इंदौर (राजीव तिवारी). फिल्मबाहुबली में जिस माहिष्मति नगर का जिक्र है, एक ऐसा ही नगर इतिहास में कभी मध्य प्रदेश में भी हुआ करता था। इंदौर शहर से करीब सौ किमीदूर कभी माहिष्मति नगर के नाम से जाना जाने वाला महेश्वर अब टूरिस्ट डेस्टिनेशन के साथ ही बाॅलीवुड की पहली पसंद बन चुका है। यही वजह है कि 2020 को वेलकम करने यहां बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं,जो यहां मौजूद 250 साल पुरानेकिले के साथघाट पर सैकड़ों छोटे-बड़ेमंदिर और कल-कल बहती नर्मदा को निहारेंगे। यहां मौजूद होटल, लॉज 15 दिन पहले ही भर चुके हैं। नववर्ष के मौके पर जानें देवी अहिल्या की राजधानी महेश्वर के बारे में, जहां राजा सहस्त्रबाहु ने रावण को कैद कर लिया था।
250 साल पुराना हैकिला
- मध्य प्रदेश का महेश्वर शहर खूबसूरती के लिहाज से काफी लोकप्रिय है।
- नर्मदा नदी के पास बने 250 साल पुरानेकिले में देश-विदेश से टूरिस्ट आते हैं।
- रानी देवी अहिल्या के शासनकाल में महेश्वरी साड़ी की विश्वस्तर की पहचान बनी।
- रामायण और महाभारत में महेश्वर को महिष्मती के नाम से संबोधित किया गया है।
- देवी अहिल्याबाई के समय में बनाए गए सुंदर घाटों का प्रतिबिम्ब नदी में दिखताहै।
- महेश्वरकिले के अंदर रानी अहिल्याबाई की राजगद्दी पर बैठी एक प्रतिमा रखी है।
- महेश्वर घाट के पास कालेश्वर, राजराजेश्वर, विठ्ठलेश्वर और अहिलेश्वर के सुंदर मंदिर हैं।
- किले के अंदर हेरिटेज होटल भी है, जो किसी रॉयल होटल से कम नहीं है।
- किले में बने होटल में 13 कमरे हैं। जिसमें 2 रॉयल सूट है, जिसमें प्राइवेट बालकनी है।
- होटल के ज्यादातर कमरोंसे नर्मदा नदी की खूबसूरती नजर आती है।
- इस होटल की खास बात है कि यहां बनाई जाने वाली सब्जियां यहीं गार्डन में उगाई जाती हैं।
जानिए, कौन थे सहस्त्रबाहु
- कभी महिष्मती नगर (आज का महेश्वर) में राजा सहस्त्रार्जुन का शासन था। वे क्षत्रियों के हैहय वंश के राजा कार्तवीर्य और रानी कौशिक के पुत्र थे। उनका का वास्तविक नाम अर्जुन था।
- उन्होंने दत्तात्रेय भगवान को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की। उनकी इस तपस्या से भगवान दत्तात्रेय प्रसन्न हुए और वरदान मांगने की बात कही।
- तब सहस्त्राबाहुने दत्तात्रेय से 1 हजार हाथों होने का वर मांगा। इसके बाद से उनका नाम अर्जुन से सहस्त्रार्जुन पड़ गया।
एक हजार हाथों से रोक दिया नर्मदा का बहाव
- महाराज सहस्त्रबाहु उन पराक्रमी राजाओं में से थे, जिन्होंने रावण को भी अपनी मुट्ठी में कैद कर लिया था।
- वाल्मीकि रामायण के मुताबिक, राक्षसों का राजा रावण लगभग सभी राजाओं पर जीत हासिल कर चुका था।
- जब रावण नेराजा सहस्त्रबाहु का नाम सुना तो उसके मन में उन्हें भी हराने की इच्छा हुई।
- उन्हें जीतने वह माहिष्मती पहुंचा। उस समय सहस्त्रबाहु अपनी पत्नियों के साथ नदी में जल-क्रीड़ा कर रहे थे।
- रावण को जब पता चला कि सहस्त्रबाहु अर्जुन नगर में नहीं है तो वह युद्ध की इच्छा से वहीं रुक गया।
- नर्मदा नदीकी जलधारा देखकर रावण ने वहां भगवान शिव की पूजा करने के बारे में सोचा।
- जिस जगह पर रावण भगवान शिव की पूजा कर रहा था, वहां से थोड़ी दूर सहस्त्रबाहु जल-क्रीड़ा में मग्न थे।
- सहस्त्रबाहु ने अपने 1 हजार हाथों से नर्मदा का बहाव रोक दिया, जिससे पानी तटों के ऊपर चढ़ने लगा।
दादा ने कराया था रावण को मुक्त
- जिस जगह पर रावण भगवान शिव की पूजा कर रहा था, वह भी नर्मदा के जल में डूब गया। अचानक नर्मदा में आई इस बाढ़ का कारण जानने के लिए रावण ने अपने सैनिकों को भेजा।
- सहस्त्रबाहु ने अचानक नर्मदा का जल छोड़ दिया, जिससे रावण की पूरी सेना बहाव में बह गई। इस हार के बाद रावण सहस्त्रबाहु से युद्ध करने पहुंचा और उन्हें ललकारा।
- नर्मदा के तट पर ही रावण और सहस्त्रबाहु अर्जुन में भयंकर युद्ध हुआ। आखिर में सहस्त्रबाहु अर्जुन ने रावण को कैद कर लिया।
- जब यह बात रावण के दादा पुलस्त्य ऋषि को पता चली तो वे सहस्त्रबाहु अर्जुन के पास आए और अपने पाेते को वापस मांगा।
- महाराज सहस्त्रबाहु ने ऋषि के सम्मान में उनकी बात मानते हुए रावण पर विजय पाने के बाद भी उसे मुक्त कर दिया और उससे दोस्ती कर ली।
इन फिल्मों की हुई शूटिंग
दबंग-3, पैडमैन, बाजीराव मस्तानी,सुटेबल बाय, 'मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ झांसी', यमला पगला दीवाना, यमला पगला दीवाना-2, तेवर, नीरजा भनोट, पैडमैन, जीनियस, गौतमीपुत्र शतकर्णी और कलंक।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/mp/indore/news/maheshwar-things-to-know-about-126409061.html
No comments:
Post a Comment