शहर से करीब 15 किमी दूर बढ़िया गांव से चाेरल डेम जाने वाले रास्ते पर सावन में हरे-भरे जंगल में पतझड़ का नजारा नजर अा रहा है। यहां करीब करीब एक किमी मार्ग पर सड़क किनारे लगे सागवान के पेड़ाें पर इल्लियाें ने वाॅर किया है। जिससे पत्ते सूखने के साथ ही पीले पड़ गए व जालीदार हाे गए हंै। जिससे यहां का नजारा पतझड़ की तरह नजर अा रहा है।
कारण : खेताें मेंकीटनाशक डाला ताे जंगल में आ गई इल्लियां, सिर्फ पत्ते खाती हैं
वन विभाग के डिप्टी रेंजर आरएस दुबे ने बताया कि बारिश का ब्रेक हाेने के साथ ही किसानाें ने खेताें में फसल बचाने के लिए कीटनाशक डाला है। जिसके चलते ये इल्लियां अब जंगलाें में आ गई हैं। यह सिर्फ सागवान के पेड़ाें पर हमला कर उसके हरे-भरे पत्ते खाती हैं और उन पत्ताें काे जालीदार व पीला कर देती है।
वैज्ञानिक नाम टीडिफलाेटर
तेज बारिश में नष्ट हाे जाएंगी, 15 दिन में फिर हरे होंगे पत्ते
डिप्टी रेंजर दुबे ने बताया कि सामान्य भाषा में इसे इल्ली द्वारा पेड़ नष्ट करना कहा जाता है। जबकि इल्ली का वैज्ञानिक नाम टीडिफलाेटर है। अब एक बार सतत तेज बारिश हाेने से यह इल्लियां सीधे नीचे गिर खुद ही नष्ट हाे जाएंगी। इसके 15 दिन बाद फिर से यह पत्ते हरे हाे जाएंगे।
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source https://www.bhaskar.com/local/mp/indore/mhow/news/illia-attacked-the-leaves-of-green-trees-in-the-forest-yellow-and-netted-leaves-127528735.html
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