमान जताया है। उधर, ग्वालियर-चंबल में कड़ाके की ठंड जारी है। सोमवार को ग्वालियर में इतिहास में सबसे ठंडा दिन रहा। यहां पर अधिकतम तापमान गिरकर 8.3 डिग्री तक पहुंच गया।

मंगलवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान दतिया में दर्ज किया गया। यहां पर न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री और टीकमगढ़ में 2.2 डिग्री रहा। वहीं ग्वालियर और नौगांव में पारा 3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दतिया में ठंड से पक्षियों की मौत हो गई है। यहां के पुलिस लाइंस मैदान में सुबह बड़ी तादात में तोड़े मरे पाए गए। मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री, इंदौर में 12.4 डिग्री और जबलपुर में 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। रायसेन और विदिशा समेत राज्य के कई जिलों में सुबह से घना कोहरा छाया हुआ है। शहडोल और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है। शहडोल-उमरिया रोड और शहडोल-रीवा रोड पर वाहन चलाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को गाड़ियों की हेड लाइट जलाकर वाहन निकालने पड़ रहे हैं।

30 साल के रिकॉर्ड में सबसे ठंडा रहा सोमवार का दिन
अंचल सहित पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी का सितम जारी है। साेमवार काे प्रदेश में सबसे ठंडा दिन ग्वालियर का रहा। जबकि रात भिंड की सबसे ठंड़ी रही। ग्वालियर में दिन में कड़ाके की सर्दी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। माैसम कार्यालय में उपलब्ध रिकार्ड के मुताबिक पिछले तीस साल में ग्वालियर में दिन में इतने कड़ाके की ठंड कभी नहीं रही। ग्वालियर में दिन का तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ ही सोमवार को सीजन का 11 वां कोल्ड डे रहा। वहीं 23 साल बाद दिसंबर की रात सबसे सर्द रही। सोमवार को यहां न्यूनतम पारा 2.2 डिग्री दर्ज हुआ। इससे पहले 11 दिसंबर 1996 को न्यूनतम पारा 2.2 डिग्री रहा था।


तीसरे दिन भी फसलों पर जम गई ओस की बूंदें
शहर में तीसरे दिन सोमवार को भी फसलों पर बर्फ जम गई। इन दिनों धूप भी कभी 9 बजे तो कभी 10 बजे ही निकली है। इसके चलते बर्फ फसलों पर देरी तक जमी रही। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि जल्दी धूप निकलती है तो फसलों से बर्फ जल्दी पिघल जाती है। धूप निकलने में जितनी अधिक देरी होती है बर्फ पिघलने में उतना ही समय लगता है। अधिक देरी तक फसलों पर बर्फ जमने से अधिक नुकसान होता है। फसलों में नुकसान होने से किसान चिंतित है।
किसानों का कहना है कि पाला पड़ने से उत्पादन घट जाएगा। इससे फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। जिले के ज्यादातर इलाकों में तुअर की फसल बोई गई है। इसलिए क्षेत्र के किसान ज्यादा चिंतित हैं।

आगे क्या : 1 से 3 जनवरी तक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सोमवार की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ एवं निचले तल की पूर्वी हवाओं के परस्पर प्रभाव (इंटरसेक्शन) के कारण 1, 2 एवं 3 जनवरी को मप्र सहित मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत से सटे प्रमुख हिस्से में अनेक स्थानों से अधिकांश स्थानों पर गरज चमक और बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है। आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान मप्र के न्यूनतम तापमानों में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन आगामी 2 दिनों के दौरान उत्तरी मप्र के कुछ क्षेत्रों में घने से बहुत घना कोहरे की संभावना है। आगामी 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मप्र में कहीं-कहीं गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने एवं उत्तरी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं घने कोहरे की संभावना है।

जिलों और शहर का तापमान
राज्य के 25 से ज्यादा जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। शिवपुरी- 7.0, दतिया- 1.4, श्योपुर- 4.6, टीकमगढ़- 2.2, नौगांव - 3.0, खजुराहो- 3.5, भोपाल- 9.4, ग्वालियर- 3.0, सागर- 6.8, रतलाम- 6.5, गुना- 6.0, धार- 7.6, खंडवा- 12.4, खरगोन- 9.2, इंदौर- 12.4, जबलपुर- 8.6, होशंगाबाद- 14.0, बैतूल- 8.0, पचमढ़ी 13.0, सतना- 7.0, सीधी- 9.4, रीवा- 6.6, शाजापुर- 10.5, राजगढ़- 9.4, उज्जैन- 10.8, सिवनी- 10.4, उमरिया- 5.8, मलाजखंड़- 9.7, नरसिंहपुर- 7.0 और दमोह- 5.6 डिग्री दर्ज किया गया।



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मप्र में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। रायसेन सुबह से कोहरे से ढंका हुआ है।
रायसेन में कई जगह ओस लगातार तीसरे दिन भी सुबह जम गई।
मौसम विभाग के अनुसार, अगर लगातार पाला पड़ा तो फसलों को नुकसान होगा।
रायसेन की एक सड़क कोहरे में ढंकी हुई है। यहां पर लोगों को निकलने में वाहनों की हेड लाइट जलानी पड़ रही है।
दतिया में भीषण ठंड के चलते रात को पक्षियों की मौत हो गई।


source https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/severe-cold-continues-in-the-state-may-start-new-year-due-to-rain-datia-remains-the-coldest-mercury-14-degrees-126408702.html

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