Tuesday, December 31, 2019

कूड़े के ढेर में मिला आंगनवाड़ी के बच्चों को दिया जाने वाला दूध पावडर, अफसरों ने कहा हमारे नहीं

झाबुआ/राणापुर.कुपोषण दूर करने के लिए शासन द्वारा स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को दिया जाने वाला मीठा सुगंधित दूध पावडर लावारिस हालत में मिला। बायपास रोड पर कूड़े के ढेर में मिले सांची दूध पावडर के ये बेग एक्सपायरी डेट के थे। इस सूचना के बाद प्रशासन ने नप के अमले को भेज सब बेग हटवा लिए। महिला एवं बाल विकास विभाग व सर्व शिक्षा मिशन दोनों की ओर से ये बेग उनके नहीं होने की बात कही गई है। हालांकि दूध पावडर के पैकेट स्कूल चले हम दूध पीएं हम छपा हुआ है।


बायपास रोड पर नियमित घूमने जाने वालों ने बताया सुबह जब वे घूमने गए थे तब बेग वहां नहीं थे। शाम को करीब 6 बजे वे घूमने गए तब कूड़े के ढेर पर ये बेग दिखे। उन लोगों के अनुसार 20 से ज्यादा बेग होने का अंदाजा लगाया गया। मीडिया में मामला आने के बाद कलेक्टर प्रबल सिपाहा ने दोनों विभागों के अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर जांच करने को कहा। दूध पावडर के पैकेट पर निर्माण तिथि फरवरी 16 की अंकित है। यह अप्रैल 16 तक ही उपयोग योग्य था। चूंकि दूध पावडर एक्सपायरी डेट का था ऐसे में कोई ग्रामीण उसका उपयोग न कर ले, इस आशंका से प्रशासन ने नगर परिषद के अमले को भेजकर सभी बेग व खुले पड़े पैकेट वहां से रात 10 बजे उठवा लिए। 10 बेग पूरे व खुले पड़े 40 पैकेट मिले। पंचनामा बनाकर बेग नप कार्यालय में लाए गए। जिले से मिले निर्देश के बाद इन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड में खड्डा खोदकर गाड़ दिया गया।

बिखरी हुई थी दूध पावडर की थैलियां
महिला बाल विकास के सहायक संचालक अजय चौहान मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे। उन्हें वहां दूध पावडर की खाली थैलियां बिखरी हुई मिली। बीआरसी कनिया पालिया व बीएसी रजनीश नाहर भी मौके पर पहुंचे। दोनों विभागों ने दूध पावडर अपना मानने से इनकार कर दिया।


हमारे विभाग के नहीं पैकेट

####ऐसी है व्यवस्था : महिला बाल विकास से मिली जानकारी अनुसार स्थानीय परियोजना में 10 सेक्टर है। 3 से 4 बेग प्रति सेक्टर के मान से प्रतिमाह 37 बेग वितरण के लिए मंगवाए जाते है। उधर सर्व शिक्षा अभियान के एमडीएम प्रभारी दूलेसिंह भाभोर ने बताया विकासखंड में 9 संकुल है। औसत प्रति संकुल 4 से 5 बेग का है। प्रतिमाह मांग अनुसार 40 से 48 बेग वितरण जनशिक्षकों के माध्यम से होता है। सप्ताह में 3 दिन सोम, बुध व शुक्रवार को बच्चों को स्व सहायता समूह ये फ्लेवर्ड दूध तैयार कर देते हैं।

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मंगलवार काे गड्ढा खाेदकर दूध पावडर के पैकेट जमीन में गाड़े गए।
कूड़े के ढेर में पड़े दूध पावडर के पैकेट


source https://www.bhaskar.com/mp/ratlam/news/milk-powder-given-to-the-children-of-anganwadi-found-in-the-garbage-heap-the-officials-said-not-ours-126409942.html

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